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धीरपुर में ₹1,668 करोड़ का अंबेडकर विश्वविद्यालय कैंपस, CM रेखा गुप्ता ने दी मंजूरी

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धीरपुर में ₹1,668 करोड़ का अंबेडकर विश्वविद्यालय कैंपस, CM रेखा गुप्ता ने दी मंजूरी

सारांश

दिल्ली सरकार ने धीरपुर में ₹1,668 करोड़ की लागत से अंबेडकर विश्वविद्यालय का नया कैंपस बनाने की मंजूरी दी है। 20 हेक्टेयर में फैला यह परिसर 8,000 विद्यार्थियों के लिए GRIHA 5-स्टार रेटिंग के साथ विकसित होगा — उत्तरी दिल्ली में उच्च शिक्षा की पहुँच बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में 24 जून 2026 को व्यय वित्त समिति ने धीरपुर में AUD के नए कैंपस को मंजूरी दी।
परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,668 करोड़ ; कुल क्षेत्रफल 20 हेक्टेयर (50 एकड़) ।
कैंपस में 8,000 विद्यार्थियों की क्षमता; पहले चरण में 5,400 विद्यार्थियों के लिए सुविधाएँ।
840 विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और 2,500 सीटों का सभागार शामिल।
परिसर GRIHA 5-स्टार मानक पर बनेगा; सौर ऊर्जा, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और जल पुनर्चक्रण की व्यवस्था।
DUAC और दिल्ली अग्निशमन सेवा से वैधानिक अनुमतियाँ पहले ही प्राप्त।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार, 24 जून 2026 को आयोजित राज्य सरकार की व्यय वित्त समिति की बैठक में उत्तरी दिल्ली के धीरपुर में डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (AUD) के नए कैंपस के निर्माण को औपचारिक स्वीकृति दे दी गई। लगभग ₹1,668 करोड़ की लागत से तैयार होने वाला यह परिसर राजधानी में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को नई दिशा देगा।

परियोजना की मुख्य विशेषताएँ

यह अत्याधुनिक परिसर लगभग 20 हेक्टेयर (50 एकड़) भूमि पर विकसित किया जाएगा और इसे 8,000 विद्यार्थियों की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर चरणबद्ध तरीके से बनाया जाएगा। पहले चरण में 5,400 विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सुविधाएँ तैयार की जाएंगी। इसके साथ ही 840 विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं का प्रावधान भी किया गया है।

कैंपस में आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक, केंद्रीय पुस्तकालय, प्रशासनिक भवन, 2,500 सीटों की क्षमता वाला सभागार, स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर और पार्किंग सुविधाएँ शामिल होंगी।

हरित और टिकाऊ निर्माण

परिसर को GRIHA 5-स्टार रेटिंग के अनुरूप विकसित करने की योजना है। इसके तहत सौर एवं भू-तापीय ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और जल संरक्षण की आधुनिक व्यवस्थाएँ विकसित की जाएंगी। गौरतलब है कि दिल्ली शहरी कला आयोग (DUAC) और दिल्ली अग्निशमन सेवा से आवश्यक वैधानिक अनुमतियाँ पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'शिक्षा किसी भी विकसित समाज की सबसे मजबूत नींव होती है और दिल्ली सरकार युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि ऐसे संस्थान विकसित करना है जो विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा, शोध और नवाचार के अवसर प्रदान करें।

बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और शिक्षा मंत्री आशीष सूद सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। परियोजना के क्रियान्वयन की आगे की सभी प्रक्रियाएँ अब दिल्ली PWD द्वारा आगे बढ़ाई जाएंगी।

आम जनता और विद्यार्थियों पर असर

यह परियोजना उत्तरी दिल्ली के उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जिन्हें अभी तक उच्च शिक्षा के लिए दूरदराज के संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था। AUD पहले से ही अपने अंतःविषय और सामाजिक विज्ञान केंद्रित पाठ्यक्रमों के लिए जाना जाता है, और धीरपुर कैंपस इसकी पहुँच को और व्यापक बनाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में उच्च शिक्षा संस्थानों में सीटों की माँग लगातार बढ़ रही है।

आगे क्या होगा

स्वीकृति मिलने के बाद दिल्ली PWD निर्माण-संबंधी प्रक्रियाएँ शुरू करेगा। परिसर के चरणबद्ध विकास की समयसीमा अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है, लेकिन पहले चरण में 5,400 विद्यार्थियों के लिए सुविधाएँ प्राथमिकता पर होंगी। यह कैंपस दिल्ली को देश के प्रमुख ज्ञान और शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

668 करोड़ की यह स्वीकृति कागज पर प्रभावशाली है, लेकिन दिल्ली में बड़े सरकारी निर्माण प्रोजेक्टों का इतिहास समयसीमा और लागत-वृद्धि के मामले में मिश्रित रहा है। AUD पहले से ही अपने कसाबपुर और करोलबाग परिसरों में क्षमता की सीमाओं से जूझ रहा है, इसलिए नया कैंपस एक वास्तविक जरूरत को पूरा करता है। असली परीक्षा यह होगी कि PWD निर्माण को तय चरणों में पूरा कर पाता है या नहीं — और क्या पहले चरण की समयसीमा सार्वजनिक रूप से बाध्यकारी बनाई जाएगी। GRIHA 5-स्टार का लक्ष्य सराहनीय है, लेकिन सरकारी परियोजनाओं में हरित मानकों का अनुपालन अक्सर निर्माण के दौरान कमजोर पड़ जाता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धीरपुर में बनने वाला अंबेडकर विश्वविद्यालय कैंपस क्या है?
यह उत्तरी दिल्ली के धीरपुर में डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (AUD) का नया परिसर है, जिसे ₹1,668 करोड़ की लागत से 20 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसकी कुल क्षमता 8,000 विद्यार्थियों की होगी और इसे चरणबद्ध तरीके से बनाया जाएगा।
इस कैंपस में किस तरह की सुविधाएँ होंगी?
नए कैंपस में आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक, केंद्रीय पुस्तकालय, 2,500 सीटों का सभागार, 840 विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर और पार्किंग सुविधाएँ शामिल होंगी। परिसर GRIHA 5-स्टार रेटिंग के अनुरूप सौर ऊर्जा और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग से लैस होगा।
इस परियोजना को किसने मंजूरी दी और कब?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में 24 जून 2026 को आयोजित दिल्ली सरकार की व्यय वित्त समिति की बैठक में इस परियोजना को औपचारिक स्वीकृति दी गई। बैठक में PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और शिक्षा मंत्री आशीष सूद भी उपस्थित थे।
पहले चरण में कितने विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी?
पहले चरण में 5,400 विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। दीर्घकालिक रूप से यह परिसर 8,000 विद्यार्थियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इस परियोजना का निर्माण कौन करेगा और अनुमतियाँ मिली हैं?
परियोजना का क्रियान्वयन दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग (PWD) करेगा। दिल्ली शहरी कला आयोग (DUAC) और दिल्ली अग्निशमन सेवा से आवश्यक वैधानिक अनुमतियाँ पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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