महाराष्ट्र में पेट्रोल-डीजल की रिकॉर्ड बिक्री: जालना में 154% उछाल, सरकार ने अफवाहों को बताया जिम्मेदार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र में 23 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की बिक्री में असामान्य तेजी दर्ज की गई — सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्यभर में पेट्रोल की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में 23 प्रतिशत और डीजल की बिक्री 52 प्रतिशत तक बढ़ गई। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईंधन की कोई वास्तविक किल्लत नहीं है और यह उछाल अफवाहों तथा घबराहट में की गई खरीद का परिणाम है।
जिलेवार आंकड़े: जालना सबसे आगे
आंकड़ों के अनुसार जालना में डीजल की बिक्री सबसे अधिक — 154 प्रतिशत — बढ़ी। इसके बाद नांदेड़ में 114 प्रतिशत और वाशिम में 105 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अकोला, अमरावती, उस्मानाबाद, नासिक और परभणी सहित कई अन्य जिलों में भी ईंधन की माँग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई। कई जिलों में डीजल की माँग दोगुनी से भी अधिक रही, जिससे जिला प्रशासन सतर्क हो गया।
सरकार की प्रतिक्रिया और चेतावनी
महाराष्ट्र सरकार ने साफ कहा है कि ईंधन आपूर्ति सामान्य है और बाजार में कोई कृत्रिम कमी नहीं है। अधिकारियों के अनुसार कुछ लोगों ने अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण किया, जिससे बिक्री के आंकड़े असामान्य रूप से बढ़े। गृह विभाग और नागरिक आपूर्ति विभाग ने संयुक्त रूप से निगरानी तेज करने और जरूरी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने चेतावनी दी है कि जमाखोरी, कालाबाजारी या कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
तेल कंपनियों को निर्देश
जिला प्रशासन और तेल कंपनियों को आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनाए रखने और स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में ईंधन की कमी को लेकर चर्चाएं चल रही हैं, जिनके चलते महाराष्ट्र में भी घबराहट में खरीद बढ़ी — हालाँकि राज्य सरकार इसे निराधार बता रही है।
दिल्ली में सीएनजी के दाम फिर बढ़े
इस बीच राजधानी नई दिल्ली में गैस वितरण कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने मंगलवार को सीएनजी की कीमतों में ₹2 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की घोषणा की। नई दरों के लागू होने के बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमत ₹81.09 से बढ़कर ₹83.09 प्रति किलोग्राम हो गई है। यह पिछले दो हफ्तों में चौथी बार सीएनजी के दामों में इजाफा है, जो आम उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र पर बढ़ते दबाव का संकेत है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में ईंधन की कीमतों और आपूर्ति को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी हुई है। महाराष्ट्र सरकार की सख्त निगरानी और चेतावनी के बाद आने वाले दिनों में बिक्री के आंकड़े सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अफवाहों पर काबू पाने के लिए प्रशासन को पारदर्शी संचार और त्वरित जनजागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।