मुंबई एयरपोर्ट पर DRI की बड़ी कार्रवाई: सोने की तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार, 3 फिलीपींस नागरिक शामिल
सारांश
मुख्य बातें
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने 17 जुलाई को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मुंबई से सोने की तस्करी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिनमें फिलीपींस के तीन नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह एयरपोर्ट पर कार्यरत कुछ निजी कर्मचारियों की मिलीभगत से दुबई और बैंकॉक से ट्रांज़िट यात्रियों के माध्यम से मुंबई में सोने की तस्करी करता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में भारतीय और फिलीपींस दोनों नागरिक शामिल हैं। भारतीय आरोपियों में भांडुप निवासी हिमांशु उपाध्याय (25), कुर्ला निवासी मोहिद हसन सिद्दीकी (32) और फ़िरोज़ सैयद (47) शामिल हैं। फिलीपींस के नागरिकों में लाकिम अलीमुदिन नासेर (35), बेनी लॉयड ओलिवो (35) और क्रिस्टीन जॉय अंदाया पोर्नास्डोरो (35) शामिल हैं। पकड़े गए यात्रियों ने DRI को बताया कि वे एक संगठित तस्करी गिरोह के लिए काम कर रहे थे।
तस्करी का तरीका
जाँच में सामने आया कि यह गिरोह दुबई और बैंकॉक से आने वाले ट्रांज़िट यात्रियों का उपयोग वाहक के रूप में करता था। कथित तौर पर छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर काम करने वाले कुछ निजी कर्मचारी इस नेटवर्क में सहायक भूमिका में थे। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के प्रमुख हवाई अड्डों पर तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
कोकीन जब्ती का पूर्व मामला
गौरतलब है कि इसी DRI की मुंबई जोनल यूनिट ने इससे पहले 5 जुलाई को उसी हवाई अड्डे पर 2.128 किलोग्राम कोकीन जब्त की थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत करीब ₹10.65 करोड़ बताई गई है। खुफिया सूचना के आधार पर की गई उस कार्रवाई में सिएरा लियोन की राजधानी फ्रीटाउन से नैरोबी के रास्ते मुंबई पहुँची एक महिला यात्री को जाँच के लिए रोका गया था।
अधिकारियों ने महिला के ट्रॉली बैग को एक्स-रे मशीन से स्कैन किया, जिसमें बैग के धातु के हैंडल में असामान्य वस्तु होने का संदेह हुआ। हैंडल को काटकर जाँच करने पर उसके भीतर 17 बेलनाकार पैकेट मिले, जो फील्ड टेस्ट किट में कोकीन पाए गए।
DRI की बढ़ती सतर्कता
DRI की ये दोनों कार्रवाइयाँ मुंबई हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध बढ़ती निगरानी की ओर संकेत करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांज़िट रूट का उपयोग और एयरपोर्ट कर्मचारियों की कथित संलिप्तता इस तरह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को पकड़ पाना अधिक जटिल बनाती है। आगे की जाँच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।