दिल्ली पुलिस का फैक्ट चेक: 1 नवंबर रामलीला मैदान रैली को लेकर वायरल वीडियो भ्रामक
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 30 अक्टूबर 2026 को एक आधिकारिक फैक्ट चेक जारी कर स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ट्रेन और रेलवे स्टेशन के वीडियो पुराने और असंबंधित हैं, जिन्हें 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित विपक्षी रैली से जोड़कर गलत दावे किए जा रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जाँचने की अपील की है।
भ्रामक वीडियो का स्वरूप और पुलिस की चेतावनी
पुलिस के अनुसार, कुछ सोशल मीडिया अकाउंट पुराने ट्रेन और रेलवे स्टेशन के वीडियो को 1 नवंबर 2026 की प्रस्तावित रैली से जोड़कर यह धारणा बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि बड़ी संख्या में लोग दिल्ली की ओर आ रहे हैं। पुलिस ने कहा कि इन वीडियो की तारीख, स्थान और वास्तविक संदर्भ की पुष्टि किए बिना उन्हें साझा किया जा रहा है। अधिकारियों ने अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को न फैलाने की सख्त हिदायत दी है।
रामलीला मैदान रैली: विपक्षी इंडिया ब्लॉक का आयोजन
1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की ओर से 'वोट चोरी' और कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में एक बड़ी रैली आयोजित की जानी है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोगों से 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' में शामिल होने की अपील की है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस रैली को समर्थन देते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया और छात्रों, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों तथा नागरिक समाज के लोगों से रैली में शामिल होने का आह्वान किया। ममता ने कहा कि मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए यह लड़ाई ज़रूरी है।
ईवीएम और चुनावी पारदर्शिता पर विपक्ष के सवाल
ममता बनर्जी ने अपनी पोस्ट में ईवीएम की विश्वसनीयता, मतदाता डेटा की पारदर्शिता, मतदाता सूची और मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में कथित चुनावी गड़बड़ियों पर जवाब माँगने की बात कही और लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
BJP का जवाबी अभियान
विपक्ष की इस लामबंदी के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 31 अक्टूबर से देशभर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। भाजपा का कहना है कि इस अभियान के ज़रिए विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का माकूल जवाब दिया जाएगा। इस तरह आगामी कुछ दिन दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी का केंद्र बने रहेंगे।