दीया मिर्जा विवाद: किशोरी पेडनेकर का मुंबई महापौर पर हमला, 'मिर्जा नाम देख अपमान किया' — बहिष्कार का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) नेता और पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने 3 नवंबर 2026 को दीया मिर्जा विवाद में अदालत की टिप्पणी के बाद मुंबई की वर्तमान महापौर और बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएमसी के एक कार्यक्रम से अभिनेत्री दीया मिर्जा का नाम और वीडियो 'मिर्जा' उपनाम देखकर हटाया गया, जो पूरी तरह धर्म-आधारित भेदभाव है। पेडनेकर ने मुंबई की मौजूदा महापौर के बहिष्कार और उन्हें 'ब्लैकलिस्ट' करने का ऐलान भी किया।
मुख्य घटनाक्रम
पेडनेकर ने कहा, 'इस पूरे मामले में आठ-नौ महीने हो गए। बार-बार कोर्ट ही आदेश दे रहा है बीएमसी को। कोर्ट के आदेश के बाद ही बीएमसी काम कर रही है — यह हम देख रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि अदालत की अवमानना के मामले में विधायक अमित भास्कर साटम जैसे बाहरी लोग, जो नगर निगम के सदस्य भी नहीं हैं, गलत बयानबाजी करके चर्चा में बने रहते हैं। गौरतलब है कि यह मामला पिछले कई महीनों से अदालत में लंबित है और बीएमसी को अदालत की ओर से बार-बार निर्देश दिए जाते रहे हैं।
दीया मिर्जा के योगदान का हवाला
पेडनेकर ने अभिनेत्री दीया मिर्जा का पक्ष लेते हुए कहा कि उन्होंने देश का नाम रोशन किया है और उन्हें अनेक सम्मान मिले हैं। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की गुडविल एंबेसडर के रूप में उनके योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों ने उनकी प्रतिभा और योगदान देखकर ही उन्हें आमंत्रित किया था। उनके अनुसार, बाद में नाम और वीडियो हटाकर उनका अपमान करना 'पूरी तरह गलत' है।
महापौर और बीएमसी पर निशाना
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि जब भी कोई महापौर की कुर्सी पर बैठता है तो उसे किसी एक जाति, जमात या धर्म के लिए नहीं, बल्कि पूरी मुंबई के लिए सोचना होता है, क्योंकि मुंबई बहुरंगी और बहुधर्मी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महापौर को अपने अधिकारों की भी जानकारी नहीं है और वे बस 'चर्चा में बने रहने' में व्यस्त हैं। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।
धर्मनिरपेक्षता और 'लाडली बहना' पर सवाल
पेडनेकर ने महाराष्ट्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा, 'क्या यही लाडली बहना है? क्या अब हर व्यक्ति का व्हाट्सएप देखकर तय करेंगे कि वह हिंदू है, ईसाई है या मुसलमान?' उन्होंने दिवाली जैसे बड़े त्योहार के पहले इस तरह की बयानबाजी को अनुचित करार दिया और कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। उन्होंने भाजपा पर बार-बार अपने फैसले बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि 'मिर्जा' नाम देखकर एक प्रतिष्ठित अभिनेत्री का अपमान करना सर्वथा अनुचित है।
आगे क्या
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब महाराष्ट्र की राजनीति में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) के बीच तनाव पहले से तीखा है। अदालत की टिप्पणियों के बाद बीएमसी पर दबाव और बढ़ा है। पेडनेकर के बयान से यह मसला महज प्रशासनिक विवाद से आगे बढ़कर सांप्रदायिक सहिष्णुता और नगर निकाय की जवाबदेही का सवाल बन गया है।