दिल्ली पुलिस ने करोल बाग लूट सुलझाई: दो गिरफ्तार, 15 वर्षीय नाबालिग बाल सुधार गृह भेजा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने डीबीजी रोड थाने में दर्ज एक लूट मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है, जिसमें दो वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और एक 15 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेजा गया। 26 अक्टूबर 2026 को अधिकारियों ने बताया कि लूट के दौरान छीना गया वीवो वाई58 मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है।
घटना का विवरण
यह घटना 11 अक्टूबर की शाम करीब 7:30 बजे उस वक्त हुई जब पीड़ित करोल बाग मार्केट से मानकपुरा स्थित अपने घर लौट रहा था। पुलिस के अनुसार, अजमल खान पार्क के पास ईस्ट पार्क रोड पर टीटी गारमेंट्स के निकट तीन लोगों ने उसका पीछा किया और उसे घेर लिया।
आरोपियों ने पीड़ित के साथ मारपीट की और उसका वीवो वाई58 मोबाइल फोन तथा ₹2,000 नकद लूटकर फरार हो गए। शुरुआती जाँच में कोई प्रत्यक्षदर्शी या स्पष्ट सुराग उपलब्ध नहीं था, जिससे मामला चुनौतीपूर्ण बना।
मामला दर्ज और जाँच की शुरुआत
घटना के बाद डीबीजी रोड थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया। थाने की एक विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और तकनीकी निगरानी के ज़रिये जाँच आगे बढ़ाई।
गौरतलब है कि मामले को सुलझाने में एक यूपीआई ट्रांजैक्शन से मिला सुराग निर्णायक साबित हुआ — इस डिजिटल ट्रेल ने पुलिस को संदिग्धों की पहचान और उनके ठिकाने तक पहुँचने में मदद की।
आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी
पुलिस ने तीनों संदिग्धों को उनके घरों से पकड़ा। आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:
रोहित उर्फ सुमित (उम्र 18 वर्ष), निवासी मोतिया खान, सदर थाना रोड, दिल्ली; कृष्णा (उम्र 19 वर्ष), निवासी मंगोलपुरी, दिल्ली; तथा एक 15 वर्षीय नाबालिग, निवासी मोतिया खान, दिल्ली।
दोनों वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि नाबालिग के विरुद्ध क़ानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए उसे बाल सुधार गृह भेजा गया।
पूछताछ में खुलासा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने जल्दी और गैरकानूनी तरीके से पैसे कमाने के उद्देश्य से यह लूट की थी। गिरफ्तारी के दौरान पीड़ित का वीवो वाई58 मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया।
यह मामला इस बात की भी मिसाल है कि कैसे डिजिटल भुगतान का डेटा पारंपरिक अपराध जाँच में एक कारगर उपकरण बनता जा रहा है। जाँच अभी भी जारी है और पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है।