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दिल्ली बिजली सुधार: मई में 8,441 MW मांग पूरी, पावर मास्टर प्लान से कटौती की घटनाएँ शून्य

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दिल्ली बिजली सुधार: मई में 8,441 MW मांग पूरी, पावर मास्टर प्लान से कटौती की घटनाएँ शून्य

सारांश

43°C तापमान और रिकॉर्ड 168 MU खपत के बावजूद दिल्ली में इस गर्मी दो घंटे से अधिक की बिजली कटौती की एक भी घटना नहीं — जबकि पिछले साल ऐसी 147 घटनाएँ दर्ज हुई थीं। बिजली मंत्री आशीष सूद के अनुसार, पावर मास्टर प्लान के तहत हो रहे सुधार अब ज़मीन पर दिखने लगे हैं।

मुख्य बातें

25 मई 2026 को दिल्ली में बिजली खपत 168 मिलियन यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की 110 मिलियन यूनिट से काफी अधिक है।
इस वर्ष मई में ही 8,441 मेगावाट की अधिकतम माँग पूरी की गई, जो पिछले साल 12 जून को दर्ज हुई थी।
इस गर्मी दिल्ली में दो घंटे से अधिक की बिजली कटौती की अब तक एक भी घटना नहीं , जबकि 2025 में ऐसी 147 घटनाएँ हुई थीं।
25 मई को तापमान 43°C था, पिछले वर्ष इसी दिन यह 32°C था।
दिल्ली सरकार के 'पावर मास्टर प्लान' के तहत वितरण नेटवर्क और ट्रांसफॉर्मर क्षमता को उन्नत किया जा रहा है।
बिजली मंत्री आशीष सूद के अनुसार अगले दो वर्षों में बुनियादी ढाँचा और अधिक आधुनिक होगा।

दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार, 26 मई 2026 को बताया कि राजधानी में बिजली बुनियादी ढाँचे में किए गए व्यापक सुधारों के चलते इस गर्मी में अब तक किसी भी क्षेत्र में दो घंटे से अधिक की बिजली कटौती की कोई घटना दर्ज नहीं हुई है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब 25 मई 2026 को दिल्ली का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया और बिजली खपत 168 मिलियन यूनिट रही — जो पिछले वर्ष इसी तारीख की 110 मिलियन यूनिट खपत से कहीं अधिक है।

मुख्य घटनाक्रम

बिजली मंत्री आशीष सूद ने बताया कि पिछले वर्ष 12 जून को दिल्ली में बिजली की अधिकतम माँग 8,441 मेगावाट दर्ज हुई थी, जबकि इस वर्ष यह आँकड़ा मई माह में ही पार कर लिया गया। यह तथ्य दर्शाता है कि राजधानी का बिजली ढाँचा पहले की तुलना में कहीं अधिक सक्षम हो चुका है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 25 मई को तापमान 43°C था, जबकि पिछले वर्ष इसी दिन यह 32°C था — अर्थात् 11 डिग्री अधिक तापमान के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था बाधित नहीं हुई।

पावर मास्टर प्लान: क्या है योजना

दिल्ली सरकार ने बिजली आपूर्ति को दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक 'पावर मास्टर प्लान' तैयार किया है। इस योजना के तहत बिजली वितरण नेटवर्क, ट्रांसफॉर्मर क्षमता और समग्र आपूर्ति तंत्र को चरणबद्ध तरीके से उन्नत किया जा रहा है।

मंत्री के अनुसार, अगले दो वर्षों में यह बुनियादी ढाँचा और अधिक आधुनिक हो जाएगा तथा सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य बिजली कटौती की समस्या को पूरी तरह समाप्त करना है।

पिछले वर्ष से तुलना

गौरतलब है कि 2025 की गर्मियों में दिल्ली में तकनीकी खामियों के कारण व्यापक बिजली कटौती हुई थी और दो घंटे से अधिक की कटौती की 147 घटनाएँ दर्ज की गई थीं। इस वर्ष अब तक ऐसी एक भी घटना सामने नहीं आई है — यह सुधार की दिशा में एक उल्लेखनीय बदलाव है।

यह ऐसे समय में और भी महत्त्वपूर्ण है जब देश के कई अन्य महानगरों में भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।

आम जनता पर असर

राजधानी के निवासियों के लिए यह बदलाव सीधे तौर पर राहत का संकेत है। बढ़ती माँग के बावजूद निर्बाध आपूर्ति का मतलब है कि घरेलू उपकरण, अस्पताल, स्कूल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना व्यवधान के संचालित हो सकते हैं।

हालाँकि, स्वतंत्र विशेषज्ञों का कहना है कि दीर्घकालिक सफलता के लिए वितरण कंपनियों की जवाबदेही और नेटवर्क के नियमित रखरखाव पर भी उतना ही ध्यान देना ज़रूरी है।

क्या होगा आगे

बिजली मंत्री आशीष सूद ने स्पष्ट किया कि सुधार की प्रक्रिया जारी है और सरकार निरंतर निगरानी के ज़रिए बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पावर मास्टर प्लान के अगले चरण में ट्रांसफॉर्मर क्षमता विस्तार और स्मार्ट ग्रिड तकनीक की दिशा में कदम उठाए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 MW से ऊपर जा सकती है — यह ढाँचा कैसा प्रदर्शन करता है। पावर मास्टर प्लान की सफलता दीर्घकालिक रखरखाव और वितरण कंपनियों की जवाबदेही पर निर्भर करेगी, जो अतीत में कमज़ोर कड़ी रही है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली का 'पावर मास्टर प्लान' क्या है?
यह दिल्ली सरकार की एक व्यापक बिजली सुधार योजना है जिसके तहत वितरण नेटवर्क, ट्रांसफॉर्मर क्षमता और आपूर्ति तंत्र को चरणबद्ध तरीके से उन्नत किया जा रहा है। इसका लक्ष्य भविष्य में बिजली कटौती को पूरी तरह समाप्त करना है।
इस साल दिल्ली में बिजली कटौती में कितना सुधार हुआ है?
बिजली मंत्री आशीष सूद के अनुसार, 2025 की गर्मियों में दो घंटे से अधिक की कटौती की 147 घटनाएँ दर्ज हुई थीं, जबकि 2026 में अब तक ऐसी एक भी घटना सामने नहीं आई है। यह सुधार ऐसे समय में आया है जब बिजली माँग और तापमान दोनों पिछले वर्ष से अधिक हैं।
25 मई 2026 को दिल्ली में बिजली खपत कितनी रही?
25 मई 2026 को दिल्ली में 168 मिलियन यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई। पिछले वर्ष इसी तारीख को यह आँकड़ा 110 मिलियन यूनिट था, और उस दिन तापमान 32°C था जबकि इस बार 43°C दर्ज हुआ।
दिल्ली में अधिकतम बिजली माँग का रिकॉर्ड क्या है?
पिछले वर्ष 12 जून को दिल्ली में बिजली की अधिकतम माँग 8,441 मेगावाट दर्ज की गई थी। इस वर्ष यह स्तर मई माह में ही पार कर लिया गया, जो बुनियादी ढाँचे की बढ़ी हुई क्षमता का संकेत है।
दिल्ली में बिजली सुधार का आम नागरिकों पर क्या असर होगा?
निर्बाध बिजली आपूर्ति से घरेलू उपभोक्ताओं, अस्पतालों, स्कूलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सीधा लाभ मिलता है। बिजली मंत्री के अनुसार अगले दो वर्षों में बुनियादी ढाँचा और मज़बूत होगा, जिससे दीर्घकालिक राहत मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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