दिल्ली की 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना': 12 दिन में एक लाख कार्ड जारी होने की उपलब्धि

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दिल्ली की 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना': 12 दिन में एक लाख कार्ड जारी होने की उपलब्धि

सारांश

दिल्ली सरकार की 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना' ने मात्र 12 दिनों में एक लाख कार्ड जारी कर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। यह योजना महिलाओं की सुरक्षित यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। जानें इस पहल के बारे में और कैसे यह महिलाओं के लिए यात्रा को आसान बना रही है।

मुख्य बातें

सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना ने 12 दिन में एक लाख कार्ड जारी किए हैं।
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षित यात्रा को सुनिश्चित करना है।
डिजिटल कार्ड के लिए आवेदक को दिल्ली का निवासी होना चाहिए।
यह कार्ड केवल डीटीसी और क्लस्टर बसों में मान्य है।
यह योजना समाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली सरकार की नई पहल 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना' एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। महज 12 दिनों में एक लाख से अधिक 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' जारी किए गए हैं, जैसा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा बताया गया है।

दिल्ली सीएमओ ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा की कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शुरू हुई 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना' महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुलभ यात्रा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बन गई है। सीएमओ ने यह भी कहा कि 12 दिनों में एक लाख से अधिक कार्ड जारी होना महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है।

डीटीसी बसों में महिलाओं के लिए सुविधाजनक यात्रा हेतु 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' का शुभारंभ दो हफ्ते पहले किया गया था। यह दिल्ली सरकार की एक पहल है, जो महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त और असीमित यात्रा का लाभ प्रदान करती है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' राष्ट्रीय कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) ढांचे के तहत जारी किया जा रहा है। यह कार्ड केवल दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा के लिए मान्य होगा, जबकि अन्य परिवहन साधनों के लिए रिचार्ज और टॉप-अप की सुविधा उपलब्ध होगी। डिजिटल कार्ड प्राप्त करने के लिए आवेदकों को दिल्ली का वास्तविक निवासी होना चाहिए, उनकी आयु 12 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए, और उनके पास वैध पहचान पत्र होना चाहिए।

इससे पहले, डीटीसी ने दिल्ली में सभी सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों में यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड और महिलाओं एवं ट्रांसजेंडरों के लिए बस यात्रा कार्ड (दोनों एनसीएमसी कार्ड) जारी करने के लिए बैंकों को सूचीबद्ध करने हेतु रुचि पत्र (ईओआई) जारी किया था।

इस नए एनसीएमसी कार्ड का उपयोग अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों के अलावा, पीओएस/ईटीआईएम का उपयोग करते हुए एनसीएमसी अनुपालक एएफसीएस परियोजना में किया जा सकता है। स्मार्ट कार्ड जारी करने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों को सूचीबद्ध करते समय, डीटीसी ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था पाँच वर्षों के लिए होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को उत्कृष्ट यात्रा अनुभव प्रदान करना है। यह योजना न केवल परिवहन क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास है, बल्कि यह सामाजिक सुरक्षा की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त और सुरक्षित यात्रा प्रदान करना है।
सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड कैसे प्राप्त करें?
डिजिटल कार्ड प्राप्त करने के लिए आवेदकों को दिल्ली का वास्तविक निवासी होना चाहिए, उनकी आयु 12 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए, और उनके पास वैध पहचान पत्र होना चाहिए।
क्या यह कार्ड अन्य परिवहन साधनों में भी उपयोग किया जा सकता है?
यह कार्ड मुख्य रूप से डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा के लिए मान्य है, लेकिन अन्य परिवहन साधनों के लिए रिचार्ज और टॉप-अप की सुविधा उपलब्ध है।
इस योजना की शुरुआत कब हुई?
इस योजना की शुरुआत दो हफ्ते पहले की गई थी, जिसमें महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
कितने समय के लिए यह स्मार्ट कार्ड वैध है?
स्मार्ट कार्ड जारी करने के लिए व्यवस्था पाँच वर्षों के लिए होगी।
राष्ट्र प्रेस
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