महाराष्ट्र में ईंधन जमाखोरी पर CM फडणवीस सख्त, पेट्रोल-डीजल वितरण 52% तक बढ़ाया
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार, 26 मई को स्पष्ट किया कि राज्य में सामान्य मौसमी खपत की तुलना में खुदरा ईंधन की माँग में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और गृह विभाग संयुक्त रूप से आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं, तथा जमाखोरों के विरुद्ध कार्रवाई तय है।
ईंधन वितरण में भारी बढ़ोतरी
फडणवीस ने बताया कि बाज़ार की माँग को संतुलित रखने के लिए राज्य सरकार ने पेट्रोल वितरण में 23 प्रतिशत और डीजल वितरण में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। उन्होंने संकेत दिया कि ईंधन की जमाखोरी की आशंका है, जिस पर प्रशासन की पैनी नज़र है।
कुछ जिलों में यह वृद्धि विशेष रूप से चिंताजनक है। अकोला में खपत में 154 प्रतिशत की असामान्य बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जबकि छत्रपति संभाजीनगर, बीड, भंडारा, बुलढाणा, गोंदिया और हिंगोली सहित कई जिलों में सामान्य बाज़ार खपत में 70 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
वाणिज्यिक और खुदरा आपूर्ति के अंतर का विश्लेषण
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रशासन वाणिज्यिक और खुदरा ईंधन आपूर्ति क्षेत्रों के बीच के अंतर का गहन विश्लेषण कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खुदरा ईंधन संसाधन प्रभावी रूप से कृषि और उपभोक्ता क्षेत्रों तक पहुँचें और बीच में न रोके जाएँ।
पीएसयू तेल विपणन कंपनियों ने आश्वस्त किया है कि महाराष्ट्र भर के सभी पेट्रोल पंपों और तेल कंपनियों के भंडारण स्थलों पर पेट्रोल व डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। राज्य सरकार और तेल कंपनियाँ मिलकर इन भंडारों की नियमित निगरानी कर रही हैं और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उन्हें समय पर भरा जा रहा है।
प्याज संकट और विपक्ष पर निशाना
मौजूदा प्याज संकट पर बोलते हुए फडणवीस ने उत्पादकों की समस्याओं पर राजनीति करने के लिए विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की चिंताओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उनकी मदद के लिए प्रतिबद्ध है।
फडणवीस ने घोषणा की कि केंद्र सरकार ने बुधवार को प्याज उत्पादकों की समस्याओं पर चर्चा के लिए एक विशेष बैठक बुलाई है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने प्याज खरीद पर दी जाने वाली सहायता में ₹3.5 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर इसे लगभग ₹15 प्रति किलोग्राम कर दिया है।
आगे की रणनीति
बुधवार शाम होने वाली समीक्षा बैठक में किसानों के लिए दीर्घकालिक बाज़ार हस्तक्षेप रणनीतियों और सहायता प्रणालियों का मूल्यांकन किया जाएगा। राज्य सरकार ने केंद्रीय अधिकारियों से इस मामले की व्यापक समीक्षा का अनुरोध भी किया है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच सीमावर्ती और मध्य महाराष्ट्र के जिलों में ईंधन की असामान्य माँग देखी जा रही है, जिससे जमाखोरी की आशंका और प्रबल हो गई है।