गौतम गंभीर और शिखर धवन ने शहीद दिवस पर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि दी

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गौतम गंभीर और शिखर धवन ने शहीद दिवस पर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि दी

सारांश

गौतम गंभीर और शिखर धवन ने शहीद दिवस पर भगत सिंह, सुखदेव थापर और राजगुरु को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस और बलिदान को याद किया। जानिए इस विशेष दिन का महत्व और उनकी विरासत।

मुख्य बातें

शहीद दिवस गौतम गंभीर और शिखर धवन ने उनके बलिदान को सलाम किया।
यह दिन स्वतंत्रता सेनानियों के साहस को मान्यता देता है।

नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और शिखर धवन ने शहीद दिवस के अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह, सुखदेव थापर और राजगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अदम्य साहस एवं बलिदान को नमन किया।

यह दिन उन महान आत्माओं के बलिदान की याद में मनाया जाता है, जिन्हें अंग्रेजों ने 1931 में फांसी की सजा सुनाई थी। देशभर में लोग हर साल उनके साहस और योगदान को याद करते हैं।

गौतम गंभीर ने इस विशेष दिन पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा, "मौत भी उन्हें समझौता करने को मजबूर नहीं कर सकी! वे सरदार भगत सिंह हैं।" दूसरी ओर, शिखर धवन ने भी भगत सिंह और उनके सहयोगियों को श्रद्धांजलि देते हुए एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया। धवन ने लिखा, "शहीद दिवस पर भगत सिंह, सुखदेव थापर और राजगुरु को मेरा सादर नमन। उनकी हिम्मत और बलिदान हमें हमेशा प्रेरित करती रहेगी।"

हर साल शहीद दिवस पर भारत के स्वतंत्रता सेनानियों की वीरता और अंतिम बलिदान का सम्मान किया जाता है। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को प्रतिरोध और देशभक्ति के आदर्श प्रतीक के रूप में याद किया जाता है। हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (एचएसआरए) के सदस्यों ने लाजपत राय की हत्या का बदला लेने के लिए ब्रिटिश अधिकारी जेम्स स्कॉट पर हमला किया था, जिसमें ये तीनों क्रांतिकारी शामिल थे। इसके परिणामस्वरूप 1928 में सॉन्डर्स शूटिंग हुई।

इसके बाद उन्होंने आजादी की मांग करते हुए सेंट्रल असेंबली में बम फेंके, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और मौत की सजा सुनाई गई। समाजवादी विचारधारा से प्रेरित होकर उनका मानना था कि उनका अंतिम बलिदान औपनिवेशिक शासन के खिलाफ एक बड़ा क्रांतिकारी आंदोलन शुरू करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस अवसर पर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान को याद करते हुए लिखा कि हम भारत माता के वीर सपूतों को सम्मानपूर्वक नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने कुर्बानी का मार्ग चुना और देश को अपनी जान से भी ऊपर रखा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहीद दिवस कब मनाया जाता है?
हर साल 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया जाता है।
भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को क्यों याद किया जाता है?
इन तीनों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपने बलिदान के लिए प्रसिद्ध हैं।
गौतम गंभीर और शिखर धवन ने इस दिन क्या कहा?
उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस और बलिदान को याद किया।
राष्ट्र प्रेस