फर्रुखाबाद बाढ़: CM योगी का हवाई सर्वेक्षण, 1,000 परिवारों को राहत सामग्री और गंगा ड्रेजिंग का वादा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 3 सितंबर को फर्रुखाबाद की बाढ़ प्रभावित सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसीलों का हवाई सर्वेक्षण किया और 102 गाँवों में मां गंगा के उफान से उत्पन्न तबाही का जायज़ा लिया। इसके बाद पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 1,000 परिवारों को बाढ़ राहत सामग्री वितरित की और पीड़ितों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके हर दुख-दर्द में साथ खड़ी है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से कई परिवारों को राहत सामग्री की किट सौंपी, आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और आपदा मोचक निधि से राहत राशि प्रदान की। सदर तहसील के प्रेमचंद, कुसुम देवी, गिरीश, ज्ञान देवी, मुकेश, रामबरन, रवीश, बृजमोहन, सुआलाल और अरुणेश को भूमि आवंटन के स्वीकृति प्रमाण पत्र एवं ₹1.20 लाख की राहत राशि मिली।
राहत किट में 50 आइटम शामिल हैं — 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 2 किलो अरहर दाल, तेल, चना, लाई, मसाला, बाल्टी, बरसाती और डिग्निटी किट। जो परिवार अपने घरों में सुरक्षित रह सकते हैं, उन तक यह 50 किलो की किट पहुँचाई जा रही है।
बाढ़ का स्थायी समाधान: गंगा ड्रेजिंग
जनप्रतिनिधियों ने बाढ़ की स्थायी रोकथाम के लिए गंगा नदी की ड्रेजिंग और उसे चैनलाइज़ करने का प्रस्ताव रखा। उनके अनुसार, निकाली गई सिल्ट को तटबंध के रूप में उपयोग किया जा सकेगा, जिससे फसल और स्थानीय आबादी दोनों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को ड्रेजिंग कार्य शुरू करने की तैयारी के निर्देश दिए और कहा कि यदि किसी की ज़मीन इस परियोजना में आती है तो उसे उचित मुआवज़ा दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 9 वर्षों में फर्रुखाबाद में सैकड़ों करोड़ की परियोजनाएँ स्वीकृत की हैं। बाढ़ का पानी उतरते ही PWD समेत संबंधित विभागों को टूटी सड़कों का तत्काल पुनर्निर्माण शुरू करने का आदेश दिया गया।
स्वास्थ्य, पशु-चिकित्सा और शिक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ के मौसम में सर्पदंश, बिच्छू और अन्य विषैले कीड़ों के खतरे को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और जिला अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम तथा एंटी रैबीज इंजेक्शन सहित पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था पहले ही कर दी गई है। जलभराव वाले क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा, वैक्सीन और दवाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए पहली बार शिक्षक शिविरों और गाँवों में जाकर कक्षाएँ ले रहे हैं। 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियाँ और राहत शिविर सक्रिय हैं।
किसानों के लिए मुआवज़ा और कृषि योजनाएँ
मुख्यमंत्री ने बाढ़ से फसल नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए और कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होते ही किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि भेजी जाएगी। आलू किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू पर प्रति बोरा धनराशि की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि 2017 में गन्ने का मूल्य ₹275–300 प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर ₹400 प्रति क्विंटल हो गया है।
विकास और रोज़गार की घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे का लिंक एक्सप्रेसवे फर्रुखाबाद से होकर गुजरेगा और यह बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश को ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे युवाओं को रोज़गार के अवसर मिलेंगे। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के तहत 3.52 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों का न्यूनतम मानदेय ₹20,000 किया जाएगा और यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में जाएगी। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत स्नातक अंतिम वर्ष की 50,000 मेधावी छात्राओं को जल्द स्कूटी प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर सांसद मुकेश राजपूत, विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, सुनील कुमार शाक्य, नागेंद्र सिंह राठौर, विधान परिषद सदस्य प्रांशुदत्त द्विवेदी, जिला पंचायत प्रशासक मोनिका यादव, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू, प्रदेश महामंत्री शंकरलाल लोधी और जिलाध्यक्ष फतेह चंद वर्मा उपस्थित रहे। आने वाले दिनों में गंगा ड्रेजिंग परियोजना की रूपरेखा और फसल नुकसान सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।