तमिलनाडु: कांग्रेस नेता रूबी मनोहरन का DMK पर वार — '2026 की हार के बाद सस्ती राजनीति'
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रूबी आर. मनोहरन ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी 2026 के विधानसभा चुनाव में मिली हार को पचा नहीं पा रही और राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कांग्रेस के मुख्यालय सत्यमूर्ति भवन को निशाना बना रही है। चेन्नई में जारी एक बयान में मनोहरन ने DMK और उसके प्रवक्ताओं पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया।
विवाद की जड़
मनोहरन ने DMK नेता ई. परंथमन को सीधे चुनौती दी और कहा कि कांग्रेस पर आरोप लगाने से पहले वे पिछली सरकार के आधिकारिक नीति दस्तावेज़ों की जाँच करें। उन्होंने दावा किया कि 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान तत्कालीन मंत्री आर.एस. राजाकन्नप्पन द्वारा प्रस्तुत आधिकारिक नीति दस्तावेज़ों में जवाहरलाल नेहरू या डॉ. बी.आर. अंबेडकर के नामों का कोई उल्लेख नहीं था।
DMK पर पाखंड का आरोप
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि जब इन दस्तावेज़ों से नेहरू और अंबेडकर के नाम कथित तौर पर अनुपस्थित थे, तब सामाजिक न्याय के प्रति DMK की प्रतिबद्धता कहाँ थी। मनोहरन ने आरोप लगाया कि 2026 के चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन मंत्री शिवा वी. मेय्यानाथन के माध्यम से राजनीतिक फायदे और गठबंधन की मजबूरियों के चलते ये नाम अचानक जोड़े गए। उन्होंने परंथमन से यह भी पूछा कि उस समय विधायक रहते हुए क्या उन्होंने विधानसभा में इन दस्तावेज़ों पर कोई आपत्ति दर्ज कराई थी।
सत्यमूर्ति भवन विवाद
मनोहरन ने कहा कि DMK को कांग्रेस के मुख्यालय सत्यमूर्ति भवन की आलोचना करने या उसका नाम बदलने का सुझाव देने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने पलटवार करते हुए पूछा कि क्या DMK अपने मुख्यालय 'अन्ना अरिवलयम' का नाम बदलने पर विचार करती है, क्योंकि उसने खुद अपने नीति दस्तावेज़ों में नेहरू और अंबेडकर को उचित मान्यता नहीं दी थी।
परंथमन की आलोचना पर निशाना
मनोहरन ने DMK नेता परंथमन की आलोचना को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से जोड़ा। उनके अनुसार, यह आलोचना या तो 2026 के चुनाव में विधानसभा सीट न मिल पाने की निराशा से उपजी है, या भविष्य में पार्टी टिकट की संभावनाओं को बेहतर बनाने की कोशिश है।
कांग्रेस की चेतावनी
मनोहरन ने स्पष्ट किया कि जनता DMK की 'धोखेबाज राजनीतिक चालों' से भली-भाँति परिचित है। उन्होंने आगाह किया कि पार्टी के 'सस्ते राजनीतिक ड्रामे' और सामाजिक न्याय के इतिहास को गलत तरीके से पेश करने की कोशिशों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु में गठबंधन की राजनीति नए समीकरणों की तलाश में है।