क्या हिंदुत्व भारत में सभी को एक करने वाला सूत्र है?
सारांश
Key Takeaways
- हिंदुत्व में एकता का तत्व निहित है।
- हिंदू पहचान भारत की सांस्कृतिक पहचान है।
- जातीय विवादों को समाप्त करने के लिए सामाजिक प्रयास आवश्यक हैं।
- भारत में एकता का संदेश फैलाने की आवश्यकता है।
- राजनीति में जातियों के विवादों को खत्म करना चाहिए।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा है कि हिंदुत्व में एकता का तत्व निहित है और यही भारत में सभी को एक करने वाला मूल मंत्र है।
सुनील आंबेकर ने रविवार को 'दिल्ली महोत्सव 2026' में 'हिंदुओं' पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, "हिंदू हमारी सांस्कृतिक पहचान है, और यह पहचान हमारे राष्ट्र से जुड़ती है। हजारों वर्षों से हमारे पूर्वजों ने यही प्रयास किया है कि हम सकारात्मक रहें और सभी को एक साथ जोड़कर रखें। हिंदुत्व में एकता का तत्व मौजूद है।"
उन्होंने आगे कहा कि "हम सब एक हैं" का विश्वास रखने वाले सभी लोग हिंदू हैं। नई पीढ़ी के मन में यही भावना है कि हमें एक रहना है, इसके लिए हमें एकता का सूत्र चाहिए। भारत में सभी को एक करने वाला सूत्र हिंदुत्व है।
जातीय व्यवस्था पर सुनील आंबेकर ने कहा कि राजनीति के कारण लोग जातियों को लेकर संघर्ष करते हैं, लेकिन जब हर जाति के लोग अपने मित्रों की सूची में अन्य जातियों के लोगों को शामिल करेंगे, तो किसी भी नेता को जातियों के आधार पर राजनीति करने का साहस नहीं होगा। समाज में जब तक इस तरह की चीजें बढ़ती रहेंगी, तब तक विवाद होते रहेंगे, इसलिए सामाजिक प्रयासों की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान चर्चा में बिना नाम लिए राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, "भारत और हिंदुत्व के प्रति विदेशों में जागरूकता बढ़ रही है। यदि भारत में एक ही स्वर उठता है, तो यह राष्ट्र को सशक्त बनाएगा। लेकिन कुछ लोग हैं जो विदेशों में जाकर भारत के खिलाफ बोलते रहते हैं।"
अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख ने यह भी कहा कि भारत में ऐसी बातों को महत्व नहीं मिलना चाहिए। भारत के नाते यह संदेश होना चाहिए कि हम सभी एक हैं।