दिल्ली पुलिस ने पायरेटेड किताबों के बड़े रैकेट का किया पर्दाफाश, एक गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस ने पायरेटेड किताबों के बड़े रैकेट का किया पर्दाफाश, एक गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े पायरेसी रैकेट का भंडाफोड़ किया। 67 वर्षीय ज्वाला प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है, जो पेंगुइन रैंडम हाउस की किताबों की अवैध प्रिंटिंग और बिक्री में शामिल था। यह ऑपरेशन एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करता है जो कॉपीराइट का उल्लंघन कर रहा था।

Key Takeaways

  • पायरेसी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ।
  • 67 वर्षीय ज्वाला प्रसाद को गिरफ्तार किया गया।
  • 20,137 पायरेटेड किताबें जब्त की गईं।
  • पुलिस ने आनंद पर्वत में छापेमारी की।
  • जांच जारी है, और अन्य आरोपियों की पहचान हो रही है।

नई दिल्ली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की इंटर-स्टेट सेल (आईएससी) ने एक विशाल पायरेसी रैकेट का पर्दाफाश किया है और 67 वर्षीय ज्वाला प्रसाद को गिरफ्तार किया है। उस पर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की पायरेटेड किताबों की अवैध प्रिंटिंग और बिक्री का आरोप है।

इस कार्रवाई से एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है जो कॉपीराइट वाली किताबों की अनुमति के बिना प्रिंटिंग, संग्रहण और वितरण में संलग्न था। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एक प्रमुख प्रकाशन गृह है, और जब्त की गई सामग्री पर इसके इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स हैं।

सूत्रों के अनुसार, आरोपी इस रैकेट का एक महत्वपूर्ण सदस्य था जो कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन करते हुए नकली कॉपियाँ बनाने और उन्हें वितरित करने में मदद करता था।

पुलिस को 14 मार्च को इस मामले की शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके बाद, पुलिस ने सेक्टर 16 रोहिणी, दिल्ली में छापेमारी की, जहाँ से कुल 8,593 पायरेटेड किताबें जब्त की गईं। बाद में एक और छापे में, 11,544 अतिरिक्त पायरेटेड किताबें बरामद की गईं, जिससे कुल जब्ती 20,137 से अधिक हो गई।

आरोपी ने प्रारंभ में प्रिंटिंग के स्रोत के बारे में गलत जानकारी देकर जांच को भटकाने की कोशिश की। लेकिन लगातार पूछताछ और पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान, जांच टीम ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। अवैध पुनरुत्पादन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एक प्रिंटिंग सेटअप का पता चला।

पुलिस ने आनंद पर्वत इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक प्रेस से दो प्रिंटिंग मशीनें, चार पायरेटेड किताबों के नेगेटिव और कॉपीराइटेड सामग्री को पुनरुत्पादित करने के लिए इस्तेमाल की गई बारह प्रिंटिंग प्लेट बरामद की। इन सब से आरोपी के पायरेसी ऑपरेशन में संलिप्तता सिद्ध हो गई है, जिसमें पायरेटेड किताबों की अवैध प्रिंटिंग और वितरण शामिल है।

आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पायरेसी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है।

Point of View

जिसमें कॉपीराइट के उल्लंघन और पायरेसी के बड़े नेटवर्क की पहचान की गई है। दिल्ली पुलिस की तत्परता और जांच का तरीका स्पष्ट करता है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि पायरेसी को सहन नहीं किया जाएगा।
NationPress
31/03/2026

Frequently Asked Questions

पायरेसी रैकेट का भंडाफोड़ कब हुआ?
पायरेसी रैकेट का भंडाफोड़ 25 मार्च को हुआ था।
इस रैकेट में कितनी किताबें जब्त की गईं?
कुल 20,137 पायरेटेड किताबें जब्त की गईं।
आरोपी की उम्र क्या है?
आरोपी 67 वर्ष का है।
पुलिस ने किस स्थान पर छापेमारी की?
पुलिस ने सेक्टर 16 रोहिणी, दिल्ली में छापेमारी की।
पायरेसी रैकेट में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं?
पुलिस अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जांच कर रही है।
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