3 सितंबर 2026
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फर्रुखाबाद बाढ़: CM योगी का हवाई सर्वेक्षण, 1,000 परिवारों को राहत सामग्री और गंगा ड्रेजिंग का वादा

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फर्रुखाबाद बाढ़: CM योगी का हवाई सर्वेक्षण, 1,000 परिवारों को राहत सामग्री और गंगा ड्रेजिंग का वादा

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद के 102 बाढ़ग्रस्त गाँवों का हवाई जायज़ा लिया, 1,000 परिवारों को राहत सामग्री बाँटी और गंगा ड्रेजिंग के ज़रिए बाढ़ का स्थायी समाधान करने का वादा किया — साथ ही फसल नुकसान का सर्वे कर डीबीटी से मुआवज़े का भी आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 3 सितंबर को फर्रुखाबाद की सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसीलों का हवाई सर्वेक्षण किया।
पुलिस लाइन में 1,000 परिवारों को 50 आइटम की राहत सामग्री किट वितरित की गई।
आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और ₹1.20 लाख की राहत राशि प्रदान की गई।
बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए गंगा नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइज़ेशन परियोजना शुरू करने के निर्देश दिए गए।
फसल नुकसान सर्वे के बाद किसानों को डीबीटी के माध्यम से मुआवज़ा दिया जाएगा।
102 गाँवों में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम , राहत शिविर और स्वास्थ्य शिविर सक्रिय हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 3 सितंबर को फर्रुखाबाद की बाढ़ प्रभावित सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसीलों का हवाई सर्वेक्षण किया और 102 गाँवों में मां गंगा के उफान से उत्पन्न तबाही का जायज़ा लिया। इसके बाद पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 1,000 परिवारों को बाढ़ राहत सामग्री वितरित की और पीड़ितों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके हर दुख-दर्द में साथ खड़ी है।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से कई परिवारों को राहत सामग्री की किट सौंपी, आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और आपदा मोचक निधि से राहत राशि प्रदान की। सदर तहसील के प्रेमचंद, कुसुम देवी, गिरीश, ज्ञान देवी, मुकेश, रामबरन, रवीश, बृजमोहन, सुआलाल और अरुणेश को भूमि आवंटन के स्वीकृति प्रमाण पत्र एवं ₹1.20 लाख की राहत राशि मिली।

राहत किट में 50 आइटम शामिल हैं — 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 2 किलो अरहर दाल, तेल, चना, लाई, मसाला, बाल्टी, बरसाती और डिग्निटी किट। जो परिवार अपने घरों में सुरक्षित रह सकते हैं, उन तक यह 50 किलो की किट पहुँचाई जा रही है।

बाढ़ का स्थायी समाधान: गंगा ड्रेजिंग

जनप्रतिनिधियों ने बाढ़ की स्थायी रोकथाम के लिए गंगा नदी की ड्रेजिंग और उसे चैनलाइज़ करने का प्रस्ताव रखा। उनके अनुसार, निकाली गई सिल्ट को तटबंध के रूप में उपयोग किया जा सकेगा, जिससे फसल और स्थानीय आबादी दोनों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को ड्रेजिंग कार्य शुरू करने की तैयारी के निर्देश दिए और कहा कि यदि किसी की ज़मीन इस परियोजना में आती है तो उसे उचित मुआवज़ा दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 9 वर्षों में फर्रुखाबाद में सैकड़ों करोड़ की परियोजनाएँ स्वीकृत की हैं। बाढ़ का पानी उतरते ही PWD समेत संबंधित विभागों को टूटी सड़कों का तत्काल पुनर्निर्माण शुरू करने का आदेश दिया गया।

स्वास्थ्य, पशु-चिकित्सा और शिक्षा व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ के मौसम में सर्पदंश, बिच्छू और अन्य विषैले कीड़ों के खतरे को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और जिला अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम तथा एंटी रैबीज इंजेक्शन सहित पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था पहले ही कर दी गई है। जलभराव वाले क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा, वैक्सीन और दवाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए पहली बार शिक्षक शिविरों और गाँवों में जाकर कक्षाएँ ले रहे हैं। 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियाँ और राहत शिविर सक्रिय हैं।

