क्या डीआईआई ने 2025 की पहली छमाही में भारतीय शेयर बाजार में निवेश किए 3.5 लाख करोड़ रुपए?

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क्या डीआईआई ने 2025 की पहली छमाही में भारतीय शेयर बाजार में निवेश किए 3.5 लाख करोड़ रुपए?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में घरेलू निवेशकों का उत्साह बढ़ा हुआ है। 2025 की शुरुआत से अब तक उनका निवेश 3.5 लाख करोड़ रुपए को पार कर चुका है। जानिए इस निवेश के पीछे के कारण और आर्थिक संभावनाएं।

मुख्य बातें

घरेलू निवेशकों का 2025 में निवेश 3.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो चुका है।
निवेश की अवधि में सभी महीने सकारात्मक रहे हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था की 6.5 प्रतिशत की संभावित वृद्धि।
वैश्विक बाजार की स्थिति में अस्थिरता।
निफ्टी और सेंसेक्स ने 7 प्रतिशत और 6 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया।

नई दिल्ली, 26 जून (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार में घरेलू निवेशकों का उत्साह बढ़ता जा रहा है, और 2025 की शुरुआत से अब तक 3.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जा चुका है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों के अनुसार, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) ने इस वर्ष एक जनवरी से 25 जून तक भारतीय शेयर बाजार में 3,54,861.75 करोड़ रुपए का निवेश किया है। जनवरी से लेकर जून तक हर महीने डीआईआई का निवेश सकारात्मक रहा है।

यह निवेश ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक परिस्थितियों के कारण शेयर बाजार में अस्थिरता देखी गई थी।

आंकड़ों के अनुसार, डीआईआई ने जनवरी में 86,591.80 करोड़ रुपए, फरवरी में 64,853.19 करोड़ रुपए, मार्च में 37,585.68 करोड़ रुपए, अप्रैल में 28,228.45 करोड़ रुपए, मई में 67,642.34 करोड़ रुपए और जून (1-25 तक) में 69,960.63 करोड़ रुपए का निवेश किया है।

डीआईआई के लगातार निवेश का मुख्य कारण भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025-26 में 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है, जो सामान्य से अधिक मानसून और मौद्रिक नीति में नरमी के कारण है।

वहीं, अस्थिर वैश्विक वातावरण के कारण विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) का प्रदर्शन मिलाजुला रहा है। जनवरी और फरवरी में एफआईआई ने क्रमशः 87,374.66 करोड़ रुपए और 58,988.08 करोड़ रुपए की बिकवाली की। मार्च में 2,014.18 करोड़ रुपए, अप्रैल में 2,735.02 करोड़ रुपए और मई में 11,773.25 करोड़ रुपए का निवेश किया।

हालांकि, जून (1-25 तक) में एफआईआई ने 5,670.92 करोड़ रुपए की बिकवाली के साथ शुद्ध विक्रेता बने रहे हैं।

वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद, भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन इस वर्ष की पहली छमाही (25 जून तक) में मजबूत बना रहा है।

इस अवधि में एनएसई के मुख्य सूचकांक निफ्टी ने लगभग 7 प्रतिशत और सेंसेक्स ने 6 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना होगा कि भारतीय शेयर बाजार की वृद्धि केवल घरेलू निवेशकों के आत्मविश्वास पर निर्भर नहीं है, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था की स्थिरता और वैश्विक आर्थिक परिवर्तनों पर भी निर्भर करती है। हमें सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय शेयर बाजार में निवेश के लाभ क्या हैं?
निवेश से आपको संभावित लाभ, संपत्ति की वृद्धि, और दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा मिलती है।
क्या भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ रही है?
हां, एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है।
एफआईआई का प्रदर्शन कैसा रहा है?
एफआईआई का प्रदर्शन इस समय मिश्रित रहा है, कुछ महीनों में बिकवाली जबकि अन्य में निवेश हुआ है।
क्या निवेश करना सुरक्षित है?
हर निवेश में जोखिम होता है, लेकिन सही जानकारी और रणनीति से आप सुरक्षित निवेश कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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