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दिल्ली में ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़: कोटला मुबारकपुर से 8.6 किलो चरस बरामद, तीन नेपाली गिरफ्तार

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दिल्ली में ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़: कोटला मुबारकपुर से 8.6 किलो चरस बरामद, तीन नेपाली गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस ने कोटला मुबारकपुर से ₹8-9 करोड़ की 8.6 किलो चरस बरामद कर तीन नेपाली नागरिकों को दबोचा। सोनौली बॉर्डर से सप्लाई, नोएडा-गुड़गांव तक नेटवर्क — और एक फरार महिला की तलाश जारी है।

मुख्य बातें

साउथ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 29 जून को कोटला मुबारकपुर, नई दिल्ली से 8.6 किलोग्राम चरस बरामद की।
बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹8 से ₹9 करोड़ बताई गई है।
गिरफ्तार तीनों आरोपी — ज्योति पुनमगर , भरत थापा और गोविंद बुद्धा — नेपाल के नागरिक हैं।
सोनौली बॉर्डर पर एक महिला ( बिनमाया ) के ज़रिए चरस की सप्लाई होती थी; वह अभी फरार है।
नेटवर्क नोएडा और गुड़गांव में भी सप्लाई करता था; संपर्क व्हाट्सएप के माध्यम से होता था।
तीनों आरोपी रिमांड पर हैं; जाँच जारी है।

साउथ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 29 जून को कोटला मुबारकपुर, नई दिल्ली में एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और 8.6 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की चरस बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत लगभग ₹8 से ₹9 करोड़ बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपी नेपाल के मूल निवासी हैं और करीब डेढ़ वर्ष से दिल्ली में यह नेटवर्क चला रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

साउथ डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि 29 जून को दोपहर करीब 3 बजे साउथ डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली कि कोटला मुबारकपुर इलाके में तीन संदिग्ध भारी मात्रा में नशीले पदार्थ के साथ मिल सकते हैं। तत्काल एक विशेष टीम गठित कर मौके पर भेजी गई। शाम करीब 6 बजे कोटला मुबारकपुर के एक किराए के मकान से तीनों को पकड़ा गया।

तलाशी के दौरान 8.6 किलोग्राम चरस बरामद हुई। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बाद में आगे की पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया।

आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि

डीसीपी मित्तल के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में ज्योति पुनमगर (नेटवर्क का कथित सरगना), भरत थापा और गोविंद बुद्धा शामिल हैं। तीनों नेपाल के नागरिक हैं और करीब ढाई वर्ष पहले दिल्ली आए थे। इससे पहले ये हिमाचल प्रदेश और गोवा में शेफ के रूप में कार्य कर चुके हैं। पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने लगभग सवा से डेढ़ वर्ष पहले तस्करी का यह काम शुरू किया था।

तस्करी का नेटवर्क और सप्लाई चेन

जाँच में सामने आया है कि सोनौली बॉर्डर पर एक महिला — जिसे पुलिस ने बिनमाया के नाम से पहचाना है — इन आरोपियों को चरस हैंडओवर करती थी। आरोपी आपस में व्हाट्सएप के ज़रिए संपर्क करते थे और नेपाली नागरिक होने के कारण बिनमाया से उनका पुराना परिचय था। डीसीपी के अनुसार, इस नेटवर्क के ज़रिए नोएडा और गुड़गांव में भी नशीले पदार्थों की सप्लाई की जाती थी।

सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

डीसीपी अनंत मित्तल ने इस कार्रवाई को 'नशा मुक्त भारत' अभियान के तहत एक बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि टीमें फरार महिला बिनमाया की तलाश में जुटी हैं और उसकी गिरफ्तारी के बाद ही इस गैंग के पूरे विस्तार की पुष्टि हो सकेगी। इस मामले में आगे की जाँच जारी है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने के प्रयास किए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि सोनौली जैसे खुले सीमा-बिंदुओं पर तस्करी इतने लंबे समय तक कैसे जारी रही। फरार महिला बिनमाया की गिरफ्तारी के बिना इस नेटवर्क की वास्तविक जड़ें अज्ञात रहेंगी। व्हाट्सएप के ज़रिए संचालित और नोएडा-गुड़गांव तक फैला यह नेटवर्क दर्शाता है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई चेन कितनी सुव्यवस्थित हो चुकी है — जो सीमा प्रबंधन और डिजिटल निगरानी दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के कोटला मुबारकपुर में क्या बरामद हुआ?
साउथ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 29 जून को कोटला मुबारकपुर के एक किराए के मकान से 8.6 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की चरस बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत ₹8 से ₹9 करोड़ बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और वे कहाँ के हैं?
गिरफ्तार तीनों आरोपी — ज्योति पुनमगर (कथित सरगना), भरत थापा और गोविंद बुद्धा — नेपाल के नागरिक हैं। ये लोग करीब ढाई वर्ष पहले दिल्ली आए थे और पहले हिमाचल प्रदेश व गोवा में शेफ के रूप में काम कर चुके हैं।
इस ड्रग नेटवर्क में चरस की सप्लाई कहाँ से होती थी?
जाँच के अनुसार, सोनौली बॉर्डर पर एक महिला (बिनमाया) इन आरोपियों को चरस हैंडओवर करती थी। आरोपी व्हाट्सएप के ज़रिए संपर्क में रहते थे और दिल्ली के अलावा नोएडा तथा गुड़गांव में भी सप्लाई करते थे।
क्या इस मामले में कोई और आरोपी अभी भी फरार है?
हाँ, सोनौली बॉर्डर पर चरस हैंडओवर करने वाली महिला बिनमाया अभी फरार है। डीसीपी अनंत मित्तल के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी के बाद ही इस गैंग के पूरे विस्तार की पुष्टि हो सकेगी।
यह कार्रवाई किस अभियान के तहत की गई?
'नशा मुक्त भारत' अभियान के तहत साउथ डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ ने यह ऑपरेशन चलाया। डीसीपी अनंत मित्तल ने इसे अभियान की एक बड़ी सफलता बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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