किसानों के लिए मुआवज़ा और कृषि योजनाएँ

मुख्यमंत्री ने बाढ़ से फसल नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए और कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होते ही किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि भेजी जाएगी। आलू किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू पर प्रति बोरा धनराशि की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि 2017 में गन्ने का मूल्य ₹275–300 प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर ₹400 प्रति क्विंटल हो गया है।

विकास और रोज़गार की घोषणाएँ

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे का लिंक एक्सप्रेसवे फर्रुखाबाद से होकर गुजरेगा और यह बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश को ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे युवाओं को रोज़गार के अवसर मिलेंगे। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के तहत 3.52 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों का न्यूनतम मानदेय ₹20,000 किया जाएगा और यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में जाएगी। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत स्नातक अंतिम वर्ष की 50,000 मेधावी छात्राओं को जल्द स्कूटी प्रदान की जाएगी।

इस अवसर पर सांसद मुकेश राजपूत, विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, सुनील कुमार शाक्य, नागेंद्र सिंह राठौर, विधान परिषद सदस्य प्रांशुदत्त द्विवेदी, जिला पंचायत प्रशासक मोनिका यादव, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू, प्रदेश महामंत्री शंकरलाल लोधी और जिलाध्यक्ष फतेह चंद वर्मा उपस्थित रहे। आने वाले दिनों में गंगा ड्रेजिंग परियोजना की रूपरेखा और फसल नुकसान सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा गंगा ड्रेजिंग परियोजना के क्रियान्वयन में है — जो वर्षों से स्थानीय जनप्रतिनिधियों की माँग रही है और अब तक अटकी पड़ी है। फर्रुखाबाद में बाढ़ की पुनरावृत्ति यह सवाल उठाती है कि '9 वर्षों में सैकड़ों करोड़ की परियोजनाओं' के बावजूद 102 गाँव अभी भी जलमग्न क्यों हैं। डीबीटी मुआवज़े की घोषणा सराहनीय है, परंतु सर्वे से वितरण तक की समयसीमा स्पष्ट न होना पीड़ित किसानों की चिंता बनी रहेगी।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी ने फर्रुखाबाद में बाढ़ पीड़ितों को क्या राहत दी?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 सितंबर को पुलिस लाइन में 1,000 परिवारों को 50 आइटम की राहत सामग्री किट वितरित की, जिसमें आटा, चावल, आलू, दाल, तेल, बरसाती और डिग्निटी किट शामिल हैं। आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और ₹1.20 लाख की राहत राशि भी दी गई।
फर्रुखाबाद में बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए क्या योजना है?
मुख्यमंत्री ने गंगा नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइज़ेशन को स्थायी समाधान बताया और प्रशासन को इसकी तैयारी के निर्देश दिए। निकाली गई सिल्ट को तटबंध के रूप में उपयोग किया जाएगा और परियोजना में ज़मीन जाने पर किसानों को उचित मुआवज़ा मिलेगा।
बाढ़ से फसल नुकसान का मुआवज़ा किसानों को कब मिलेगा?
मुख्यमंत्री ने फसल नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। सर्वे रिपोर्ट प्राप्त होते ही किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि सीधे भेजी जाएगी। मुआवज़े की सटीक समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
फर्रुखाबाद के कितने गाँव बाढ़ से प्रभावित हैं और राहत व्यवस्था कैसी है?
फर्रुखाबाद के 102 गाँव बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियाँ, राहत शिविर और स्वास्थ्य शिविर सक्रिय हैं। CHC और जिला अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम सहित पर्याप्त दवाएँ उपलब्ध कराई गई हैं और बाढ़ग्रस्त गाँवों में शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों की कक्षाएँ ले रहे हैं।
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
नवगठित उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम राज्य के 3.52 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए बनाया गया है। इसके तहत न्यूनतम मानदेय ₹20,000 निर्धारित किया गया है जो सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में जाएगा, साथ ही स्वास्थ्य बीमा, EPF और अन्य सुरक्षा कवर भी मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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