दिल्ली पुलिस ने 24 घंटे में 3 साल की लापता बच्ची को सुरक्षित बचाया, जाफराबाद-एएटीएस की संयुक्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट जिले की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस/एनईडी) और जाफराबाद पुलिस स्टेशन की संयुक्त टीमों ने 3 वर्षीय एक लापता बच्ची को मात्र 24 घंटे के भीतर सुरक्षित खोज निकाला और 23 सितंबर 2026 को उसे उसके परिजनों से मिलाया। सीसीटीवी विश्लेषण, सार्वजनिक घोषणाओं और समन्वित फील्ड सर्च के संयोजन से यह अभियान सफल रहा।
घटनाक्रम: कैसे हुई बच्ची की गुमशुदगी
मंगलवार शाम लगभग 6 बजे बच्ची की माँ — जो सुभाष मोहल्ला, चौहान बांगर की निवासी हैं — अपनी सास और बेटी के साथ किराए के मकान के लिए एक फ्लैट देखने निकली थीं। शाम करीब 6:40 बजे जब परिवार कल्याणवाली गली पार कर रहा था, तभी उन्हें एहसास हुआ कि बच्ची उनके साथ नहीं है। आसपास तलाश के बावजूद बच्ची का पता नहीं चला।
रात करीब 10 बजे जाफराबाद पुलिस स्टेशन को गुमशुदगी की सूचना मिली। माँ ने बताया कि उन्होंने तत्काल आसपास के क्षेत्र में खोज की, परंतु बच्ची नहीं मिली।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में इंस्पेक्टर किरण पाल (एटीओ/पीएस जाफराबाद), इंस्पेक्टर दीपक पांडे (आईसी एएटीएस/एनईडी) और एसआई सुखबीर के नेतृत्व में विशेष टीमें तैनात की गईं। पुलिसकर्मियों ने आसपास की गलियों और सार्वजनिक स्थलों की बारीकी से तलाशी ली तथा इलाके में माइक से सार्वजनिक घोषणाएँ भी कराई गईं।
इस दौरान जाफराबाद पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 137(2) के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई। आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा कर उनका विस्तृत विश्लेषण किया गया, जो बच्ची की गतिविधियों का पता लगाने में निर्णायक साबित हुआ।
सफल रेस्क्यू और परिजनों से मिलन
कड़ी मेहनत और व्यवस्थित तकनीकी-फील्ड समन्वय के परिणामस्वरूप पुलिस टीम ने 24 घंटे के भीतर बच्ची को सुरक्षित खोज निकाला। सभी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद बच्ची को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब बाल सुरक्षा और पुलिस प्रतिक्रिया समय को लेकर सार्वजनिक चिंताएँ बनी रहती हैं।
जाँच जारी
पुलिस टीम के अनुसार, बच्ची की सुरक्षित वापसी के बाद भी मामले से संबंधित आगे की जाँच जारी है। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में एएटीएस/एनईडी और जाफराबाद थाने के बीच समन्वय उल्लेखनीय रहा। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड का इस प्रकार के मिसिंग चाइल्ड केस में तेज़ी से उपयोग, अंतर-विभागीय सहयोग की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है।