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महाराष्ट्र में ईंधन की कोई कमी नहीं: मंत्री छगन भुजबल की अफवाहों पर सख्त चेतावनी

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महाराष्ट्र में ईंधन की कोई कमी नहीं: मंत्री छगन भुजबल की अफवाहों पर सख्त चेतावनी

सारांश

महाराष्ट्र में ईंधन कमी की अफवाहों ने घबराहट में खरीदारी की लहर पैदा कर दी — पेट्रोल बिक्री 23% और डीजल 52% उछली। मंत्री छगन भुजबल ने समीक्षा बैठक में अफवाहों को खारिज किया और मुख्यमंत्री फडणवीस ने जमाखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

मंत्री छगन भुजबल ने 25 मई 2026 को स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार है।
अफवाहों के कारण राज्यभर में पेट्रोल बिक्री में 23% और डीजल बिक्री में 52% की असामान्य वृद्धि दर्ज हुई।
जालना में पेट्रोल बिक्री 49% बढ़ी; कई जिलों में डीजल बिक्री 60% से 100% तक उछली।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ईंधन जमाखोरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
तेल कंपनियों को जिला व तालुका स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।

महाराष्ट्र के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने सोमवार, 25 मई 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और ईंधन की कमी की खबरें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर खरीदारी से बचें, जो कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा कर सकती है।

समीक्षा बैठक में क्या हुआ

मंत्री भुजबल राज्य भर में पेट्रोल और डीजल वितरण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल दिग्गीकर, राज्य राशनिंग नियंत्रक चंद्रकांत डांगे तथा विभिन्न तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में एलपीजी और पीएनजी गैस की उपलब्धता व वितरण नेटवर्क की भी समीक्षा की गई।

घबराहट में खरीदारी से बिक्री में भारी उछाल

जिलावार बिक्री आँकड़ों के अनुसार, अफवाहों के चलते राज्यभर में दैनिक ईंधन खपत में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है। कुल मिलाकर पेट्रोल की बिक्री में लगभग 23 प्रतिशत और डीजल की बिक्री में 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

जिलेवार आँकड़ों के अनुसार पेट्रोल बिक्री में वृद्धि इस प्रकार रही — जालना में 49 प्रतिशत, बुलढाणा में 47 प्रतिशत, अकोला में 44 प्रतिशत और वर्धा में 43 प्रतिशत। कई जिलों में डीजल की बिक्री में 60 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई।

सरकार की प्रतिक्रिया और निर्देश

मंत्री भुजबल ने तेल कंपनियों को जिला और तालुका स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छिटपुट छोटी-मोटी घटनाओं से ईंधन की कमी की अफवाहें फैल रही हैं, जिससे कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन और तेल कंपनियों को थोक खरीद पर कड़ी निगरानी रखने और किसी भी अनुचित जमाखोरी को रोकने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री फडणवीस की कड़ी चेतावनी

इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी पत्रकारों से बात करते हुए ईंधन जमाखोरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य में ईंधन कमी की आशंकाएँ जोर पकड़ रही हैं, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चार बार की बढ़ोतरी मौजूदा वैश्विक संकट का सीधा परिणाम है। फडणवीस ने कहा, 'मैं नागरिकों से आग्रह करता हूँ कि वे घबराकर पेट्रोल और डीजल की खरीदारी या जमाखोरी न करें।'

आगे क्या होगा

सभी संबंधित अधिकारियों को निकट समन्वय में काम करने का निर्देश दिया गया है ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाज़ार में उतार-चढ़ाव के बीच भारत के कई राज्यों में ईंधन आपूर्ति को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी है। जन जागरूकता अभियान के ज़रिये अफवाहों पर अंकुश लगाने की कोशिश जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि नागरिकों की आशंका पूरी तरह निराधार नहीं थी। जन जागरूकता अभियान तब ही कारगर होंगे जब सरकार पारदर्शी तरीके से वास्तविक भंडार के आँकड़े सार्वजनिक करे।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या महाराष्ट्र में सच में पेट्रोल-डीजल की कमी है?
नहीं। मंत्री छगन भुजबल ने 25 मई 2026 को स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार है। बिक्री में वृद्धि अफवाहों के कारण घबराहट में हुई खरीदारी की वजह से है, वास्तविक आपूर्ति संकट के कारण नहीं।
महाराष्ट्र में ईंधन बिक्री में कितनी वृद्धि दर्ज हुई?
जिलावार बिक्री आँकड़ों के अनुसार राज्यभर में पेट्रोल की बिक्री में लगभग 23 प्रतिशत और डीजल की बिक्री में 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई। जालना में पेट्रोल बिक्री 49%, बुलढाणा में 47% और कई जिलों में डीजल बिक्री 60% से 100% तक बढ़ी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जमाखोरों को क्या चेतावनी दी?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ईंधन की जमाखोरी में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने नागरिकों से घबराकर खरीदारी न करने की अपील की और कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी वैश्विक संकट का परिणाम है।
सरकार ने अफवाहों पर काबू पाने के लिए क्या कदम उठाए?
मंत्री भुजबल ने तेल कंपनियों को जिला और तालुका स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। स्थानीय प्रशासन को थोक खरीद पर कड़ी निगरानी और जमाखोरी रोकने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में एलपीजी और पीएनजी गैस पर क्या चर्चा हुई?
समीक्षा बैठक में एलपीजी और पीएनजी गैस की उपलब्धता और वितरण नेटवर्क की भी समीक्षा की गई। सभी अधिकारियों को निकट समन्वय में काम करने का निर्देश दिया गया ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
राष्ट्र प्रेस
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