मायावती का आरोप: फेक सर्वे से बसपा को कमज़ोर दिखाने की साज़िश, यूपी-पंजाब चुनाव से पहले चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 17 अक्टूबर 2026 को लखनऊ से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जानबूझकर फर्ज़ी सर्वेक्षणों का प्रचार किया जा रहा है ताकि बसपा की छवि को कमज़ोर किया जा सके। उन्होंने बहुजन समाज के लोगों से ऐसे दुष्प्रचार के प्रति सतर्क रहने और उत्तर प्रदेश में पाँचवीं बार बसपा की सरकार बनाने के लिए पूरी शक्ति से जुटने की अपील की।
मायावती के मुख्य आरोप
मायावती ने कहा कि जातिवादी मीडिया और सोशल मीडिया धनबल के दुरुपयोग के ज़रिए षड्यंत्रपूर्वक फेक और ध्यान भटकाने वाले सर्वेक्षणों का मिथ्या प्रचार कर रहे हैं। उनके अनुसार, इन तथाकथित सर्वेक्षणों में बसपा को जानबूझकर कम और कमज़ोर दिखाया जाता है, जो अति दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी तीनों राज्यों में अच्छे और दमदार उम्मीदवारों के चयन सहित जमीनी तैयारियों में पूरी तरह जुटी है। मायावती ने कहा कि विरोधी पार्टियों और जातिवादी तत्वों के 'साम, दाम, दंड, भेद' जैसे हथकंडों से बचना ज़रूरी है।
2007 का हवाला — इतिहास का संदर्भ
मायावती ने वर्ष 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी मीडिया का रवैया जातिवादी और द्वेषपूर्ण रहा था। बावजूद इसके, बसपा ने तमाम कयासों को गलत साबित करते हुए पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी।
गौरतलब है कि 2007 में बसपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 में से 206 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। मायावती ने उस कार्यकाल में 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' के सिद्धांत पर आधारित संवैधानिक कल्याणकारी शासन की बात याद दिलाई।
भाजपा और सपा पर निशाना
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शासन से सर्व समाज — खासकर बहुजन समाज — त्रस्त है। उन्होंने इसे बसपा की वापसी का आधार बताते हुए कहा कि जनता की थकान और असंतोष पार्टी के पक्ष में काम करेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के बीच गठबंधन की अटकलें चल रही हैं और बसपा अकेले चुनाव लड़ने के संकेत दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अकेले लड़ने की रणनीति पार्टी के लिए जोखिम और अवसर दोनों लेकर आती है।
कार्यकर्ताओं से अपील
मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे सभी प्रकार के मिथ्या प्रचार और दुष्प्रचार से सतर्क रहें तथा ज़मीनी स्तर पर बहुजन समाज को एकजुट करने में पूरी ऊर्जा लगाएँ। उन्होंने दोहराया कि उत्तर प्रदेश में पाँचवीं बार बसपा की सरकार बनाना ही सबके हित में है।
आगामी विधानसभा चुनाव की तारीखें अभी घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन पार्टी का यह बयान संकेत देता है कि बसपा चुनावी मोड में प्रवेश कर चुकी है और अपने मतदाता आधार को सक्रिय करने की कोशिश शुरू हो गई है।