दिल्ली बिजली सुधार: मई में 8,441 MW मांग पूरी, पावर मास्टर प्लान से कटौती की घटनाएँ शून्य
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार, 26 मई 2026 को बताया कि राजधानी में बिजली बुनियादी ढाँचे में किए गए व्यापक सुधारों के चलते इस गर्मी में अब तक किसी भी क्षेत्र में दो घंटे से अधिक की बिजली कटौती की कोई घटना दर्ज नहीं हुई है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब 25 मई 2026 को दिल्ली का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया और बिजली खपत 168 मिलियन यूनिट रही — जो पिछले वर्ष इसी तारीख की 110 मिलियन यूनिट खपत से कहीं अधिक है।
मुख्य घटनाक्रम
बिजली मंत्री आशीष सूद ने बताया कि पिछले वर्ष 12 जून को दिल्ली में बिजली की अधिकतम माँग 8,441 मेगावाट दर्ज हुई थी, जबकि इस वर्ष यह आँकड़ा मई माह में ही पार कर लिया गया। यह तथ्य दर्शाता है कि राजधानी का बिजली ढाँचा पहले की तुलना में कहीं अधिक सक्षम हो चुका है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 25 मई को तापमान 43°C था, जबकि पिछले वर्ष इसी दिन यह 32°C था — अर्थात् 11 डिग्री अधिक तापमान के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था बाधित नहीं हुई।
पावर मास्टर प्लान: क्या है योजना
दिल्ली सरकार ने बिजली आपूर्ति को दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक 'पावर मास्टर प्लान' तैयार किया है। इस योजना के तहत बिजली वितरण नेटवर्क, ट्रांसफॉर्मर क्षमता और समग्र आपूर्ति तंत्र को चरणबद्ध तरीके से उन्नत किया जा रहा है।
मंत्री के अनुसार, अगले दो वर्षों में यह बुनियादी ढाँचा और अधिक आधुनिक हो जाएगा तथा सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य बिजली कटौती की समस्या को पूरी तरह समाप्त करना है।
पिछले वर्ष से तुलना
गौरतलब है कि 2025 की गर्मियों में दिल्ली में तकनीकी खामियों के कारण व्यापक बिजली कटौती हुई थी और दो घंटे से अधिक की कटौती की 147 घटनाएँ दर्ज की गई थीं। इस वर्ष अब तक ऐसी एक भी घटना सामने नहीं आई है — यह सुधार की दिशा में एक उल्लेखनीय बदलाव है।
यह ऐसे समय में और भी महत्त्वपूर्ण है जब देश के कई अन्य महानगरों में भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।
आम जनता पर असर
राजधानी के निवासियों के लिए यह बदलाव सीधे तौर पर राहत का संकेत है। बढ़ती माँग के बावजूद निर्बाध आपूर्ति का मतलब है कि घरेलू उपकरण, अस्पताल, स्कूल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना व्यवधान के संचालित हो सकते हैं।
हालाँकि, स्वतंत्र विशेषज्ञों का कहना है कि दीर्घकालिक सफलता के लिए वितरण कंपनियों की जवाबदेही और नेटवर्क के नियमित रखरखाव पर भी उतना ही ध्यान देना ज़रूरी है।
क्या होगा आगे
बिजली मंत्री आशीष सूद ने स्पष्ट किया कि सुधार की प्रक्रिया जारी है और सरकार निरंतर निगरानी के ज़रिए बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पावर मास्टर प्लान के अगले चरण में ट्रांसफॉर्मर क्षमता विस्तार और स्मार्ट ग्रिड तकनीक की दिशा में कदम उठाए जाने की उम्मीद है।