दिलीप घोष का इंडिया ब्लॉक पर तंज: 'चाय-पिकनिक के बाद बिखर जाएगा गठबंधन'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 1 अक्टूबर 2026 को न्यू टाउन में मीडिया से बातचीत के दौरान विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नज़दीक आते ही इंडिया ब्लॉक के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह गैर-मुद्दों को हवा देकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
घोष के तीखे तेवर
दिलीप घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'चुनाव अब नज़दीक आ रहे हैं। इंडिया ब्लॉक के पास कोई मुद्दा नहीं है। भारतीय जनता पार्टी — चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें — इस प्रकार काम कर रही है जिससे जनता संतुष्ट है। विपक्षी नेताओं को कोई जगह नहीं मिल रही, इसलिए वे देश में व्यवधान पैदा करने और चुनाव से पहले लोगों को गुमराह करने के लिए गैर-मुद्दों से मुद्दे बना रहे हैं।'
इंडी गठबंधन की एकता को लेकर व्यंग्य करते हुए घोष ने कहा, 'अब सर्दी आ रही है, वे कभी-कभी मिलेंगे, चाय पीएंगे और पिकनिक पर जाएंगे। यह गठबंधन एक पिकनिक पार्टी है और चुनाव खत्म होते ही गठबंधन खत्म हो जाता है।'
नेतृत्व पर सवाल
घोष ने इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, 'इंडी गठबंधन का नेता कौन है? वे एक-दूसरे को पहचानते तक नहीं। अपने ही राज्यों में पार्टियाँ खुद को अलग कर लेती हैं और चुनाव आते ही कहती हैं कि वे गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं।' उन्होंने दावा किया कि 'उनमें से किसी में भी BJP से लड़ने और उसे हराने की हिम्मत नहीं है।'
इंडिया ब्लॉक की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में आयोजित इस तीन घंटे की बैठक में 20 विपक्षी दलों के प्रमुख नेता शामिल हुए। इनमें राहुल गांधी, सोनिया गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, उमर अब्दुल्ला और सुप्रिया सुले प्रमुख रूप से मौजूद रहीं। बैठक में मुख्य रूप से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध विरोध रणनीति पर चर्चा की गई।
इसी बैठक के बाद से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाज़ी तेज़ हो गई है, जिसका प्रतिबिंब घोष के बयान में स्पष्ट दिखता है।
चुनावी संदर्भ
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है। राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और BJP के बीच इन सीटों पर सीधा मुकाबला है, और दोनों पक्षों की बयानबाज़ी चरम पर है।
आगे क्या
6 अक्टूबर के मतदान के नतीजे यह तय करेंगे कि पश्चिम बंगाल में किस दल की स्थिति मज़बूत होती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इंडिया ब्लॉक की एकजुटता या बिखराव का वास्तविक परीक्षण आगामी राज्य और केंद्रीय चुनावों में होगा।