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दिल्ली में 10,000 विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल निर्माण के फैसले का अभाविप ने किया स्वागत

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दिल्ली में 10,000 विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल निर्माण के फैसले का अभाविप ने किया स्वागत

सारांश

दिल्ली सरकार ने 10,000 विद्यार्थियों की क्षमता वाले हॉस्टल बनाने का फैसला किया है। अभाविप ने इसे अपनी लंबे समय की माँग की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए स्वागत किया, लेकिन साथ ही अग्नि सुरक्षा समेत सभी सुरक्षा मानकों के कड़े पालन की अपेक्षा भी जताई।

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार ने 10,000 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्रावासों के निर्माण को मंजूरी दी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे अपनी लंबी माँग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सत्य निकेतन की घटना के बाद छात्र आवास सुरक्षा पर उठे सवालों के बीच अग्नि सुरक्षा , वेंटिलेशन और आपातकालीन निकासी मानकों के पालन की माँग की गई।
अभाविप दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि निर्णय को शीघ्र धरातल पर उतारा जाए।
आगामी DUSU चुनाव के अभाविप घोषणापत्र में भी हॉस्टल विस्तार को प्रमुखता दी गई है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने 15 सितंबर 2026 को दिल्ली सरकार के उस निर्णय का स्वागत किया, जिसमें 10,000 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्रावासों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। संगठन के अनुसार, नई दिल्ली देशभर के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है और यहाँ किफायती व सुरक्षित आवास की माँग लंबे समय से लंबित थी।

अभाविप की पुरानी माँग को मिली दिशा

अभाविप लगातार दिल्ली में पेइंग गेस्ट (PG) व छात्रावासों की संख्या बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएँ दिलाने के लिए आवाज़ उठाती रही है। संगठन ने बताया कि आगामी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव के लिए जारी अभाविप के घोषणापत्र में भी छात्रावासों की संख्या बढ़ाने और सुरक्षित आवासीय सुविधा सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी गई है।

सत्य निकेतन घटना के बाद सुरक्षा मानकों पर ज़ोर

गौरतलब है कि सत्य निकेतन की घटना के बाद दिल्ली में छात्र आवास की सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। अभाविप ने माँग की है कि नए हॉस्टलों में अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकासी मार्ग, पर्याप्त वेंटिलेशन, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और छात्र सुरक्षा से जुड़े सभी ज़रूरी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

अभाविप नेता ने क्या कहा

अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा, 'दिल्ली में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त और सुरक्षित छात्रावास उपलब्ध कराना अभाविप की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख माँग रही है। आगामी DUSU चुनाव के लिए अभाविप द्वारा जारी घोषणापत्र में भी हॉस्टल की संख्या बढ़ाने और सुरक्षित व बेहतर आवासीय सुविधाएँ सुनिश्चित करने को प्रमुखता से शामिल किया गया है।'

शर्मा ने आगे कहा, 'दिल्ली सरकार द्वारा 10,000 विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल निर्माण का निर्णय हमारी इस माँग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और हम इसका स्वागत करते हैं। हम अपेक्षा करते हैं कि इस निर्णय को शीघ्र धरातल पर उतारा जाएगा तथा सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे दिल्ली आने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर आवासीय सुविधा मिल सके।'

आम विद्यार्थियों पर असर

दिल्ली में हर साल देशभर से लाखों छात्र उच्च शिक्षा के लिए आते हैं और महँगे PG व किराये के मकानों की वजह से उन्हें आर्थिक दबाव झेलना पड़ता है। 10,000 क्षमता के हॉस्टलों से न केवल आवास संकट कम होगा, बल्कि सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई का माहौल भी बेहतर होगा। यह कदम ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में छात्र सुरक्षा और आवासीय सुविधाओं की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज़ हो गई थी।

क्या होगा आगे

अभाविप ने सरकार से अपेक्षा जताई है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाए और परियोजना में पारदर्शिता बरती जाए। यह देखना होगा कि दिल्ली सरकार कितनी जल्दी इस घोषणा को ज़मीन पर उतारती है और सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी की क्या व्यवस्था होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — दिल्ली में इससे पहले भी छात्र आवास योजनाएँ घोषित होकर वर्षों तक कागज़ों पर ही पड़ी रही हैं। सत्य निकेतन जैसी घटनाएँ बताती हैं कि आवास की कमी के साथ-साथ मौजूदा PG और हॉस्टलों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी उतनी ही बड़ी समस्या है। DUSU चुनाव की आहट के बीच इस घोषणा का राजनीतिक संदर्भ भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता — असली सवाल यह है कि सरकार निर्माण की समयसीमा, बजट आवंटन और सुरक्षा ऑडिट का विवरण कब सार्वजनिक करेगी।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली सरकार के हॉस्टल निर्माण के फैसले में क्या शामिल है?
दिल्ली सरकार ने 10,000 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्रावासों के निर्माण को मंजूरी दी है। यह निर्णय दिल्ली में उच्च शिक्षा के लिए आने वाले छात्रों को किफायती और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है।
अभाविप ने इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे अपनी लंबे समय से चली आ रही माँग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। संगठन ने साथ ही सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों के कड़े पालन की अपेक्षा भी जताई।
सत्य निकेतन घटना का इस मुद्दे से क्या संबंध है?
सत्य निकेतन की घटना के बाद दिल्ली में छात्र आवास सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित मानकों के पालन को लेकर गंभीर चिंताएँ सामने आई थीं। इसी पृष्ठभूमि में अभाविप ने माँग की है कि नए हॉस्टलों में अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकासी और स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन हो।
DUSU चुनाव से इस फैसले का क्या संबंध है?
आगामी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव के लिए अभाविप के घोषणापत्र में हॉस्टल की संख्या बढ़ाने और बेहतर आवासीय सुविधाएँ सुनिश्चित करने को प्रमुखता दी गई है। इस संदर्भ में दिल्ली सरकार का यह निर्णय राजनीतिक और नीतिगत दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली में छात्र आवास संकट कितना गंभीर है?
दिल्ली में हर साल देशभर से बड़ी संख्या में छात्र उच्च शिक्षा के लिए आते हैं और महँगे PG व किराये के मकान उनके लिए आर्थिक बोझ बनते हैं। किफायती और सुरक्षित छात्रावासों की कमी लंबे समय से एक अनसुलझी समस्या रही है, जिसे 10,000 क्षमता के नए हॉस्टल आंशिक रूप से हल कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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