ई सुश्रुत क्लिनिक लॉन्च: छोटे क्लीनिकों को मिलेगा ₹299/माह में डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार, 29 जून 2026 को नई दिल्ली में छोटे क्लीनिकों के लिए 'ई सुश्रुत क्लिनिक' हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम का शुभारंभ किया। सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) द्वारा विकसित यह क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म देश के छोटे ओपीडी क्लीनिकों को किफायती डिजिटल समाधान देने और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को गति देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की ₹200 की सब्सिडी के बाद इसका प्रभावी मासिक शुल्क मात्र ₹299 रहेगा।
क्यों पड़ी इस प्लेटफॉर्म की ज़रूरत
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश के अधिकांश छोटे ओपीडी क्लीनिक आज भी मैनुअल व्यवस्था पर निर्भर हैं। बाज़ार में उपलब्ध बड़े हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम महंगे और तकनीकी रूप से जटिल होने के कारण इन क्लीनिकों की पहुँच से बाहर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को प्राथमिकता दे रही है।
गौरतलब है कि देश में लाखों छोटे निजी और सरकारी क्लीनिक हैं, जो प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ हैं, फिर भी डिजिटल स्वास्थ्य ढाँचे में इनकी भागीदारी अत्यंत सीमित रही है। 'ई सुश्रुत क्लिनिक' इसी अंतर को पाटने का प्रयास है।
मुख्य सुविधाएँ और तकनीकी विशेषताएँ
यह एक हल्का, क्लाउड-आधारित सिस्टम है जिसे विशेष रूप से छोटे आउटपेशेंट क्लीनिकों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। इसकी प्रमुख सुविधाओं में शामिल हैं:
मरीज़ पंजीकरण, बिलिंग, MIS रिपोर्टिंग, स्पीच-टू-टेक्स्ट इनपुट, क्लीनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, और आयुष्मान भारत लाभार्थी खोज की सुविधा। इसके संचालन के लिए किसी विशेष तकनीकी प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होगी।
महत्वपूर्ण यह है कि केवल हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) में पंजीकृत डॉक्टर ही इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकेंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि सुविधा का लाभ केवल प्रमाणित चिकित्सकों तक पहुँचे।
मूल्य निर्धारण और सब्सिडी
प्लेटफॉर्म की मूल कीमत ₹499 प्रति माह (पाँच उपयोगकर्ताओं के लिए) निर्धारित है। NHA की ओर से ₹200 की सब्सिडी मिलने के बाद प्रभावी शुल्क ₹299 प्रति माह रह जाएगा। शुरुआती तीन महीने यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। पाँच से अधिक उपयोगकर्ता जोड़ने पर प्रत्येक अतिरिक्त उपयोगकर्ता के लिए ₹50 प्रति माह अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
NHA और सी-डैक के बीच समझौता
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और सी-डैक के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके तहत सी-डैक सॉफ्टवेयर का रखरखाव और अपग्रेडेशन करेगा, जबकि NHA वित्तीय व तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। NHA मरीज़ों को भेजे जाने वाले SMS और एप्लिकेशन की क्लाउड होस्टिंग का खर्च भी वहन करेगा, और कॉल सेंटर के ज़रिए उपयोगकर्ताओं को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अब तक की प्रगति और आगे की राह
लॉन्च के समय तक 800 से अधिक स्वास्थ्य संस्थान इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं और 680 से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं। सरकार की योजना है कि इसे सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों, उप-स्वास्थ्य केंद्रों और निजी क्लीनिकों — सभी में लागू किया जाए। यदि क्रियान्वयन सुचारु रहा, तो यह प्रयास भारत के डिजिटल स्वास्थ्य ढाँचे में प्राथमिक देखभाल स्तर पर एक निर्णायक बदलाव ला सकता है।