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राजस्थान: 23 साल पुराने भूमि विवाद में निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल न्यायिक हिरासत में

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राजस्थान: 23 साल पुराने भूमि विवाद में निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल न्यायिक हिरासत में

सारांश

राजस्थान में 23 साल पुराने भूमि पट्टा विवाद ने एक निर्दलीय विधायक को जेल की सलाखों तक पहुँचाया। हनुमानगढ़ नगर परिषद सभापति चुनाव के ठीक बीच गणेशराज बंसल की गिरफ्तारी ने स्थानीय राजनीति को हिलाकर रख दिया है — उच्च न्यायालय में अलग राहत के बावजूद वे अब न्यायिक हिरासत में हैं।

मुख्य बातें

निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को 25 सितंबर 2026 को हनुमानगढ़ की सीजेएम अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेजा।
अदालत ने सीआईडी-सीबी की पुलिस रिमांड विस्तार की माँग खारिज की; चार दिन की पुलिस रिमांड 20 सितंबर से शुरू हुई थी।
मामला वर्ष 2003 में हनुमानगढ़ नगर परिषद द्वारा कथित तौर पर जारी जमीन के पट्टों से जुड़ा है।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने बंसल, उनकी पत्नी संतोष बंसल और बेटी वंदना जैन को अलग एफआईआर में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी है।
गिरफ्तारी हनुमानगढ़ नगर परिषद सभापति पद के चुनाव के बीच हुई, जिससे स्थानीय राजनीतिक समीकरण प्रभावित हुए।

हनुमानगढ़ (राजस्थान), 25 सितंबर 2026। 23 साल पुराने भूमि पट्टा विवाद में निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को हनुमानगढ़ की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। अदालत ने जाँच एजेंसी सीआईडी-सीबी की पुलिस रिमांड विस्तार की माँग को खारिज कर दिया।

मुख्य घटनाक्रम

चार दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद सीआईडी-सीबी और स्पेशल क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को बंसल को सीजेएम अदालत में पेश किया। जाँच एजेंसी ने आगे की पूछताछ के लिए रिमांड बढ़ाने की अर्जी दी, किंतु अदालत ने यह माँग अस्वीकार करते हुए विधायक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

बंसल को 20 सितंबर 2026 को उस समय हिरासत में लिया गया था जब वे बीकानेर जा रहे थे। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था, जिसने 21 सितंबर को जाँच एजेंसी को 25 सितंबर तक की पुलिस रिमांड दी थी।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद वर्ष 2003 में कथित तौर पर हनुमानगढ़ नगर परिषद द्वारा जारी किए गए जमीन के पट्टों से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि गणेशराज बंसल, उनकी पत्नी संतोष बंसल और नगर परिषद से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। एफआईआर संख्या 625 में धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।

गौरतलब है कि याचिकाकर्ताओं ने राजस्थान उच्च न्यायालय में दलील दी कि कथित घटना 2003 की है, जबकि एफआईआर 2026 में दर्ज की गई — यह समय-अंतराल मामले का एक विवादास्पद पहलू बना हुआ है।

उच्च न्यायालय से अंतरिम राहत

राजस्थान उच्च न्यायालय ने बंसल, उनकी पत्नी संतोष बंसल और बेटी वंदना जैन को अलग-अलग एफआईआर के मामले में गिरफ्तारी और किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम राहत दी है तथा विस्तृत आदेश सुरक्षित रख लिया है। हालाँकि, उच्च न्यायालय की यह कार्यवाही अलग एफआईआर से संबंधित है और उसे उस भूमि पट्टा मामले से अलग माना जाना चाहिए जिसमें सीआईडी-सीबी ने गिरफ्तारी की।

राजनीतिक असर

बंसल की गिरफ्तारी हनुमानगढ़ नगर परिषद के सभापति पद के चुनाव के बीच हुई। बड़ी संख्या में निर्दलीय पार्षदों का समर्थन होने के कारण स्थानीय राजनीतिक समीकरण में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा था। गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों और निर्दलीय पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया।

आगे क्या होगा

अब गणेशराज बंसल न्यायिक हिरासत में जेल में रहेंगे। सीआईडी-सीबी मामले की जाँच जारी रखेगी और आगे की कार्रवाई जाँच की प्रगति तथा अदालत के आगामी आदेशों पर निर्भर करेगी। राजस्थान उच्च न्यायालय का विस्तृत आदेश भी इस मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें सत्ता-पक्ष और विपक्ष दोनों ने ऐसे हथकंडे अपनाए हैं। उच्च न्यायालय का अंतरिम राहत देना और विस्तृत आदेश सुरक्षित रखना यह संकेत देता है कि न्यायपालिका भी इस मामले को सामान्य नहीं मान रही। असली कसौटी यही होगी कि सीआईडी-सीबी अदालत में पर्याप्त साक्ष्य पेश कर पाती है या नहीं — वरना यह मामला जाँच की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े कर देगा।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणेशराज बंसल को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
गणेशराज बंसल को वर्ष 2003 में हनुमानगढ़ नगर परिषद द्वारा कथित तौर पर जारी किए गए जमीन के पट्टों से जुड़े भूमि विवाद मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन पर, उनकी पत्नी संतोष बंसल और नगर परिषद से जुड़े अन्य लोगों पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं।
गणेशराज बंसल को न्यायिक हिरासत में क्यों भेजा गया?
चार दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद सीआईडी-सीबी ने रिमांड बढ़ाने की माँग की, लेकिन हनुमानगढ़ की सीजेएम अदालत ने यह माँग अस्वीकार कर दी और 25 सितंबर 2026 को बंसल को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने बंसल परिवार को क्या राहत दी है?
राजस्थान उच्च न्यायालय ने गणेशराज बंसल, उनकी पत्नी संतोष बंसल और बेटी वंदना जैन को अलग एफआईआर के मामले में गिरफ्तारी और किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम राहत प्रदान की है। हालाँकि, यह राहत उस भूमि पट्टा मामले में नहीं है जिसमें सीआईडी-सीबी ने गिरफ्तारी की, वे दोनों अलग-अलग मामले हैं।
बंसल की गिरफ्तारी का स्थानीय राजनीति पर क्या असर पड़ा?
बंसल की गिरफ्तारी हनुमानगढ़ नगर परिषद के सभापति पद के चुनाव के बीच हुई, जहाँ बड़ी संख्या में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के कारण उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों और निर्दलीय पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किए।
इस मामले में आगे क्या होगा?
गणेशराज बंसल फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में रहेंगे और सीआईडी-सीबी जाँच जारी रखेगी। राजस्थान उच्च न्यायालय का विस्तृत आदेश आना बाकी है, जो मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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