मोतिहारी में डीआरडीओ द्वारा अत्याधुनिक रक्षा तकनीक की भव्य प्रदर्शनी, 15-18 अप्रैल तक
सारांश
Key Takeaways
- डीआरडीओ की प्रदर्शनी 15-18 अप्रैल को होगी।
- यह प्रदर्शनी आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को प्रदर्शित करेगी।
- उद्घाटन सांसद राधा मोहन सिंह द्वारा किया जाएगा।
- उन्नत रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
- युवाओं को प्रेरित करने का उद्देश्य।
नई दिल्ली, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) १५ से १८ अप्रैल तक बिहार के मोतिहारी में स्थित महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन करने जा रहा है। इस प्रदर्शनी में संगठन अपनी उन्नत प्रौद्योगिकियों, सुरक्षा प्रणालियों और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों को प्रदर्शित करेगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन सांसद राधा मोहन सिंह, जो कि रक्षा पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं, द्वारा किया जाएगा। प्रदर्शनी की थीम ‘शांति, सत्य और विज्ञान का संगम- सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है, जो देश की वैज्ञानिक प्रगति और रक्षा आत्मनिर्भरता के समन्वय को प्रदर्शित करती है।
इस दौरान विभिन्न प्रकार के उन्नत रक्षा प्रणालियों से लैस मॉडल और उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।
इनमें शामिल हैं: एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (एईडब्ल्यूएंडसी) सिस्टम, आकाश सरफेस-टू-एयर मिसाइल, आकाश-एनजी (नई पीढ़ी) मिसाइल लॉन्चर, ब्रह्मोस मिसाइल, पृथ्वी मिसाइल, एंटी-सैटेलाइट (ए-सेट) मिसाइल, नाग एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल, प्रलय मिसाइल, मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल, एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस), पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (एमएलआरएस), मेन बैटल टैंक (एमबीटी) अर्जुन-एमके-I और II, इंडियन लाइट टैंक (आईएलटी), मॉड्यूलर ब्रिजिंग सिस्टम, ड्रोन डिटेक्शन रडार, उत्तम एईएसए रडार, होलोग्राफिक साइट, ऑटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्शन एंड अलार्म (एसीएडीए) सिस्टम, केमिकल एजेंट मॉनिटर (सीएएम), केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल, न्यूक्लियर (सीबीआरएन), वाटर प्यूरिफिकेशन सिस्टम (सीबीआरएन-डब्ल्यूपीएस), बैक पैक-5 किलोग्राम, एनबीसी सूट एमके-वी, मल्टी-फंक्शनल, माउंटेड गन सिस्टम (एमजीएस), कंपोजिट आर्मर।
कई अन्य प्रौद्योगिकियां भी प्रदर्शित की जाएंगी, जैसे कि पहिएदार बख्तरबंद प्लेटफार्म (डब्ल्यूएचपी), कावेरी इंजन का रैपिड प्रोटोटाइप मॉडल, विस्फोट सुरक्षा सूट, बैलिस्टिक हेलमेट, नौसैनिक इस्पात और अन्य सामग्री प्रौद्योगिकियां।
इस प्रदर्शनी का मुख्य लक्ष्य लोगों, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करना और उन्हें डीआरडीओ की उन प्रौद्योगिकियों के निकट लाना है, जो देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करती हैं।