17 जुलाई 2026
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मई 2026 में बिजली खपत 11.55% बढ़कर 164.98 BU; पीक डिमांड 270.82 GW के रिकॉर्ड पर

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मई 2026 में बिजली खपत 11.55% बढ़कर 164.98 BU; पीक डिमांड 270.82 GW के रिकॉर्ड पर

सारांश

मई 2026 में भारत की बिजली खपत 11.55% बढ़कर 164.98 BU पर पहुँची और पीक डिमांड 270.82 GW के नए रिकॉर्ड पर — भीषण गर्मी, AC-कूलर की बढ़ती माँग और IMD की चेतावनी के बीच ग्रिड पर दबाव लगातार बना हुआ है।

मुख्य बातें

मई 2026 में भारत की बिजली खपत सालाना 11.55% बढ़कर 164.98 BU पर पहुँची, जो मई 2025 की 147.89 BU से अधिक है।
पीक पावर डिमांड 21 मई को 270.82 GW के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची — मई 2025 के 230.99 GW से काफी ऊपर।
लगातार चार दिन ( 18–21 मई ) नए पीक डिमांड रिकॉर्ड बने।
यह आँकड़ा मई 2024 के लगभग 250 GW के पुराने सर्वकालिक उच्चतम स्तर को भी पार कर गया।
IMD ने इस वर्ष कड़ी गर्मी की चेतावनी दी है; विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले हफ्तों में माँग ऊँची बनी रह सकती है।

भीषण गर्मी और लू की मार के बीच मई 2026 में भारत की बिजली खपत सालाना आधार पर 11.55% बढ़कर 164.98 बिलियन यूनिट (BU) पर पहुँच गई। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, मई 2025 में यह खपत 147.89 BU थी। एयर कंडीशनर, डेज़र्ट कूलर और अन्य कूलिंग उपकरणों के व्यापक उपयोग ने घरेलू और व्यावसायिक दोनों क्षेत्रों में बिजली की माँग को नई ऊँचाई पर पहुँचाया।

पीक डिमांड का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

मई महीने के दौरान अधिकतम बिजली माँग (पीक पावर डिमांड) 270.82 गीगावाट (GW) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची, जो मई 2025 के 230.99 GW से काफी अधिक है। यह आँकड़ा मई 2024 में दर्ज किए गए लगभग 250 GW के तत्कालीन सर्वकालिक उच्चतम स्तर को भी पार कर गया।

लगातार चार दिन बने रिकॉर्ड

मई में चार क्रमिक दिनों तक पीक डिमांड के नए कीर्तिमान स्थापित हुए। 18 मई को यह 257.37 GW रही, 19 मई को 260.45 GW, 20 मई को 265.44 GW और 21 मई को 270.82 GW के शीर्ष पर पहुँची। इससे पहले इस वर्ष का उच्चतम स्तर 25 अप्रैल को 256.11 GW था।

बिजली मंत्रालय के अनुमान के अनुरूप

यह उपलब्धि बिजली मंत्रालय के उस पूर्वानुमान के अनुरूप है जिसमें 2026 की गर्मियों में अधिकतम बिजली माँग 270 GW तक पहुँचने की संभावना जताई गई थी। तुलना के लिए, पिछले वर्ष गर्मियों में सर्वाधिक माँग जून 2025 में 242.77 GW दर्ज की गई थी, जो सरकार के तत्कालीन अनुमानित 277 GW से कम रही थी।

आगे की स्थिति और विशेषज्ञ राय

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले हफ्तों में भी बिजली की माँग और खपत ऊँचे स्तर पर बनी रह सकती है, क्योंकि तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस वर्ष कड़ी गर्मी पड़ने की चेतावनी दी है, जिससे कूलिंग उपकरणों की माँग और बिजली की खपत मज़बूत बनी रहने की संभावना है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देश नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विस्तार की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है, फिर भी गर्मियों में ग्रिड पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ट्रांसमिशन बुनियादी ढाँचे और भंडारण क्षमता में विस्तार उस रफ्तार से नहीं हो रहा जिस रफ्तार से माँग बढ़ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के महत्वाकांक्षी लक्ष्य घोषित कर रही है, फिर भी चरम माँग के क्षणों में कोयला-आधारित बिजली की निर्भरता कम नहीं हो रही। जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मियों की तीव्रता बढ़ती जा रही है — बिना दीर्घकालिक ग्रिड लचीलेपन की योजना के, ये रिकॉर्ड हर साल टूटते रहेंगे।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मई 2026 में भारत की बिजली खपत कितनी रही?
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार मई 2026 में भारत की बिजली खपत सालाना आधार पर 11.55% बढ़कर 164.98 बिलियन यूनिट (BU) पर पहुँची। मई 2025 में यह खपत 147.89 BU थी।
मई 2026 में पीक पावर डिमांड का रिकॉर्ड कब और कितना बना?
21 मई 2026 को भारत की पीक पावर डिमांड 270.82 GW के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची। इससे पहले 18 से 20 मई के बीच भी लगातार नए रिकॉर्ड बने — क्रमशः 257.37 GW, 260.45 GW और 265.44 GW।
बिजली माँग में इतनी तेज़ बढ़ोतरी का कारण क्या है?
भीषण गर्मी और लू के कारण घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एयर कंडीशनर, डेज़र्ट कूलर और अन्य कूलिंग उपकरणों का उपयोग तेज़ी से बढ़ा, जिससे बिजली ग्रिड पर असाधारण दबाव पड़ा।
क्या यह बिजली माँग का अब तक का सर्वकालिक उच्चतम स्तर है?
हाँ, 270.82 GW का यह आँकड़ा मई 2024 में दर्ज किए गए लगभग 250 GW के पुराने सर्वकालिक उच्चतम स्तर को पार कर गया। यह बिजली मंत्रालय के 2026 की गर्मियों में 270 GW तक माँग पहुँचने के अनुमान के भी अनुरूप है।
आगे बिजली की माँग का क्या अनुमान है?
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले हफ्तों में भी बिजली की माँग ऊँचे स्तर पर बनी रह सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस वर्ष सामान्य से अधिक तापमान रहने की चेतावनी दी है, जिससे कूलिंग उपकरणों की माँग और खपत मज़बूत बने रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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