1 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली में बस ऑपरेटरों को सख्त चेतावनी: यात्री सुरक्षा नियम तोड़े तो होगी कड़ी कार्रवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली में बस ऑपरेटरों को सख्त चेतावनी: यात्री सुरक्षा नियम तोड़े तो होगी कड़ी कार्रवाई

सारांश

दिल्ली सरकार ने बस ऑपरेटरों को सख्त चेतावनी दी है — पैनिक बटन, VLT डिवाइस, फायर एक्सटिंग्विशर और वैध फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य। उल्लंघन पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। परिवहन विभाग विशेष अनुपालन अभियान चलाएगा।

मुख्य बातें

परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने 1 सितंबर 2026 को सभी बस ऑपरेटरों को यात्री सुरक्षा मानकों के सख्त पालन के निर्देश जारी किए।
प्रत्येक बस में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन हर समय कार्यशील रखना अनिवार्य।
अग्निशामक यंत्र , फर्स्ट एड किट , वैध फिटनेस सर्टिफिकेट और PUC प्रमाण पत्र अनिवार्य किए गए।
यात्रियों को केवल अधिकृत बस स्टॉप पर चढ़ाना-उतारना होगा; चौराहों या असुरक्षित स्थानों पर रोकने पर पूर्ण प्रतिबंध।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ज़ोर; उल्लंघन पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत कानूनी कार्रवाई।
परिवहन विभाग अनुपालन जाँच के लिए विशेष अभियान चलाएगा।

दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने 1 सितंबर 2026 को राजधानी में संचालित सभी बस ऑपरेटरों को यात्री सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यह आदेश दिल्ली में चलने वाली सभी बसों पर लागू होगा, जिसमें अन्य राज्यों से आने वाली बसें भी शामिल हैं।

मुख्य निर्देश और अनिवार्य मानक

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक बस में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLT) और पैनिक बटन हर समय चालू एवं कार्यशील अवस्था में रहने चाहिए। पैनिक बटन यात्रियों की सहज पहुँच में होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, हर बस में काम करने योग्य अग्निशामक यंत्र और फर्स्ट एड किट रखना भी बाध्यकारी किया गया है।

सभी वाहनों के पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट होना चाहिए और वाहन तकनीकी रूप से पूर्णतः फिट होना चाहिए। प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाण पत्र भी अनिवार्य रूप से बरकरार रखना होगा।

पार्किंग और यात्री चढ़ाने-उतारने के नियम

निर्देशों के अनुसार, बसों को रात्रि में या खाली समय में केवल अधिकृत, सुरक्षित और पर्याप्त रोशनी वाले स्थानों पर ही खड़ा किया जा सकेगा। यात्रियों को बस में चढ़ाने और उतारने का कार्य केवल अधिकृत बस स्टॉप या निर्धारित स्थानों पर ही किया जाएगा। सड़क के बीच, चौराहों पर या किसी असुरक्षित व गैर-अधिकृत स्थान पर बस रोकने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर

सरकार ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऑपरेटरों को इन दिशानिर्देशों की जानकारी ड्राइवरों और समस्त कर्मचारियों तक पहुँचाने का निर्देश दिया है। परिवहन मंत्री ने कहा, 'सुरक्षा उपाय केवल कागजों पर नहीं, बल्कि पूरी तरह से लागू होने चाहिए। बस ऑपरेटर सुनिश्चित करें कि सभी आवश्यक सिस्टम, उपकरण और प्रक्रियाएँ सही तरीके से काम कर रही हों।'

विशेष अनुपालन अभियान

परिवहन विभाग इन निर्देशों के अनुपालन की जाँच के लिए विशेष अभियान चलाएगा। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा मानकों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा को लेकर नागरिक चिंताएँ लगातार उठती रही हैं। गौरतलब है कि यातायात नियमों और निर्धारित बस लेन के पालन को लेकर भी ऑपरेटरों को सख्त हिदायत दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल अनुपालन की निगरानी का है — पैनिक बटन और VLT डिवाइस के अनिवार्य होने के बावजूद इनकी कार्यशीलता की नियमित जाँच का तंत्र अब तक कमज़ोर रहा है। राजधानी में सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा को लेकर ऐसी घोषणाएँ पहले भी होती रही हैं, पर जमीनी क्रियान्वयन में खामियाँ बनी रहती हैं। 'विशेष अभियान' की समय-सीमा और परिणामों की सार्वजनिक रिपोर्टिंग न होने तक, यह आदेश भी कागजी दस्तावेज़ बनकर रह सकता है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली सरकार ने बस ऑपरेटरों को क्या निर्देश दिए हैं?
दिल्ली सरकार ने सभी बस ऑपरेटरों को यात्री सुरक्षा मानकों का सख्त पालन करने के निर्देश दिए हैं, जिनमें VLT डिवाइस, पैनिक बटन, अग्निशामक यंत्र, फर्स्ट एड किट और वैध फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य हैं। उल्लंघन पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
ये नियम किन बसों पर लागू होंगे?
ये निर्देश दिल्ली में संचालित सभी बसों पर लागू होंगे, जिनमें अन्य राज्यों से दिल्ली आने वाली बसें भी शामिल हैं। दिल्ली के भीतर चलने वाली निजी और सार्वजनिक दोनों श्रेणियों की बसें इस आदेश के दायरे में आती हैं।
नियमों का उल्लंघन करने पर क्या होगा?
नियमों का उल्लंघन करने वाले बस ऑपरेटरों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और उसके तहत बनाए गए नियमों के अंतर्गत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग अनुपालन की जाँच के लिए विशेष अभियान भी चलाएगा।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं?
सरकार ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पैनिक बटन यात्रियों की सहज पहुँच में रखने और बसों को केवल अधिकृत, रोशनी वाले स्थानों पर खड़ा करने का निर्देश दिया है। यात्रियों को केवल अधिकृत बस स्टॉप पर ही चढ़ाने-उतारने की अनुमति होगी।
क्या बस ड्राइवरों को भी इन नियमों की जानकारी दी जाएगी?
हाँ, बस ऑपरेटरों को निर्देश दिया गया है कि वे इन दिशानिर्देशों की जानकारी ड्राइवरों और अन्य सभी कर्मचारियों तक पहुँचाएँ और उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। परिवहन विभाग इसकी निगरानी विशेष अनुपालन अभियान के माध्यम से करेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले