8 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

फॉर्म-7 दुरुपयोग पर शिवकुमार का BJP पर बड़ा हमला: 'रिकॉर्ड मौजूद, कर्नाटक में 1 लाख वोटर हटाने की कोशिश'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
फॉर्म-7 दुरुपयोग पर शिवकुमार का BJP पर बड़ा हमला: 'रिकॉर्ड मौजूद, कर्नाटक में 1 लाख वोटर हटाने की कोशिश'

सारांश

कर्नाटक के CM डी.के. शिवकुमार ने BJP पर बड़ा हमला बोला — आरोप है कि BJP मुख्यालय में छपे फॉर्म-7 से कर्नाटक में 1 लाख से अधिक वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश हुई। शिवकुमार ने कहा: 'रिकॉर्ड मेरे पास हैं, जांच होकर रहेगी।'

मुख्य बातें

शिवकुमार ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में BJP पर फॉर्म-7 दुरुपयोग के कथित आरोप लगाए।
दावा — कर्नाटक में 1 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने की सुनियोजित कोशिश हुई; अल्पसंख्यक, दलित और पिछड़ा वर्ग के मतदाता निशाने पर।
शिवकुमार ने आरोप लगाया कि BJP मुख्यालय में फॉर्म-7 कंप्यूटर से प्रिंट कर स्थानीय नेताओं को बांटे गए।
केंद्रीय मंत्री एच.डी.
कुमारस्वामी , BJP नेता आर.
अशोक और चलवाड़ी नारायणस्वामी पर राज्यपाल से मिलकर जांच रोकने की माँग का आरोप।
चुनाव आयोग (ECI) ने मामले का संज्ञान लिया; राज्यों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश।
सरकार ने वंचित मतदाताओं को नाम सुनिश्चित कराने के लिए एक महीने का समय देने का निर्देश दिया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के कथित व्यापक दुरुपयोग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि कर्नाटक में 1 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की सुनियोजित कोशिश की गई, जिसके दस्तावेज़ी सबूत उनके पास मौजूद हैं।

मुख्य आरोप और दावे

शिवकुमार ने आरोप लगाया कि BJP मुख्यालय में कंप्यूटर से तैयार और प्रिंट किए गए फॉर्म-7 आवेदन छापे गए और स्थानीय BJP नेताओं को अल्पसंख्यक, दलित और पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं के नाम एवं पते वाले ये फॉर्म उपलब्ध कराए गए। उन्होंने पत्रकारों के सामने कथित फर्जी फॉर्म-7 आवेदन भी प्रदर्शित किए और दावा किया कि उनके पास ऐसे आवेदनों की पूरी बोरी है।

उन्होंने कहा, 'मेरे पास जानकारी और रिकॉर्ड हैं। मैं इसे उजागर करूंगा और सारी जानकारी आलाकमान को सौंपूंगा। BJP नेता बिना किसी शर्म के बेहद घटिया और आपराधिक काम कर रहे हैं।'

मामले का विस्तार और पृष्ठभूमि

शिवकुमार के अनुसार, यह मामला सबसे पहले बेंगलुरु में सामने आया और बाद में पूरे कर्नाटक में फैल गया। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानीय BJP नेताओं ने आवेदन जमा करते समय अपने पहचान पत्र और फोन नंबर का भी उपयोग किया। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों से मतदाता सूची में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।

गौरतलब है कि कथित गड़बड़ी की सूचना मिलने और शिकायत दर्ज होने के बाद, BJP नेताओं ने बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) से संपर्क किया और पहले जमा किए गए कुछ फॉर्म-7 वापस ले लिए। शिवकुमार ने कहा कि यदि समय रहते अधिकारियों ने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी हो जाती।

BJP नेताओं पर सीधा निशाना

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और BJP नेताओं आर. अशोक तथा चलवाड़ी नारायणस्वामी समेत अन्य NDA नेताओं के राज्यपाल से मिलकर मामलों की जांच रोकने की माँग पर सवाल उठाए। उन्होंने तीखे अंदाज़ में पूछा कि अगर कुछ गलत नहीं हुआ है, तो जांच से डरने की क्या वजह है।

