दिल्ली-एनसीआर की हवा फिर बिगड़ी, आनंद विहार का AQI 407 पर पहुंचा — 'गंभीर' श्रेणी में
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-एनसीआर में 9 जून को वायु गुणवत्ता एक बार फिर चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई, जब तेज हवाओं के थमने और भीषण गर्मी बढ़ने के साथ प्रदूषक कण निचली वायुमंडलीय परत में जमा होने लगे। केंद्रीय प्रदूषण निगरानी तंत्र के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 407 दर्ज किया गया — जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है।
मुख्य मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI
दिल्ली के प्रमुख निगरानी केंद्रों पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, अलीपुर में AQI 205, आनंद विहार में 407, अशोक विहार में 156, आया नगर में 138 और बवाना में 166 रिकॉर्ड किया गया। राजधानी के कई क्षेत्रों में हवा 'खराब' से 'गंभीर' श्रेणी के बीच बनी हुई है।
पड़ोसी शहर गाजियाबाद में भी वायु गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई। वहाँ गोविंदपुरम में AQI 82, इंदिरापुरम में 177, लोनी में 245 और वेद विहार, लोनी में 274 रहा। कई स्थान ऑरेंज और येलो जोन में हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में स्थिति और बिगड़ती दिख रही है।
हवा क्यों बिगड़ी — विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों तक तेज हवाओं के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फैले हुए थे, जिससे AQI अपेक्षाकृत बेहतर बना रहा। अब हवाओं की रफ्तार घटने, तीव्र धूप और बढ़ते तापमान के संयोजन से धूल व प्रदूषक तत्व निचली परत में संकेंद्रित हो रहे हैं — यही स्थिति AQI में तेज उछाल की वजह बन रही है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी और गर्म हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे AQI में और वृद्धि हो सकती है। हालांकि, 11 और 12 जून के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आंधी और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। यदि ऐसा होता है, तो प्रदूषक कणों का स्तर घटने से वायु गुणवत्ता में कुछ राहत मिल सकती है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि AQI 400 से ऊपर जाने पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ बाहरी गतिविधियों से बचने की सलाह देते हैं — विशेषकर बच्चों, बुज़ुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों को। आनंद विहार जैसे घनी आबादी वाले और प्रमुख बस टर्मिनल क्षेत्र में 'गंभीर' AQI का दर्ज होना विशेष रूप से चिंताजनक है।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर पहले से ही गर्मी की लहर से जूझ रहा है। यदि 11-12 जून को अनुमानित बारिश होती है, तो वायु प्रदूषण में अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।