3 नवंबर 2026
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दीया मिर्जा विवाद: किशोरी पेडनेकर का मुंबई महापौर पर हमला, 'मिर्जा नाम देख अपमान किया' — बहिष्कार का ऐलान

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दीया मिर्जा विवाद: किशोरी पेडनेकर का मुंबई महापौर पर हमला, 'मिर्जा नाम देख अपमान किया' — बहिष्कार का ऐलान

सारांश

दीया मिर्जा के नाम को बीएमसी कार्यक्रम से हटाने का मामला अब खुले राजनीतिक टकराव में बदल गया है। शिवसेना (यूबीटी) की किशोरी पेडनेकर ने महापौर के बहिष्कार का ऐलान करते हुए सीधे आरोप लगाया कि 'मिर्जा' उपनाम देखकर भेदभाव किया गया — और यह विवाद अब बीएमसी की जवाबदेही व मुंबई की धर्मनिरपेक्ष पहचान का सवाल बन चुका है।

मुख्य बातें

किशोरी पेडनेकर (शिवसेना यूबीटी) ने 3 नवंबर 2026 को मुंबई की महापौर और बीएमसी पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि 'मिर्जा' उपनाम देखकर अभिनेत्री दीया मिर्जा का नाम व वीडियो बीएमसी कार्यक्रम से हटाया गया।
पेडनेकर ने मुंबई की मौजूदा महापौर का बहिष्कार करने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने का ऐलान किया।
दीया मिर्जा यूएनईपी की गुडविल एंबेसडर रही हैं; पेडनेकर ने उनके राष्ट्रीय योगदान का हवाला दिया।
दोषी बीएमसी अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग; इस मामले में अदालत ने भी आठ-नौ महीनों में कई बार बीएमसी को निर्देश दिए।

शिवसेना (यूबीटी) नेता और पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने 3 नवंबर 2026 को दीया मिर्जा विवाद में अदालत की टिप्पणी के बाद मुंबई की वर्तमान महापौर और बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएमसी के एक कार्यक्रम से अभिनेत्री दीया मिर्जा का नाम और वीडियो 'मिर्जा' उपनाम देखकर हटाया गया, जो पूरी तरह धर्म-आधारित भेदभाव है। पेडनेकर ने मुंबई की मौजूदा महापौर के बहिष्कार और उन्हें 'ब्लैकलिस्ट' करने का ऐलान भी किया।

मुख्य घटनाक्रम

पेडनेकर ने कहा, 'इस पूरे मामले में आठ-नौ महीने हो गए। बार-बार कोर्ट ही आदेश दे रहा है बीएमसी को। कोर्ट के आदेश के बाद ही बीएमसी काम कर रही है — यह हम देख रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि अदालत की अवमानना के मामले में विधायक अमित भास्कर साटम जैसे बाहरी लोग, जो नगर निगम के सदस्य भी नहीं हैं, गलत बयानबाजी करके चर्चा में बने रहते हैं। गौरतलब है कि यह मामला पिछले कई महीनों से अदालत में लंबित है और बीएमसी को अदालत की ओर से बार-बार निर्देश दिए जाते रहे हैं।

दीया मिर्जा के योगदान का हवाला

पेडनेकर ने अभिनेत्री दीया मिर्जा का पक्ष लेते हुए कहा कि उन्होंने देश का नाम रोशन किया है और उन्हें अनेक सम्मान मिले हैं। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की गुडविल एंबेसडर के रूप में उनके योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों ने उनकी प्रतिभा और योगदान देखकर ही उन्हें आमंत्रित किया था। उनके अनुसार, बाद में नाम और वीडियो हटाकर उनका अपमान करना 'पूरी तरह गलत' है।

