दिल्ली में एनसीईआरटी की नकली किताबों का बड़ा भंडार, 5011 कॉपियां जब्त, मालिक हिरासत में
सारांश
Key Takeaways
- 5011 नकली किताबें जब्त की गईं।
- गोदाम के मालिक अरविंद कुमार गिरफ्तार।
- गुप्त सूचना पर छापेमारी की गई।
- मामला कॉपीराइट एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज।
- जांच जारी है, अन्य संलिप्त लोगों का पता लगाया जा रहा है।
नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के शाहबाद दौलतपुर गांव में क्राइम ब्रांच की एंटी रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल की टीम ने एक महत्वपूर्ण छापेमारी कर एनसीईआरटी की नकली किताबों का एक बड़ा गोदाम पकड़ा है। पुलिस ने यहां से कक्षा 1 से 12 तक की कुल 5011 नकली किताबें जब्त की हैं और गोदाम के मालिक अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें 12 मार्च 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि शाहबाद दौलतपुर गांव के एक गोदाम में एनसीईआरटी की नकली किताबें रखी गई हैं और इनकी बिक्री की जा रही है। इसके बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया। यह टीम इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी और रॉबिन त्यागी के मार्गदर्शन में काम कर रही थी।
टीम ने छापे के दौरान गोदाम में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की एनसीईआरटी की किताबें पाई। मौके पर एनसीईआरटी के अधिकारियों को बुलाया गया जिन्होंने जांच के बाद पुष्टि की कि किताबें नकली हैं। इसके बाद पुलिस ने अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया और 5011 नकली किताबें जब्त कीं।
इस मामले में क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा कॉपीराइट एक्ट 1954 की धारा 63 और 65 तथा ट्रेडमार्क एक्ट की धारा 103 और 104 के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।
जांच में सामने आया है कि अरविंद कुमार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और वर्ष 2003 में दिल्ली आया था। उसने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की और इग्नू से एमए किया। वर्ष 2022 से उसने एनसीईआरटी की नकली किताबों का कारोबार शुरू किया।
पुलिस के अनुसार अरविंद कुमार पहले भी ऐसे मामलों में शामिल रह चुका है। उसके खिलाफ वर्ष 2020 में नॉर्थ रोहिणी थाने में कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2025 में समायपुर बादली थाने में भी एक और मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली एनसीईआरटी किताबों का कारोबार करने के पीछे और कौन लोग शामिल हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।