नौवां चीन-यूरेशिया एक्सपो उरुमुछी में शुरू, उप प्रधानमंत्री तिंग शुएश्यांग ने रेशम मार्ग सहयोग का आह्वान किया
सारांश
मुख्य बातें
चीन के शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश के उरुमुछी में 25 जून को नौवें चीन-यूरेशिया एक्सपो का औपचारिक उद्घाटन हुआ। चीनी उप प्रधानमंत्री तिंग शुएश्यांग ने उद्घाटन समारोह में मुख्य भाषण दिया और यूरेशिया क्षेत्र में आपसी सहयोग को नई ऊँचाई देने का आह्वान किया। यह एक्सपो चीन और यूरेशियाई देशों के बीच व्यापार एवं कूटनीतिक संबंधों को मज़बूत करने का प्रमुख मंच माना जाता है।
तिंग शुएश्यांग का मुख्य संबोधन
अपने भाषण में तिंग शुएश्यांग ने कहा कि यूरेशिया महाद्वीप प्राचीन काल से ही सभ्यताओं का चौराहा और व्यापार का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा, 'अब यह 'बेल्ट एंड रोड' के समान निर्माण के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का अहम क्षेत्र बन गया है।' उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के उस आह्वान का भी उल्लेख किया, जिसमें रेशम मार्ग की भावना को आगे बढ़ाते हुए एशिया-यूरोप सहयोग का विस्तार और स्तर उन्नत करने पर जोर दिया गया था।
रेशम मार्ग की पुनर्जीवित भावना
तिंग शुएश्यांग ने कहा कि हाल के वर्षों में चीन ने यूरेशिया के विभिन्न पक्षों के साथ व्यावहारिक सहयोग किया है, जिससे प्राचीन रेशम मार्ग फिर से जीवंत हो उठा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों में जटिल बदलाव हो रहे हैं और ऐसे में शांति तथा समृद्धि के लिए यूरेशिया के करोड़ों लोगों की चाहत पहले से कहीं अधिक प्रबल है। उनके अनुसार, 'हमें रेशम मार्ग की भावना के अनुसार आपसी लाभ वाला सहयोग बढ़ाना चाहिए, ताकि क्षेत्रीय और विश्व विकास में अधिक निश्चितता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके।'
द्विपक्षीय बैठकें
एक्सपो के उद्घाटन से पूर्व तिंग शुएश्यांग ने अलग-अलग कजाखस्तान के उप प्रधानमंत्री, किर्गिजस्तान के उप प्रधानमंत्री और पाकिस्तान की राष्ट्रीय असेंबली के उपाध्यक्ष से मुलाकात की। ये बैठकें क्षेत्रीय कूटनीति और बहुपक्षीय जुड़ाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
आगे की राह
चीन-यूरेशिया एक्सपो का यह नौवाँ संस्करण 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' के अंतर्गत क्षेत्रीय व्यापार और निवेश को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह आयोजन यूरेशियाई देशों के साथ चीन के बढ़ते आर्थिक और कूटनीतिक जुड़ाव की निरंतरता को दर्शाता है।