इनो ट्रांस 2026: बर्लिन में दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल की पहली वैश्विक एंट्री, O&M और परामर्श सेवाओं का होगा प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड (DMIL) पहली बार बर्लिन, जर्मनी में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित रेल परिवहन व्यापार मेले इनो ट्रांस 2026 में अपनी वैश्विक उपस्थिति दर्ज कराएगी। यह भारत के शहरी परिवहन क्षेत्र के लिए एक उल्लेखनीय कदम है, जिसके ज़रिए DMIL अपनी संचालन, रखरखाव, परामर्श और परियोजना प्रबंधन क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखेगी।
इनो ट्रांस क्या है और इसकी अहमियत क्यों
इनो ट्रांस रेल परिवहन उद्योग पर केंद्रित दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार मेला है, जो हर दो साल में बर्लिन में आयोजित होता है। इसमें दुनिया भर के परिवहन प्राधिकरण, अवसंरचना कंपनियाँ, प्रौद्योगिकी प्रदाता और गतिशीलता क्षेत्र के प्रमुख हितधारक भाग लेते हैं। DMIL की इस मेले में भागीदारी भारतीय मेट्रो विशेषज्ञता को वैश्विक बाज़ार में स्थापित करने की दिशा में एक सुनियोजित रणनीतिक कदम के रूप में देखी जा रही है।
DMIL क्या प्रदर्शित करेगी
DMRC के कॉर्पोरेट संचार विभाग के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल के अनुसार, DMIL इस मेले में संचालन एवं रखरखाव (O&M), परामर्श, परियोजना प्रबंधन और सलाहकार सेवाओं के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेगी। यह आयोजन DMIL को परिवहन प्राधिकरणों, अवसंरचना कंपनियों और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के साथ साझेदारी के नए अवसर तलाशने का मंच भी प्रदान करेगा।
गौरतलब है कि DMIL ने पिछले तीन महीनों में पाँच अंतरराष्ट्रीय बोलियाँ प्रस्तुत की हैं, जो इसके वैश्विक व्यापार विस्तार की सुनियोजित शुरुआत को दर्शाता है।
किन बाज़ारों पर है नज़र
कंपनी फिलहाल पश्चिम एशिया और चुनिंदा यूरोपीय बाज़ारों में अवसरों की तलाश कर रही है। साथ ही समय के साथ उत्तरी अमेरिका में भी संभावनाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। अफ्रीका भी कंपनी की निगरानी सूची में है, जहाँ स्थानीय कंपनियों और केंद्र सरकार के साथ साझेदारी के ज़रिए संभावित अवसर तलाशे जा सकते हैं। यह रणनीति भारत की 'वसुधैव कुटुंबकम' भावना के साथ-साथ सार्वजनिक उपक्रमों के वाणिज्यिक विस्तार की नई सोच को भी प्रतिबिंबित करती है।
DMIL CEO का बयान
दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड (DMIL) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय जमुआर ने कहा कि 'इनो ट्रांस 2026 DMRC और DMIL की विशेषज्ञता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इससे हमें दुनिया भर के परिवहन प्राधिकरणों, अवसंरचना भागीदारों और गतिशीलता क्षेत्र के नेताओं के साथ जुड़ने में मदद मिलेगी।' उन्होंने कहा कि दुनिया के शहर एकीकृत, लचीले और भविष्य के लिए तैयार गतिशीलता समाधानों की तलाश में हैं और DMIL इस माँग को पूरा करने की स्थिति में है।
जमुआर ने यह भी कहा कि 'हमें अपनी इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और वास्तविक परिचालन अनुभव को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में ले जाने का अवसर दिखाई देता है। हमारा लक्ष्य सार्थक सहयोग स्थापित करना, वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखना और कुशल एवं टिकाऊ शहरी परिवहन प्रणालियों में योगदान देना है।'
दिल्ली मेट्रो की वैश्विक साख
दिल्ली मेट्रो दुनिया की अग्रणी मेट्रो प्रणालियों में शुमार है। यह 416 किलोमीटर से अधिक के नेटवर्क पर 300 से अधिक स्टेशनों का संचालन करती है और प्रतिदिन लगभग 65 लाख यात्रियों को सेवा प्रदान करती है। यह अनुभव और पैमाना ही DMIL की सबसे बड़ी पूँजी है, जिसे वह अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भुनाने की कोशिश करेगी। इनो ट्रांस 2026 में DMIL की भागीदारी यह स्पष्ट संकेत है कि भारतीय सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र अब केवल घरेलू ज़रूरतें पूरी करने तक सीमित नहीं रहना चाहता — वह वैश्विक बाज़ार में भी अपनी जगह बनाने के लिए तैयार है।