ईस्टर पर पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मु और ओम बिरला का संदेश

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ईस्टर पर पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मु और ओम बिरला का संदेश

सारांश

ईस्टर डे पर पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मु और ओम बिरला ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। जानें इस पर्व का महत्व और प्रेरणादायक संदेश।

Key Takeaways

  • ईस्टर का पर्व आशा और नए जीवन का प्रतीक है।
  • यीशु मसीह की शिक्षाएं दयालुता और एकता को बढ़ावा देती हैं।
  • ईस्टर एग्स नए जीवन का प्रतीक होते हैं।
  • राष्ट्रपति मुर्मु ने सत्य और प्रेम के मूल्यों को अपनाने की अपील की।
  • ईस्टर 'होली वीक' का अंतिम दिन है।

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 'ईस्टर डे' के विशेष अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और इस पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईस्टर के शुभ अवसर पर बधाई दी और कहा कि यह पवित्र दिन आशा और नवजीवन का प्रतीक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पर्व सभी के जीवन में शांति, खुशी और उजाला लेकर आए। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि यीशु मसीह की शिक्षाएं लोगों को दयालु बनने और समाज में एकता की भावना को बढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी ईस्टर के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन दिन भगवान यीशु मसीह के पुनरुत्थान की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि यह अवसर हमें सत्य, प्रेम, करुणा, त्याग और क्षमा जैसे मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। राष्ट्रपति ने लोगों से अपील की कि वे इस दिन सामूहिक रूप से शांति, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लें।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी ईस्टर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन नए आरंभ, आस्था को मजबूत करने और जीवन में खुशी, शांति और ईश्वर की कृपा के असीम आशीर्वाद लाने का संदेश देता है।

ईस्टर, ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे यीशु मसीह के पुनरुत्थान के रूप में मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि रोमन शासन द्वारा सूली पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद यीशु मसीह मृतकों में से जीवित हो उठे थे। इसे पाप और मृत्यु पर विजय का प्रतीक माना जाता है।

ईस्टर, 'होली वीक' का अंतिम और सबसे प्रमुख दिन भी है, जिसमें पाम संडे (यीशु का यरुशलम में प्रवेश), मौंडी थर्सडे (द लास्ट सपर) और गुड फ्राइडे (सूली पर चढ़ाया जाना) जैसे महत्वपूर्ण दिन शामिल होते हैं।

'ईस्टर एग्स' भी इस पर्व का खास हिस्सा हैं। एग्स नए जीवन और खाली कब्र का प्रतीक माने जाते हैं। परंपरागत रूप से इन्हें लाल रंग में रंगा जाता है, जो मसीह के रक्त का प्रतीक होता है।

Point of View

बल्कि सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देता है।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

ईस्टर डे कब मनाया जाता है?
ईस्टर डे हर वर्ष वसंत ऋतु के पहले पूर्णिमा के बाद आने वाले रविवार को मनाया जाता है।
ईस्टर का महत्व क्या है?
ईस्टर ईसाई धर्म में यीशु मसीह के पुनरुत्थान का प्रतीक है, जो पाप और मृत्यु पर विजय का संकेत है।
ईस्टर एग्स का क्या अर्थ है?
ईस्टर एग्स नए जीवन और पुनरुत्थान का प्रतीक होते हैं, जिन्हें परंपरागत रूप से लाल रंग में रंगा जाता है।
ईस्टर वीक में कौन-कौन से दिन होते हैं?
ईस्टर वीक में पाम संडे, मौंडी थर्सडे और गुड फ्राइडे जैसे महत्वपूर्ण दिन शामिल होते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने ईस्टर पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने ईस्टर को आशा और नए जीवन का प्रतीक बताया और सभी के जीवन में शांति और खुशी की कामना की।
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