16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महाराष्ट्र में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति जारी, सरकार ने घबराहट में खरीदारी न करने की अपील की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महाराष्ट्र में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति जारी, सरकार ने घबराहट में खरीदारी न करने की अपील की

सारांश

मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनावों की आँच महाराष्ट्र के ईंधन बाज़ार तक पहुँची — डीजल की माँग एक सप्ताह में रिकॉर्ड 43.37% उछली। सरकार और तेल कंपनियों ने आपूर्ति थामे रखी, 332 छापे मारे और 15 गिरफ्तारियाँ कीं। नागरिकों से जमाखोरी न करने की अपील जारी है।

मुख्य बातें

भारत सरकार , महाराष्ट्र सरकार और बीपीसीएल, आईओसीएल, एचपीसीएल ने 29 मई 2026 को पर्याप्त ईंधन उपलब्धता का आश्वासन दिया।
1 से 28 मई 2026 के दौरान महाराष्ट्र में कुल 527 किलोलीटर पेट्रोल और 1,073 किलोलीटर डीजल की आपूर्ति की गई।
22 से 28 मई के बीच डीजल की माँग में रिकॉर्ड 43.37 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
कालाबाजारी रोकने के लिए 332 छापे , 9 एफआईआर , 15 गिरफ्तारियाँ और 75,595 लीटर अवैध डीजल जब्त।
नागरिकों से घबराहट में ईंधन न खरीदने और जमाखोरी न करने की अपील की गई है।

भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों — बीपीसीएल, आईओसीएल और एचपीसीएल — ने 29 मई 2026 को राज्य के नागरिकों को आश्वस्त किया कि मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद महाराष्ट्र में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है। अधिकारियों ने नागरिकों से घबराहट में ईंधन की जमाखोरी न करने की अपील की है।

मांग में तेज़ उछाल के बावजूद आपूर्ति निर्बाध

महाराष्ट्र राज्य स्तरीय समन्वयक (तेल उद्योग) मिहिर गणेश जोशी ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया कि गहन कृषि गतिविधियों, मौसमी ग्रामीण खपत और ईंधन मूल्य वृद्धि की आशंका से उपजी घबराहट के कारण कई जिलों में ईंधन की माँग में भारी बढ़ोतरी हुई। इसके बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने राज्यभर में आपूर्ति बाधित नहीं होने दी।

1 से 21 मई 2026 के दौरान पेट्रोल की माँग में 18.54 प्रतिशत और डीजल की माँग में 22.30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 22 से 28 मई के बीच पेट्रोल की माँग 13.23 प्रतिशत और डीजल की माँग रिकॉर्ड 43.37 प्रतिशत तक बढ़ गई।

मई में कितनी आपूर्ति हुई

आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, 1 से 21 मई 2026 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने महाराष्ट्र में 402 किलोलीटर पेट्रोल और 789 किलोलीटर डीजल की आपूर्ति की। 22 से 28 मई के बीच अचानक बढ़ी माँग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त 284 टीकेएल डीजल की आपूर्ति की गई।

समग्र रूप से 1 से 28 मई 2026 की अवधि में कुल 527 किलोलीटर पेट्रोल और 1,073 किलोलीटर डीजल की आपूर्ति की गई, जिससे पूरे महाराष्ट्र में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई। यह भी उल्लेखनीय है कि निजी ईंधन खुदरा विक्रेताओं की तुलना में सार्वजनिक क्षेत्र के पंपों पर कीमतों में अंतर के कारण ग्राहकों का रुख सरकारी आउटलेट की ओर बढ़ा, जिससे अतिरिक्त दबाव भी उत्पन्न हुआ।

कालाबाजारी पर कार्रवाई

जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए जिला कलेक्टरों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक 332 छापे मारे जा चुके हैं, जिसके परिणामस्वरूप 9 एफआईआर दर्ज की गईं, 15 गिरफ्तारियाँ हुईं और 75,595 लीटर अवैध डीजल तथा 197 लीटर पेट्रोल जब्त किया गया।

सरकार की अपील और आगे की राह

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ भीतरी इलाकों में छिटपुट माँग-आपूर्ति असंतुलन को छोड़कर राज्य के सभी खुदरा ईंधन आउटलेट सुचारू रूप से काम कर रहे हैं। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में ईंधन न खरीदें। भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियाँ राज्यभर में निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यदि माँग में यही रुझान जारी रहा, तो आने वाले दिनों में आपूर्ति प्रबंधन और निगरानी और सघन की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती यह है कि निजी और सार्वजनिक पंपों के बीच मूल्य-अंतर के कारण जो माँग-केंद्रीकरण हो रहा है, वह दीर्घकालिक आपूर्ति तंत्र पर दबाव बना सकता है। 332 छापों और 15 गिरफ्तारियों से स्पष्ट है कि अवसरवादी जमाखोरी भी एक समानांतर समस्या है जिसे केवल प्रशासनिक कार्रवाई से नहीं, बल्कि पारदर्शी मूल्य नीति से भी संबोधित करना होगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या महाराष्ट्र में पेट्रोल और डीजल की कमी है?
नहीं, सरकारी आश्वासन के अनुसार महाराष्ट्र में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। 1 से 28 मई 2026 के दौरान 527 किलोलीटर पेट्रोल और 1,073 किलोलीटर डीजल की आपूर्ति की गई है और सभी खुदरा आउटलेट सुचारू रूप से काम कर रहे हैं।
महाराष्ट्र में ईंधन की माँग अचानक क्यों बढ़ी?
माँग में वृद्धि के तीन प्रमुख कारण बताए गए हैं — मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनावों से कीमत बढ़ने की आशंका, गहन कृषि गतिविधियाँ और मौसमी ग्रामीण खपत। इसके अलावा निजी पंपों की तुलना में सार्वजनिक पंपों पर कम कीमत के कारण ग्राहकों का रुझान सरकारी आउटलेट की ओर बढ़ा।
ईंधन की जमाखोरी पर सरकार ने क्या कार्रवाई की है?
जिला कलेक्टरों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक 332 छापे मारे गए, 9 एफआईआर दर्ज हुईं, 15 गिरफ्तारियाँ हुईं और 75,595 लीटर अवैध डीजल व 197 लीटर पेट्रोल जब्त किया गया।
22 से 28 मई के बीच डीजल की माँग में कितनी वृद्धि हुई?
22 से 28 मई 2026 के बीच महाराष्ट्र में डीजल की माँग में रिकॉर्ड 43.37 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस अवधि में अतिरिक्त माँग पूरी करने के लिए 284 टीकेएल डीजल की विशेष आपूर्ति की गई।
नागरिकों को ईंधन के संबंध में क्या सलाह दी गई है?
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराहट में ईंधन की खरीदारी या जमाखोरी न करें। भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियाँ राज्यभर में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 3 महीने पहले