महाराष्ट्र में ईंधन की कोई कमी नहीं: मंत्री छगन भुजबल की अफवाहों पर सख्त चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने सोमवार, 25 मई 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और ईंधन की कमी की खबरें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर खरीदारी से बचें, जो कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा कर सकती है।
समीक्षा बैठक में क्या हुआ
मंत्री भुजबल राज्य भर में पेट्रोल और डीजल वितरण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल दिग्गीकर, राज्य राशनिंग नियंत्रक चंद्रकांत डांगे तथा विभिन्न तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में एलपीजी और पीएनजी गैस की उपलब्धता व वितरण नेटवर्क की भी समीक्षा की गई।
घबराहट में खरीदारी से बिक्री में भारी उछाल
जिलावार बिक्री आँकड़ों के अनुसार, अफवाहों के चलते राज्यभर में दैनिक ईंधन खपत में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है। कुल मिलाकर पेट्रोल की बिक्री में लगभग 23 प्रतिशत और डीजल की बिक्री में 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
जिलेवार आँकड़ों के अनुसार पेट्रोल बिक्री में वृद्धि इस प्रकार रही — जालना में 49 प्रतिशत, बुलढाणा में 47 प्रतिशत, अकोला में 44 प्रतिशत और वर्धा में 43 प्रतिशत। कई जिलों में डीजल की बिक्री में 60 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई।
सरकार की प्रतिक्रिया और निर्देश
मंत्री भुजबल ने तेल कंपनियों को जिला और तालुका स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छिटपुट छोटी-मोटी घटनाओं से ईंधन की कमी की अफवाहें फैल रही हैं, जिससे कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन और तेल कंपनियों को थोक खरीद पर कड़ी निगरानी रखने और किसी भी अनुचित जमाखोरी को रोकने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री फडणवीस की कड़ी चेतावनी
इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी पत्रकारों से बात करते हुए ईंधन जमाखोरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य में ईंधन कमी की आशंकाएँ जोर पकड़ रही हैं, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चार बार की बढ़ोतरी मौजूदा वैश्विक संकट का सीधा परिणाम है। फडणवीस ने कहा, 'मैं नागरिकों से आग्रह करता हूँ कि वे घबराकर पेट्रोल और डीजल की खरीदारी या जमाखोरी न करें।'
आगे क्या होगा
सभी संबंधित अधिकारियों को निकट समन्वय में काम करने का निर्देश दिया गया है ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाज़ार में उतार-चढ़ाव के बीच भारत के कई राज्यों में ईंधन आपूर्ति को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी है। जन जागरूकता अभियान के ज़रिये अफवाहों पर अंकुश लगाने की कोशिश जारी रहेगी।