कर्नाटक में 50 लाख मतदाता हटाने की साजिश: CM शिवकुमार ने BJP-JD(S) पर लगाए गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 1 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (एस) के नेता एवं कार्यकर्ता, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए मतदाता सूची से करीब 50 लाख पात्र मतदाताओं के नाम हटाने की कथित आपराधिक साजिश में शामिल हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से तत्काल FIR दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की।
मुख्य आरोप क्या हैं
सीएम शिवकुमार ने दावा किया कि BJP और JD(S) के कार्यकर्ताओं ने कई विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को पहले से भरे हुए फॉर्म-7 आवेदन सौंपे, जिनका मकसद अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (EWS) के पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटवाना था।
उन्होंने कहा, 'यह एक आपराधिक साजिश है और सांप्रदायिक नफरत पैदा करने तथा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की सुनियोजित कोशिश है।' शिवकुमार ने सवाल उठाया कि पहले से भरे ये फॉर्म कहाँ छापे जा रहे हैं और इस अभियान के पीछे कौन है।
ज़िलेवार आँकड़े और साक्ष्य
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्रवार आँकड़े भी साझा किए। उनके अनुसार विजयपुरा में 14,000, भालकी में 3,244 और बाबलेश्वर में 1,600 से अधिक ऐसे फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए। इसके अलावा नरसिम्हराजपुरा, बेलगावी और कई अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी इस तरह की गतिविधियाँ पाई गईं।
शिवकुमार ने बताया कि अभिनेता प्रकाश राज के नेतृत्व वाले एक नागरिक समूह के सदस्यों ने मतदान केंद्रों का दौरा कर इस संबंध में जानकारी जुटाई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ जगहों पर BJP कार्यकर्ताओं ने अपनी गलती स्वीकार भी की है।
SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
सीएम के अनुसार, कर्नाटक में SIR प्रक्रिया के दौरान अब तक 1.07 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए जा चुके हैं और 45 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बावजूद कथित तौर पर अब करीब 50 लाख और मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि शिवकुमार ने SIR प्रक्रिया को रद्द करने की माँग भी दोहराई और इसे 'बड़ा फर्जीवाड़ा' बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी की जानकारी के बिना इस तरह की गतिविधियाँ कैसे संभव हुईं। राज्य सरकार का दावा है कि SIR शुरू होने के बाद से उन्होंने 54,000 BLA-2 प्रतिनिधियों को नियुक्त कर आयोग को पूरा सहयोग दिया है।
सरकार की आगामी कार्रवाई
शिवकुमार ने घोषणा की कि वे मंत्रियों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय जाएँगे और तत्काल कार्रवाई की माँग को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि उचित कार्रवाई न होने तक मंत्री आयोग कार्यालय में धरने पर बैठेंगे।
उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार राज्य के प्रत्येक नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस साजिश को लेकर मामले दर्ज करेगी और इसकी जांच करेगी।' BJP और JD(S) ने इन आरोपों पर अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है, जो इस विवाद को और गहरा बना सकती है।