जहांगीरपुरी में नशेड़ी बेटे ने घर में लगाई आग, मां बाल-बाल बची; दमकलकर्मी अंकित झुलसे
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को उस समय भीषण आग लग गई जब कथित तौर पर शराब के नशे में धुत एक युवक ने अपने ही घर में आग लगा दी। पुलिस को सुबह 11:26 बजे पीसीआर कॉल के ज़रिए ई-1756, ग्राउंड फ्लोर, जहांगीरपुरी से आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस और दमकल की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं।
घटना का क्रम
प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि आरोपी भरत (30), जो इंद्रजीत का बेटा है और उसी पते पर रहता है, कथित तौर पर शराब पीने का आदी है। अधिकारियों के अनुसार उसने नशे की हालत में अपने ही घर में आग लगा दी। उस समय घर में उसकी माँ राज रानी (इंद्रजीत की पत्नी) भी मौजूद थीं, जो辛運ी से बाल-बाल बच गईं।
दमकल की तीन गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू हुआ। इसी दौरान एक गैस सिलेंडर फट गया, जिससे आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
दमकलकर्मी घायल
सिलेंडर विस्फोट की चपेट में आने से दमकल विभाग के कर्मचारी अंकित (32) के चेहरे, बालों और दोनों हाथों पर मामूली जलन आई। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए पहले बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल (BJRM) ले जाया गया, और बाद में आगे के इलाज के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रेफर किया गया।
कानूनी कार्रवाई
जहांगीरपुरी थाने में आरोपी भरत के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जाँच जारी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
दिल्ली में आग की घटनाओं का सिलसिला
गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में आई है जब इसी हफ्ते राष्ट्रीय राजधानी में रायसीना हिल स्थित ऐतिहासिक प्रशासनिक इमारत 'नॉर्थ ब्लॉक' में भी आग लगने की घटना हुई थी। उस मामले में दिल्ली फायर सर्विस ने तत्परता से कार्रवाई की थी और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार किसी के हताहत होने की खबर नहीं थी। जहांगीरपुरी की यह घटना एक बार फिर आवासीय इलाकों में आग सुरक्षा और नशे से जुड़ी घरेलू हिंसा की गंभीरता को रेखांकित करती है।
आगे की जाँच और आरोपी पर कानूनी कार्रवाई के साथ यह देखना होगा कि पीड़ित परिवार को किस प्रकार की राहत और पुनर्वास सहायता मिलती है।