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मई 2026 में बिजली खपत 11.55% उछली, पीक डिमांड 270.82 GW के रिकॉर्ड पर पहुंची

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मई 2026 में बिजली खपत 11.55% उछली, पीक डिमांड 270.82 GW के रिकॉर्ड पर पहुंची

सारांश

मई 2026 में भीषण गर्मी ने भारत की बिजली व्यवस्था को नई सीमाओं तक धकेला — खपत 11.55% उछलकर 164.98 BU पर और पीक डिमांड 270.82 GW के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर। लगातार चार दिन नए रिकॉर्ड बने, और IMD की चेतावनी के मद्देनजर आगे भी राहत मिलती नहीं दिख रही।

मुख्य बातें

मई 2026 में भारत की बिजली खपत सालाना 11.55% बढ़कर 164.98 BU पर पहुंची, जो मई 2025 की 147.89 BU से काफी अधिक है।
21 मई 2026 को पीक पावर डिमांड 270.82 GW के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंची।
लगातार चार दिनों (18–21 मई) तक नए पीक डिमांड रिकॉर्ड दर्ज हुए।
मई 2024 का लगभग 250 GW का पिछला सर्वकालिक रिकॉर्ड इस बार पार हो गया।
बिजली मंत्रालय का 270 GW पीक डिमांड का पूर्वानुमान सटीक साबित हुआ।
IMD के अनुसार तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना से आने वाले हफ्तों में भी माँग ऊंची बनी रह सकती है।

भीषण गर्मी और लू की चपेट में आए भारत में मई 2026 के दौरान बिजली की खपत सालाना आधार पर 11.55 प्रतिशत बढ़कर 164.98 बिलियन यूनिट (BU) के स्तर पर पहुंच गई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एक साल पहले मई 2025 में यह खपत 147.89 BU थी। एयर कंडीशनर, डेजर्ट कूलर और अन्य कूलिंग उपकरणों की बढ़ती माँग ने देश के बिजली ग्रिड पर असाधारण दबाव बनाया।

रिकॉर्ड पीक डिमांड का क्रमिक उभार

मई महीने में लगातार चार दिनों तक पीक पावर डिमांड के नए कीर्तिमान स्थापित हुए। 18 मई को अधिकतम माँग 257.37 गीगावाट (GW) दर्ज हुई, जो 19 मई को 260.45 GW पर पहुंची। 20 मई को यह आँकड़ा 265.44 GW तक बढ़ा और 21 मई को 270.82 GW के सर्वकालिक उच्चतम स्तर को छू लिया। तुलनात्मक रूप से, मई 2025 में पीक डिमांड 230.99 GW थी — यानी एक वर्ष में करीब 40 GW की छलांग।

पिछले सभी रिकॉर्ड पीछे छूटे

इससे पहले इस वर्ष का सर्वोच्च स्तर 25 अप्रैल को 256.11 GW था, जो मई के अंत तक पुराना पड़ गया। मई 2024 में दर्ज लगभग 250 GW का पिछला सर्वकालिक रिकॉर्ड भी इस बार पार हो गया। गौरतलब है कि पिछले वर्ष गर्मियों की सर्वाधिक माँग जून 2025 में 242.77 GW थी, जो सरकार के अनुमानित 277 GW से काफी कम रही थी।

बिजली मंत्रालय का पूर्वानुमान सटीक निकला

यह उपलब्धि बिजली मंत्रालय के उस पूर्वानुमान के अनुरूप है जिसमें 2026 की गर्मियों में अधिकतम माँग 270 GW तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी। मंत्रालय का यह अनुमान इस बार वास्तविकता बनकर सामने आया, जो पिछले वर्ष के अनुमानों की तुलना में अधिक सटीक रहा।

आगे भी ऊंची रहेगी माँग

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस वर्ष सामान्य से अधिक तापमान रहने का अनुमान जताया है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में भी बिजली की माँग और खपत ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है, क्योंकि उपभोक्ताओं द्वारा कूलिंग उपकरणों का उपयोग जारी रहेगा। यह स्थिति देश के ऊर्जा अवसंरचना और ग्रिड प्रबंधन के लिए एक गंभीर परीक्षा बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सवाल उठता है कि ट्रांसमिशन नेटवर्क और स्टोरेज क्षमता इस गति के साथ चल पा रही है या नहीं। पिछले वर्ष सरकार का 277 GW का अनुमान चूक गया था; इस बार 270 GW सटीक निकला — लेकिन यह सटीकता तभी सार्थक है जब आपूर्ति-पक्ष की तैयारी भी उतनी ही पुख्ता हो। IMD की कड़ी गर्मी की चेतावनी के बीच, ग्रिड प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण की परीक्षा अभी बाकी है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मई 2026 में भारत की बिजली खपत कितनी रही?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में भारत की बिजली खपत सालाना आधार पर 11.55% बढ़कर 164.98 बिलियन यूनिट (BU) पर पहुंची। मई 2025 में यह खपत 147.89 BU थी।
मई 2026 में पीक पावर डिमांड का रिकॉर्ड कब और कितना बना?
21 मई 2026 को भारत की पीक पावर डिमांड 270.82 GW के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंची। इससे पहले 18 से 20 मई के बीच भी लगातार नए रिकॉर्ड बने — क्रमशः 257.37 GW, 260.45 GW और 265.44 GW।
बिजली की माँग इतनी तेज़ी से क्यों बढ़ी?
भीषण गर्मी और लू के कारण घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एयर कंडीशनर, डेजर्ट कूलर और अन्य कूलिंग उपकरणों का उपयोग तेज़ी से बढ़ा। IMD ने भी इस वर्ष सामान्य से अधिक तापमान रहने का अनुमान जताया है।
क्या यह रिकॉर्ड बिजली मंत्रालय के अनुमान के अनुरूप था?
हाँ, बिजली मंत्रालय ने 2026 की गर्मियों में अधिकतम माँग 270 GW तक पहुंचने का अनुमान लगाया था, जो 21 मई को 270.82 GW के साथ सटीक साबित हुआ। पिछले वर्ष सरकार का 277 GW का अनुमान वास्तविक माँग 242.77 GW से काफी अधिक था।
आने वाले हफ्तों में बिजली की माँग कैसी रहेगी?
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान सामान्य से अधिक रहने के IMD के अनुमान के चलते आने वाले हफ्तों में भी बिजली की माँग और खपत ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है। कूलिंग उपकरणों की निरंतर बढ़ती माँग इसका प्रमुख कारण होगी।
राष्ट्र प्रेस
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