30 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तमिलनाडु: कांग्रेस नेता रूबी मनोहरन का DMK पर वार — '2026 की हार के बाद सस्ती राजनीति'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तमिलनाडु: कांग्रेस नेता रूबी मनोहरन का DMK पर वार — '2026 की हार के बाद सस्ती राजनीति'

सारांश

तमिलनाडु कांग्रेस कोषाध्यक्ष रूबी मनोहरन ने DMK पर 2026 चुनावी हार के बाद राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया। सत्यमूर्ति भवन विवाद और नीति दस्तावेज़ों में नेहरू-अंबेडकर के नामों की अनुपस्थिति को लेकर DMK को घेरा — गठबंधन राजनीति में नई दरार।

मुख्य बातें

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रूबी आर.
मनोहरन ने DMK पर 2026 विधानसभा चुनाव की हार के बाद सस्ती राजनीति का आरोप लगाया।
मनोहरन ने दावा किया कि 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के DMK सरकार के नीति दस्तावेज़ों में नेहरू और अंबेडकर के नाम अनुपस्थित थे।
सत्यमूर्ति भवन (कांग्रेस मुख्यालय) का नाम बदलने की DMK की माँग को मनोहरन ने सिरे से नकारा।
परंथमन की आलोचना को व्यक्तिगत टिकट-राजनीति से जोड़ा गया।
मनोहरन ने DMK से पूछा कि क्या वह अपने मुख्यालय 'अन्ना अरिवलयम' का नाम बदलने पर भी विचार करती है।

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रूबी आर. मनोहरन ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी 2026 के विधानसभा चुनाव में मिली हार को पचा नहीं पा रही और राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कांग्रेस के मुख्यालय सत्यमूर्ति भवन को निशाना बना रही है। चेन्नई में जारी एक बयान में मनोहरन ने DMK और उसके प्रवक्ताओं पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया।

विवाद की जड़

मनोहरन ने DMK नेता ई. परंथमन को सीधे चुनौती दी और कहा कि कांग्रेस पर आरोप लगाने से पहले वे पिछली सरकार के आधिकारिक नीति दस्तावेज़ों की जाँच करें। उन्होंने दावा किया कि 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान तत्कालीन मंत्री आर.एस. राजाकन्नप्पन द्वारा प्रस्तुत आधिकारिक नीति दस्तावेज़ों में जवाहरलाल नेहरू या डॉ. बी.आर. अंबेडकर के नामों का कोई उल्लेख नहीं था।

DMK पर पाखंड का आरोप

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि जब इन दस्तावेज़ों से नेहरू और अंबेडकर के नाम कथित तौर पर अनुपस्थित थे, तब सामाजिक न्याय के प्रति DMK की प्रतिबद्धता कहाँ थी। मनोहरन ने आरोप लगाया कि 2026 के चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन मंत्री शिवा वी. मेय्यानाथन के माध्यम से राजनीतिक फायदे और गठबंधन की मजबूरियों के चलते ये नाम अचानक जोड़े गए। उन्होंने परंथमन से यह भी पूछा कि उस समय विधायक रहते हुए क्या उन्होंने विधानसभा में इन दस्तावेज़ों पर कोई आपत्ति दर्ज कराई थी।

सत्यमूर्ति भवन विवाद

मनोहरन ने कहा कि DMK को कांग्रेस के मुख्यालय सत्यमूर्ति भवन की आलोचना करने या उसका नाम बदलने का सुझाव देने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने पलटवार करते हुए पूछा कि क्या DMK अपने मुख्यालय 'अन्ना अरिवलयम' का नाम बदलने पर विचार करती है, क्योंकि उसने खुद अपने नीति दस्तावेज़ों में नेहरू और अंबेडकर को उचित मान्यता नहीं दी थी।

परंथमन की आलोचना पर निशाना

मनोहरन ने DMK नेता परंथमन की आलोचना को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से जोड़ा। उनके अनुसार, यह आलोचना या तो 2026 के चुनाव में विधानसभा सीट न मिल पाने की निराशा से उपजी है, या भविष्य में पार्टी टिकट की संभावनाओं को बेहतर बनाने की कोशिश है।

कांग्रेस की चेतावनी

मनोहरन ने स्पष्ट किया कि जनता DMK की 'धोखेबाज राजनीतिक चालों' से भली-भाँति परिचित है। उन्होंने आगाह किया कि पार्टी के 'सस्ते राजनीतिक ड्रामे' और सामाजिक न्याय के इतिहास को गलत तरीके से पेश करने की कोशिशों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु में गठबंधन की राजनीति नए समीकरणों की तलाश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे असली सवाल यह है कि तमिलनाडु में विपक्षी राजनीति की अगुआई कौन करेगा। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि यह विवाद गठबंधन की आंतरिक सौदेबाज़ी का हिस्सा है, न कि केवल वैचारिक असहमति।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रूबी मनोहरन ने DMK पर क्या आरोप लगाए हैं?
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रूबी मनोहरन ने DMK पर 2026 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद राजनीतिक प्रतिशोध और 'सस्ती राजनीति' का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि DMK कांग्रेस मुख्यालय सत्यमूर्ति भवन को निशाना बनाकर अपनी चुनावी विफलता से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
सत्यमूर्ति भवन विवाद क्या है?
सत्यमूर्ति भवन चेन्नई स्थित तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी का मुख्यालय है। DMK द्वारा इस भवन के बारे में की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों और नाम बदलने की माँग के जवाब में मनोहरन ने पलटवार करते हुए कहा कि DMK को इस पर आपत्ति जताने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
DMK के नीति दस्तावेज़ों में नेहरू-अंबेडकर के नाम न होने का मुद्दा क्या है?
मनोहरन ने दावा किया कि 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में DMK सरकार के दौरान तत्कालीन मंत्री आर.एस. राजाकन्नप्पन द्वारा प्रस्तुत आधिकारिक नीति दस्तावेज़ों में जवाहरलाल नेहरू और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के नामों का उल्लेख नहीं था। उनके अनुसार, 2026 के चुनाव से ठीक पहले ये नाम राजनीतिक कारणों से जोड़े गए।
DMK नेता ई. परंथमन की भूमिका इस विवाद में क्या है?
परंथमन ने कांग्रेस पर आरोप लगाए थे, जिसके जवाब में मनोहरन ने उन्हें सीधे चुनौती दी। मनोहरन ने कहा कि परंथमन की यह आलोचना या तो 2026 के चुनाव में सीट न मिलने की निराशा से उपजी है या भविष्य में पार्टी टिकट पाने की कोशिश है।
तमिलनाडु में कांग्रेस-DMK संबंध अभी कैसे हैं?
2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद दोनों पार्टियों के बीच तनाव सतह पर आ गया है। गठबंधन के भीतर वैचारिक दावेदारी और सीट-बँटवारे की राजनीति को लेकर असहमति बढ़ रही है, जो इस तरह के सार्वजनिक बयानों में प्रकट हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले