दिल्ली लक्ष्मी योजना को कैबिनेट की मंजूरी: रक्षाबंधन पर महिलाओं को मिलेगी ₹2,500 की पहली किस्त, 1 अगस्त से पोर्टल शुरू
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार ने 28 जुलाई 2026 को कैबिनेट बैठक में 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' को औपचारिक मंजूरी दे दी, जिसके तहत राजधानी की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि आवेदन के लिए ऑनलाइन पोर्टल 1 अगस्त से सक्रिय होगा और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद रक्षाबंधन तक पहले लाभार्थी समूह को पहली किस्त जारी करने का प्रयास किया जाएगा।
योजना का स्वरूप और उद्देश्य
दिल्ली लक्ष्मी योजना का मूल लक्ष्य महिलाओं को प्रत्यक्ष मासिक आर्थिक सहायता के ज़रिए आत्मनिर्भर बनाना है। ₹2,500 प्रति माह की यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होगी। मुख्यमंत्री गुप्ता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के तहत मिलने वाली यह सहायता किसी माँ की दवा का सहारा बनेगी, किसी बेटी की पढ़ाई को गति देगी और किसी परिवार के रोज़मर्रा के खर्च में राहत पहुँचाएगी।
आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 1 अगस्त को पोर्टल लॉन्च होने के बाद पात्र महिलाएँ घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग पात्रता की जाँच और दस्तावेज़ों का सत्यापन करेगा। यह प्रक्रिया पूरी होने पर रक्षाबंधन तक पहले समूह को पहली किस्त जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का दावा: वादा पूरा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालने के एक वर्ष से कुछ अधिक समय में ही यह महत्वपूर्ण वादा पूरा कर दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि योजना का लाभ बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं तक पहुँचेगा और इससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। गौरतलब है कि यह योजना दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा थी।
आम महिलाओं पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में महिलाओं को प्रत्यक्ष नकद सहायता देने वाली योजनाएँ राजनीतिक रूप से प्रभावशाली साबित हुई हैं। दिल्ली की महिला आबादी के लिए ₹2,500 मासिक की यह राशि घरेलू बजट में उल्लेखनीय राहत दे सकती है, विशेषकर उन परिवारों के लिए जहाँ महिला की आय सीमित या नगण्य है। योजना के व्यापक क्रियान्वयन और लाभार्थियों की संख्या का ब्यौरा अभी सरकार की ओर से जारी नहीं किया गया है।
आगे क्या
पोर्टल के 1 अगस्त को लाइव होने के बाद आवेदन और सत्यापन की गति यह तय करेगी कि रक्षाबंधन तक कितनी महिलाओं को पहली किस्त मिल पाती है। सरकार ने पात्रता की विस्तृत शर्तें और लाभार्थियों की अनुमानित संख्या अभी सार्वजनिक नहीं की है, जो आने वाले दिनों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।