महापौर और बीएमसी पर निशाना

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि जब भी कोई महापौर की कुर्सी पर बैठता है तो उसे किसी एक जाति, जमात या धर्म के लिए नहीं, बल्कि पूरी मुंबई के लिए सोचना होता है, क्योंकि मुंबई बहुरंगी और बहुधर्मी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महापौर को अपने अधिकारों की भी जानकारी नहीं है और वे बस 'चर्चा में बने रहने' में व्यस्त हैं। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।

धर्मनिरपेक्षता और 'लाडली बहना' पर सवाल

पेडनेकर ने महाराष्ट्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा, 'क्या यही लाडली बहना है? क्या अब हर व्यक्ति का व्हाट्सएप देखकर तय करेंगे कि वह हिंदू है, ईसाई है या मुसलमान?' उन्होंने दिवाली जैसे बड़े त्योहार के पहले इस तरह की बयानबाजी को अनुचित करार दिया और कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। उन्होंने भाजपा पर बार-बार अपने फैसले बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि 'मिर्जा' नाम देखकर एक प्रतिष्ठित अभिनेत्री का अपमान करना सर्वथा अनुचित है।

आगे क्या

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब महाराष्ट्र की राजनीति में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) के बीच तनाव पहले से तीखा है। अदालत की टिप्पणियों के बाद बीएमसी पर दबाव और बढ़ा है। पेडनेकर के बयान से यह मसला महज प्रशासनिक विवाद से आगे बढ़कर सांप्रदायिक सहिष्णुता और नगर निकाय की जवाबदेही का सवाल बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो देश के सबसे बड़े और वित्तीय रूप से सबसे शक्तिशाली नगर निगमों में से एक है, यदि किसी कलाकार को उपनाम के आधार पर अपमानित करती है, तो यह प्रशासनिक विफलता से कहीं अधिक है। दिवाली की पूर्वसंध्या पर यह विवाद भाजपा-नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है, जो 'सबका साथ' की भाषा बोलता है। मुख्यधारा की कवरेज इसे महज राजनीतिक बयानबाजी की तरह देख रही है, लेकिन अदालत के बार-बार हस्तक्षेप की जरूरत इस बात का संकेत है कि बीएमसी का जवाबदेही ढाँचा गहरे संकट में है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीया मिर्जा और बीएमसी विवाद क्या है?
बीएमसी के एक सरकारी कार्यक्रम में अभिनेत्री दीया मिर्जा को आमंत्रित किया गया था, लेकिन बाद में उनका नाम और वीडियो हटा दिया गया। शिवसेना (यूबीटी) नेता किशोरी पेडनेकर ने आरोप लगाया है कि यह निर्णय 'मिर्जा' उपनाम देखकर धर्म के आधार पर किया गया।
किशोरी पेडनेकर ने महापौर का बहिष्कार क्यों किया?
पेडनेकर ने मुंबई की मौजूदा महापौर पर बीएमसी के कामकाज पर ध्यान न देने और धर्म-आधारित टिप्पणी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महापौर को अपने अधिकारों की भी जानकारी नहीं है और वह बस चर्चा में बने रहने को प्राथमिकता देती हैं।
इस मामले में अदालत की क्या भूमिका रही है?
पेडनेकर के अनुसार, यह मामला करीब आठ-नौ महीनों से चल रहा है और अदालत को बार-बार बीएमसी को निर्देश देने पड़े हैं। अदालत की अवमानना के भी मामले सामने आए हैं।
दीया मिर्जा कौन हैं और उनका योगदान क्या है?
दीया मिर्जा एक जानी-मानी भारतीय अभिनेत्री हैं, जिन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले हैं। वह संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की गुडविल एंबेसडर के रूप में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम कर चुकी हैं।
इस विवाद का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह मामला दिवाली के ठीक पहले उठा है और सत्तारूढ़ भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन को सांप्रदायिक भेदभाव के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। शिवसेना (यूबीटी) इसे मुंबई की धर्मनिरपेक्ष पहचान बनाम सत्तारूढ़ दल की नीति के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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