डॉ. इवान हुतिन ने भारत में WHO प्रतिनिधि का पदभार संभाला, विदेश सचिव सिबी जॉर्ज को सौंपे परिचय-पत्र
सारांश
मुख्य बातें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नवनियुक्त भारत प्रतिनिधि डॉ. इवान हुतिन ने 12 जून 2026 को नई दिल्ली में विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से भेंट कर अपने परिचय-पत्र सौंपे। मई 2026 में इस पद पर नियुक्त डॉ. हुतिन के पास अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है।
परिचय-पत्र सौंपने का समारोह
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, "सेक्रेटरी (पश्चिम) सिबी जॉर्ज को भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ. इवान हुतिन से दस्तावेज मिले। सचिव (पश्चिम) ने उन्हें भारत में सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।" यह औपचारिक प्रक्रिया किसी भी नए राजनयिक या बहुपक्षीय प्रतिनिधि के भारत में पदभार ग्रहण करने का अनिवार्य हिस्सा होती है।
डॉ. हुतिन की पृष्ठभूमि और विशेषज्ञता
इस भूमिका से पहले डॉ. हुतिन WHO मुख्यालय में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) विभाग के निदेशक थे, जहाँ उन्होंने दुनिया की सबसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने की वैश्विक कोशिशों का नेतृत्व किया। उनकी विशेषज्ञता क्लिनिकल मेडिसिन, महामारी विज्ञान, संक्रामक रोगों और वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व में फैली है।
शैक्षणिक दृष्टि से, डॉ. हुतिन ने फ्रांस से हेपेटो-गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में एमडी, लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन से क्लिनिकल ट्रॉपिकल मेडिसिन में एमएससी और स्विस ट्रॉपिकल इंस्टीट्यूट से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। इसके अतिरिक्त उन्होंने सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की एपिडेमिक इंटेलिजेंस सर्विस में भी काम किया।
वैश्विक अनुभव और प्रमुख योगदान
डॉ. हुतिन ने अपने करियर में अफ्रीका, यूरोप और एशिया में काम किया है — जिसमें बुर्किना फासो, युगांडा और स्वीडन में यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल (ECDC) में कार्य शामिल है। WHO के साथ 20 से अधिक वर्षों में उन्होंने देश, क्षेत्रीय और मुख्यालय — तीनों स्तरों पर बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया।
उनके उल्लेखनीय योगदानों में सुरक्षित इंजेक्शन वैश्विक नेटवर्क (SIGN) की स्थापना, भारत के क्षेत्रीय महामारी विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम (FETP) की स्थापना में सहयोग, चीन में हेपेटाइटिस-बी रोकथाम कार्यों का नेतृत्व और ग्लोबल हेपेटाइटिस प्रोग्राम के लिए रणनीतिक सूचनाओं का समन्वय शामिल है।
भारत-WHO संबंधों के लिए महत्व
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत AMR, हेपेटाइटिस उन्मूलन और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज जैसे वैश्विक स्वास्थ्य लक्ष्यों पर WHO के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहा है। डॉ. हुतिन की AMR और संक्रामक रोग क्षेत्र में विशेषज्ञता भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के अनुरूप मानी जा रही है।
गौरतलब है कि भारत में WHO का प्रतिनिधि कार्यालय केंद्र सरकार के स्वास्थ्य कार्यक्रमों में तकनीकी सहयोग, नीति परामर्श और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाता है।