दिल्ली की महिलाओं के लिए पिंक कार्ड: सीएम रेखा गुप्ता की अपील और सच्चाई
सारांश
Key Takeaways
- पिंक कार्ड महिलाओं की यात्रा को सुगम बनाता है।
- कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
- भ्रष्टाचार को समाप्त करने का प्रयास।
- आसानी से बनता है, लंबी कतार में खड़े होने की आवश्यकता नहीं।
- महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम।
नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं के लिए जारी पिंक कार्ड को लेकर चल रही अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने इसे एक राजनीतिक साजिश के रूप में वर्णित किया है।
रेखा गुप्ता ने एक वीडियो संदेश में कहा, "मेरी प्यारी बहनों, कुछ राजनेता राजनीतिक दुष्प्रचार के माध्यम से यह झूठा दावा कर रहे हैं कि दिल्ली की महिलाओं के लिए बना पिंक कार्ड तब प्रभावी नहीं होगा, जब आप एक बस में यात्रा करें, उसे एक बार टैप करें, उतरें और दूसरी बस में चढ़ें। यह पूरी तरह से गलत है। मैं आपको यकीन दिलाती हूँ, आपका पिंक कार्ड ठीक से काम करता है।"
उन्होंने कहा, "ये अफवाहें इसलिए फैलाई जा रही हैं क्योंकि डीटीसी की बसों में प्रतिदिन 45 लाख लोग यात्रा करते हैं, जिनमें से 20 लाख महिलाएं हैं। यह भुगतान दिल्ली सरकार द्वारा किया जाता था, लेकिन पहले इसका कोई हिसाब नहीं रखा जाता था।"
रेखा गुप्ता ने बताया कि पिंक कार्ड का लाभ यह है कि आप कितनी बार भी बस में जाएंगी, उसके खर्च का सही हिसाब रखा जाएगा और सरकार को भुगतान बिना किसी भ्रष्टाचार के किया जाएगा। अब जो लोग चाहते हैं कि यह खर्च किसी निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाए, वो संभव नहीं हो रहा है, इसलिए लोगों को परेशानी हो रही है। यह पिंक कार्ड अभी आसानी से बन रहे हैं और अगले तीन महीने तक बनते रहेंगे। किसी लंबी लाइन में खड़े होने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं दिन में कितनी भी बार बस में यात्रा करेंगी, उन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। दिल्ली की बहनों के साथ आपकी यह मुख्यमंत्री हमेशा खड़ी रहेगी।