नॉर्वे की राजदूत ने दिल्ली मेट्रो की यात्रा की, कहा- इसे पहले ही करना चाहिए था
सारांश
Key Takeaways
- नॉर्वे की राजदूत ने दिल्ली मेट्रो की यात्रा की।
- उन्होंने सफर की तस्वीरें और वीडियो साझा किए।
- दिल्ली मेट्रो की स्वच्छता और संचालन की प्रशंसा की।
- अन्य विदेशी प्रतिनिधियों ने भी मेट्रो का अनुभव किया है।
- दिल्ली मेट्रो एक सुविधाजनक यात्रा का साधन है।
नई दिल्ली, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने हाल ही में एक सुखद अनुभव के तहत दिल्ली मेट्रो की यात्रा की। उन्होंने इस अद्भुत सफर की तस्वीरें और वीडियो क्लिप्स अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर सोमवार को साझा कीं। स्टेनर ने मेट्रो के संचालन और स्वच्छता की सराहना की।
उन्होंने छह और दूसरी सात सेकंड की क्लिप साझा की हैं। राजदूत ने यात्रा का विस्तृत विवरण नहीं दिया, लेकिन अपनी खुशी के क्षण जरूर साझा किए।
पहली क्लिप में वह खान मार्केट के गेट नंबर दो से प्रवेश करती हुई नजर आ रही हैं, जबकि दूसरी क्लिप में तेज गति से दौड़ती वायलेट लाइन मेट्रो को कैद किया गया है। यह ट्रेन कश्मीरी गेट की दिशा में जाती दिखाई दे रही है। उनकी तस्वीर में आंखों की चमक उनके दिल की खुशी बयां कर रही है, और उन्होंने इसे शब्दों में भी व्यक्त किया है।
उन्होंने अपने अनुभव को संक्षेप में साझा करते हुए लिखा, "इस वीकेंड पहली बार दिल्ली मेट्रो में यात्रा की! यह तेज, साफ और बेहद उत्कृष्ट है। दिल्ली में घूमने का एक बेहतरीन तरीका है। मुझे यह पहले ही करना चाहिए था! मैं इसे फिर से जरूर इस्तेमाल करूंगी।"
इस वर्ष जनवरी में, जापानी विदेश मंत्री तोषिमित्सु मोतेगी और भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने भी दिल्ली मेट्रो का दौरा किया था। दोनों ने केंद्रीय सचिवालय से पटेल चौक तक यात्रा की थी। बाद में डीएमआरसी ने बताया कि यह दौरा भारत-जापान के बीच मेट्रो निर्माण, संचालन और रखरखाव में तकनीकी और वित्तीय सहयोग (जेआईसीए) के तहत हुआ, जिसमें चालक रहित ट्रेनों और सुरक्षा सुविधाओं की प्रशंसा की गई।
दिल्ली मेट्रो की सवारी करने वाले अन्य प्रतिनिधियों में संयुक्त राष्ट्र के सैन्य टुकड़ी भेजने वाले ३२ देशों के सैन्य प्रतिनिधि भी शामिल थे, जिन्होंने अक्टूबर २०२५ में विभिन्न लाइनों पर दिल्ली मेट्रो का अनुभव किया। यह प्रतिनिधिमंडल राजधानी में एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए आया था।
सैन्य अधिकारियों ने थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ केंद्रीय सचिवालय से लाल किला तक वायलेट लाइन पर मेट्रो की यात्रा की। इस प्रतिनिधिमंडल में आस्ट्रेलिया, इटली, फ्रांस सहित कई देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि शामिल थे। सैन्य अधिकारियों ने यात्रा की सुविधाओं के साथ-साथ दिल्ली मेट्रो परियोजना और इसके कार्यान्वयन की दक्षता की सराहना की।