उन्होंने कहा, 'उन्हें डर है कि उनके नाम सामने आ जाएंगे, इसलिए वे कह रहे हैं कि किसी जांच की ज़रूरत नहीं है। मैं इस मामले की जांच कराऊंगा।'

सरकार की प्रतिक्रिया और कदम

शिवकुमार ने बताया कि उनकी सरकार ने बेघर और वंचित वर्ग के लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर न होने देने के लिए कदम उठाए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे लोगों को अपनी जानकारी में सुधार कर मतदाता सूची में नाम सुनिश्चित कराने के लिए एक महीने का समय दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग (ECI) ने भी मामले का संज्ञान लिया है और राज्यों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

राहुल गांधी के मुद्दे को समर्थन

शिवकुमार ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से उठाए गए इस मुद्दे का समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल कांग्रेस का मामला नहीं, बल्कि पूरे देश से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार जीवन के अधिकार से जुड़ा है और राहुल गांधी की ज़िम्मेदारी है कि वह हर मतदाता के अधिकार की रक्षा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी दल के समर्थक के मताधिकार की रक्षा करेगी — यहाँ तक कि BJP समर्थकों के मतों की भी।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस आलाकमान को रिकॉर्ड सौंपने और मामले की विस्तृत जांच की बात दोहराई — यह प्रकरण आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब तक कोई बड़ी जवाबदेही तय नहीं हुई। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को नज़रअंदाज़ कर रही है कि अगर सरकार के पास वाकई 'बोरी भर' दस्तावेज़ हैं, तो FIR और ECI के सामने शपथपत्र दाखिल करना राजनीतिक बयानबाज़ी से कहीं अधिक प्रभावशाली होता। मतदाता सूची से नाम हटाना लोकतंत्र की नींव पर चोट है — इसलिए इस मुद्दे को दलीय आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर देखने की ज़रूरत है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फॉर्म-7 क्या है और इसका दुरुपयोग कैसे होता है?
फॉर्म-7 वह आवेदन है जिसके ज़रिए कोई भी व्यक्ति किसी अन्य मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने की शिकायत चुनाव अधिकारी को दे सकता है। शिवकुमार का आरोप है कि कर्नाटक में बड़े पैमाने पर फर्जी फॉर्म-7 भरकर अल्पसंख्यक, दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई।
शिवकुमार ने किन BJP नेताओं पर आरोप लगाए हैं?
शिवकुमार ने केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी, BJP नेता आर. अशोक और चलवाड़ी नारायणस्वामी पर राज्यपाल से मिलकर मामलों की जांच रोकने की माँग करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि जो नेता हाल में राज्यपाल से मिले, उनमें से कुछ का कथित गड़बड़ी से सीधा संबंध है।
कर्नाटक सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
कर्नाटक सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बेघर और वंचित मतदाताओं को अपनी जानकारी सुधारकर मतदाता सूची में नाम सुनिश्चित कराने के लिए एक महीने का समय दिया जाए। शिवकुमार के अनुसार, चुनाव आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लेकर राज्यों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
क्या BJP ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
स्रोत में BJP की ओर से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। हालांकि, शिवकुमार ने कहा कि BJP नेता जांच का विरोध कर रहे हैं और राज्यपाल से मिलकर मामलों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे वे अपराध-बोध का संकेत बताते हैं।
राहुल गांधी का इस विवाद से क्या संबंध है?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद में फॉर्म-7 दुरुपयोग का मुद्दा उठाया था, जिसका शिवकुमार ने समर्थन किया। शिवकुमार ने कहा कि यह मसला केवल कर्नाटक या कांग्रेस तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के मतदाता अधिकारों से जुड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 6 दिन पहले
  5. 6 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले