राम मंदिर CEO पद के लिए आवेदन आमंत्रित, 18 जुलाई शाम 4 बजे तक करें अप्लाई
सारांश
मुख्य बातें
श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास ने अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई 2026 (शनिवार) सायं 4 बजे निर्धारित की गई है। यह नियुक्ति भारत के सर्वाधिक चर्चित धार्मिक स्थलों में से एक के प्रशासनिक नेतृत्व के लिए की जाएगी।
नियुक्ति की शर्तें और अवधि
न्यास के अनुसार, यह नियुक्ति तीन वर्षों के लिए होगी, जिसे संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है। चयनित अधिकारी की पदस्थापना अयोध्या में होगी। वेतन और अन्य सुविधाएं आपसी सहमति से तय की जाएंगी।
पात्रता की प्रमुख शर्तें
आवेदक का कम से कम स्नातक होना अनिवार्य है। आयु सीमा 50 से 70 वर्ष के बीच रखी गई है। किसी बड़े सार्वजनिक संगठन, संस्था, विभाग या कंपनी में कम से कम 20 वर्षों का प्रबंधकीय अनुभव अनिवार्य है, जिसमें सामान्य प्रशासन, वित्त, लेखा, कार्मिक, जनसंपर्क, आईटी, सुरक्षा और विधि जैसे क्षेत्रों में नेतृत्व का अनुभव शामिल हो।
अभ्यर्थी का सक्रिय हिंदू होना अनिवार्य है, जबकि श्रीरामभक्त वैष्णव होने को वांछनीय माना गया है। हिंदी और अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान भी आवश्यक है। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अथवा मंदिर या हिंदू धार्मिक संस्था के प्रबंधन का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी। अधिसूचना के अनुसार, अनुभवी सेवानिवृत्त अधिकारी भी आवेदन कर सकते हैं।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारियाँ
चयनित CEO महामंत्री के प्रति उत्तरदायी होंगे। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में सभी वैधानिक, प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों का निष्पादन, संस्था की कार्य प्रणाली और संगठन का विकास तथा सभी अधिकारियों, सेवकों और कर्मचारियों के शीर्षस्थ कार्यकारी के रूप में नेतृत्व करना शामिल है।
इसके अतिरिक्त, वित्तीय व्यवहार और लेखों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, सक्षम सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना तथा स्थानीय, राज्य और केंद्र सरकार के साथ समन्वय रखना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
धार्मिक और सांस्कृतिक दायित्व
CEO को समस्त धार्मिक पूजापाठ, उत्सव और अनुष्ठान नियमित व सुचारु रूप से संचालित कराने की जिम्मेदारी होगी। दर्शनार्थियों की सुरक्षा, सुविधा और संतोष सुनिश्चित करना, संस्था और मंदिर की प्रतिष्ठा में वृद्धि करना तथा सनातन परंपराओं की स्थापना और विकास में सहभागिता सुनिश्चित करना भी उनके दायित्वों में शामिल है। संस्था की संपत्तियों की उचित सुरक्षा और नियमानुसार विनिवेश भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
आगे क्या होगा
न्यास द्वारा 18 जुलाई 2026 की समयसीमा के बाद प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की जाएगी। यह नियुक्ति राम मंदिर के दीर्घकालिक प्रशासनिक ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।