13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गढ़चिरौली में कथित नक्सली पर्चा बरामद, ओम साईं मेमोरियल कंपनी को बंद करने की चेतावनी; पुलिस अलर्ट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गढ़चिरौली में कथित नक्सली पर्चा बरामद, ओम साईं मेमोरियल कंपनी को बंद करने की चेतावनी; पुलिस अलर्ट

सारांश

गढ़चिरौली के एटापल्ली तहसील में कथित नक्सली पर्चा मिला है जिसमें ओम साईं मेमोरियल कंपनी को बंद करने की चेतावनी दी गई है। पर्चे में लॉयड्स मेटल का नाम न होना पुलिस को प्रमाणिकता पर संदेह दे रहा है। गृह मंत्री अमित शाह की समयसीमा के बाद यह पहला ऐसा मामला है।

मुख्य बातें

गढ़चिरौली के पिपली-बुर्गी पुलिस थाना क्षेत्र में 12 जुलाई को कथित नक्सली पर्चा बरामद हुआ।
पर्चे में ओम साईं मेमोरियल कंपनी को बंद करने की चेतावनी और भाजपा नेता अशोक कामड़े का नाम।
कंपनी को खनन के लिए लगभग 640 हेक्टेयर भूमि आवंटित है।
पर्चे में पूर्व में विरोध का निशाना रही लॉयड्स मेटल कंपनी का नाम नहीं — पुलिस प्रमाणिकता की जाँच कर रही है।
गृह मंत्री अमित शाह की नक्सलवाद उन्मूलन समयसीमा के बाद जिले में इस तरह का यह पहला कथित पर्चा।
पुलिस ने इलाके में गश्त और तलाशी अभियान तेज किए।

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 12 जुलाई को एटापल्ली तहसील के पिपली-बुर्गी पुलिस थाना क्षेत्र में मुख्य सड़क किनारे एक कथित नक्सली पर्चा बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर आ गई हैं। पर्चे में ओम साईं मेमोरियल कंपनी को बंद करने की चेतावनी दी गई है और भाजपा नेता अशोक कामड़े का नाम भी उल्लेखित है। यह घटना गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नक्सलवाद उन्मूलन के लिए तय की गई समयसीमा के बाद जिले में इस प्रकार का पहला कथित पर्चा सामने आने के रूप में देखी जा रही है।

पर्चे का विवरण और बरामदगी

सूत्रों के अनुसार, लाल रंग के कपड़े पर चेतावनी संदेश लिखकर सड़क किनारे लगाया गया था। इसके साथ ही सफेद कागज पर लाल स्याही से लिखा एक अलग पर्चा भी मिला। सूचना मिलते ही गढ़चिरौली पुलिस मौके पर पहुँची, पर्चे को अपने कब्जे में लिया और जाँच शुरू कर दी।

ओम साईं मेमोरियल कंपनी पर विरोध

बताया जा रहा है कि पर्चे में मुख्य रूप से ओम साईं मेमोरियल कंपनी की गतिविधियों को लेकर विरोध जताया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस कंपनी को खनन कार्य के लिए लगभग 640 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है और यह जिले में अपने कार्यों का विस्तार कर रही है। पर्चे में भाजपा नेता अशोक कामड़े के नाम का उल्लेख होना भी जाँच का अहम हिस्सा बन गया है।

प्रमाणिकता पर सवाल

पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि यह पर्चा वास्तव में किसी नक्सली संगठन की ओर से जारी किया गया है या किसी अन्य समूह द्वारा माहौल बनाने का प्रयास है। एक उल्लेखनीय तथ्य यह है कि पर्चे में लॉयड्स मेटल कंपनी का नाम शामिल नहीं है, जबकि इससे पहले कथित नक्सली संगठनों की ओर से लॉयड्स मेटल परियोजना का कई बार विरोध किया जा चुका है। इसी विसंगति के कारण सुरक्षा एजेंसियाँ पर्चे की प्रमाणिकता को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।

सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की प्रतिक्रिया

अधिकारियों के अनुसार, इलाके में गश्त और तलाशी अभियान तेज कर दिए गए हैं। किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें गढ़चिरौली जैसे संवेदनशील जिलों में नक्सल-विरोधी अभियानों को और तेज करने की दिशा में काम कर रही हैं।

आगे क्या

पुलिस पर्चे की जाँच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कर रही है। जाँच के नतीजे यह तय करेंगे कि यह वास्तविक नक्सली गतिविधि है या किसी और उद्देश्य से रचा गया माहौल। गढ़चिरौली में खनन और औद्योगिक विस्तार को लेकर पहले से चली आ रही संवेदनशीलता इस मामले को और जटिल बनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ऐसे में नक्सली प्रतीकों का इस्तेमाल कर दबाव बनाने की कोशिश — चाहे वह असली हो या नकली — एक खतरनाक मिसाल है। अमित शाह की समयसीमा के बाद इस तरह का पर्चा सामने आना, चाहे प्रमाणिक हो या नहीं, यह दिखाता है कि गढ़चिरौली में ज़मीनी तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गढ़चिरौली में मिला कथित नक्सली पर्चा क्या है?
12 जुलाई को एटापल्ली तहसील के पिपली-बुर्गी क्षेत्र में मुख्य सड़क किनारे लाल कपड़े और सफेद कागज पर लिखे दो पर्चे मिले, जिनमें ओम साईं मेमोरियल कंपनी को बंद करने की चेतावनी दी गई है। पुलिस ने पर्चे जब्त कर जाँच शुरू कर दी है।
ओम साईं मेमोरियल कंपनी को क्यों निशाना बनाया गया?
सूत्रों के अनुसार, इस कंपनी को गढ़चिरौली में खनन कार्य के लिए लगभग 640 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है और यह अपनी गतिविधियों का विस्तार कर रही है। पर्चे में कंपनी की इन्हीं गतिविधियों के विरोध में चेतावनी दी गई है।
क्या यह पर्चा वास्तव में नक्सलियों की ओर से है?
पुलिस अभी प्रमाणिकता की जाँच कर रही है। एक अहम संकेत यह है कि पर्चे में लॉयड्स मेटल कंपनी का नाम नहीं है, जो पहले कथित नक्सली विरोध का बार-बार निशाना रही है। इस विसंगति के कारण यह भी जाँचा जा रहा है कि कोई अन्य समूह माहौल बनाने की कोशिश तो नहीं कर रहा।
गृह मंत्री अमित शाह की समयसीमा से इसका क्या संबंध है?
गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद उन्मूलन के लिए एक समयसीमा तय की है। उस समयसीमा के बाद गढ़चिरौली में इस तरह का यह पहला कथित पर्चा सामने आया है, जिससे इलाके में चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
गढ़चिरौली पुलिस ने पर्चे को जब्त कर जाँच शुरू की है। इलाके में गश्त और तलाशी अभियान तेज कर दिए गए हैं और अधिकारियों के अनुसार किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले