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गंगा एक्सप्रेसवे पर भारी बारिश में भी यातायात सुचारु, उन्नाव रैंप पर जलभराव की समस्या

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गंगा एक्सप्रेसवे पर भारी बारिश में भी यातायात सुचारु, उन्नाव रैंप पर जलभराव की समस्या

सारांश

भारी मानसूनी बारिश के बावजूद गंगा एक्सप्रेसवे पर यातायात सुचारु है, लेकिन उन्नाव के एक रैंप पर हाईटेंशन विद्युत लाइन की कम ऊँचाई के कारण जल-निकासी बाधित हो रही है। प्रबंधन ने मानसून बाद स्थायी समाधान का भरोसा दिलाया है।

मुख्य बातें

गंगा एक्सप्रेसवे पर 27 सितंबर 2026 को भारी बारिश के बावजूद संपूर्ण मार्ग पर यातायात सामान्य है।
उन्नाव स्थित एक रैंप पर जलभराव हुआ, जिसका कारण समीपस्थ हाईटेंशन विद्युत लाइन की कम ऊँचाई बताई गई है।
प्रोजेक्ट मैनेजर आर.एस.
मिश्र ने कहा कि बारिश असामान्य है, फिर भी एक्सप्रेसवे पूरी तरह क्रियाशील है।
बशीरतगंज इंटरचेंज पर भी जलभराव से वाहन चालकों को परेशानी हुई; स्थानीय निवासियों ने जल-निकासी की कमी को ज़िम्मेदार ठहराया।
विद्युत लाइन स्थानांतरण की प्रक्रिया मानसून समाप्ति के बाद शुरू होने की संभावना है।

गंगा एक्सप्रेसवे पर 27 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद यातायात सामान्य रूप से जारी है। परियोजना प्रबंधन के अनुसार, एक्सप्रेसवे के संपूर्ण मार्ग पर जलभराव की स्थिति नहीं है, सिवाय उन्नाव स्थित एक विशेष रैंप के, जहाँ बारिश का पानी जमा होने की शिकायत सामने आई है।

मुख्य घटनाक्रम

गंगा एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्ट मैनेजर आर.एस. मिश्र ने स्पष्ट किया कि मौजूदा वर्षा असामान्य और अत्यधिक है, फिर भी एक्सप्रेसवे पूर्णतः क्रियाशील है। उन्होंने कहा कि परियोजना की टीम लगातार निगरानी में है और सुरक्षित एवं निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

मिश्र के अनुसार, उन्नाव के जिस रैंप पर जलभराव हुआ है, उसके समीप एक हाईटेंशन विद्युत लाइन अपेक्षाकृत कम ऊँचाई पर स्थित है। इसी कारण उस स्थान की जल-निकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। एजेंसी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ इस लाइन को स्थानांतरित कराने के लिए समन्वय शुरू कर दिया है।

समाधान की दिशा

परियोजना प्रबंधन के मुताबिक, मानसून समाप्त होने के पश्चात हाईटेंशन विद्युत लाइन को शीघ्र स्थानांतरित किए जाने की संभावना है, जिससे उस रैंप की जल-निकासी समस्या स्थायी रूप से हल हो सकेगी। तब तक टीम वैकल्पिक प्रबंधन के ज़रिए यातायात को सुरक्षित बनाए रखने में जुटी है।

बशीरतगंज इंटरचेंज पर भी असर

इस बीच, बशीरतगंज इंटरचेंज — जो दही थाना क्षेत्र में स्थित है — पर भी लगातार बारिश के चलते पानी जमा होने की खबरें हैं। इससे एक्सप्रेसवे से उतरने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और वाहन चालकों को मार्ग पार करने में कठिनाइयाँ झेलनी पड़ीं।

स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना है कि इंटरचेंज मार्ग पर पर्याप्त जल-निकासी का अभाव है, जिसके कारण बारिश के बाद पानी जमा हो जाता है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

आम जनता पर असर

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख ज़िलों को जोड़ता है और प्रतिदिन हज़ारों वाहन इस मार्ग से गुज़रते हैं। भारी बारिश के मौसम में इंटरचेंज और रैंप पर जलभराव की स्थिति न केवल यात्रियों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिहाज़ से भी चिंता का विषय बनती है।

क्या होगा आगे

परियोजना प्रबंधन ने आश्वस्त किया है कि मानसून के बाद विद्युत लाइन का स्थानांतरण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। तब तक टीम की सतत निगरानी जारी रहेगी और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उन्नाव रैंप पर हाईटेंशन विद्युत लाइन जैसी बुनियादी अवसंरचना समस्या का अब तक हल न होना सवाल उठाता है — यह रैंप तो पहले भी वहीं था। बशीरतगंज जैसे इंटरचेंज पर स्थानीय निवासियों की जल-निकासी संबंधी शिकायतें बताती हैं कि एक्सप्रेसवे के निर्माण में सहायक अवसंरचना की योजना पर्याप्त नहीं थी। 'मानसून के बाद' का वादा बार-बार सुनाई देता है — असली परीक्षा यही है कि क्या इस बार वह समयसीमा वास्तव में पूरी होगी।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गंगा एक्सप्रेसवे पर जलभराव की स्थिति क्या है?
गंगा एक्सप्रेसवे के संपूर्ण मार्ग पर जलभराव नहीं है और यातायात सामान्य है। केवल उन्नाव स्थित एक विशेष रैंप पर बारिश का पानी जमा होने की समस्या सामने आई है, जिसका कारण समीपस्थ हाईटेंशन विद्युत लाइन की कम ऊँचाई बताई गई है।
उन्नाव रैंप पर जलभराव का कारण क्या है?
प्रोजेक्ट मैनेजर आर.एस. मिश्र के अनुसार, उस रैंप के पास स्थित हाईटेंशन विद्युत लाइन की ऊँचाई अपेक्षाकृत कम होने के कारण जल-निकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसे स्थानांतरित करने के लिए संबंधित अधिकारियों से समन्वय जारी है।
उन्नाव रैंप की जलभराव समस्या का समाधान कब होगा?
परियोजना प्रबंधन के अनुसार, मानसून समाप्त होने के बाद हाईटेंशन विद्युत लाइन को शीघ्र स्थानांतरित किए जाने की संभावना है, जिससे जल-निकासी की समस्या स्थायी रूप से हल हो सकेगी।
बशीरतगंज इंटरचेंज पर क्या स्थिति है?
बशीरतगंज इंटरचेंज — दही थाना क्षेत्र में स्थित — पर भी भारी बारिश के कारण पानी जमा हुआ, जिससे एक्सप्रेसवे से उतरने वाले वाहनों को परेशानी हुई। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों ने पर्याप्त जल-निकासी व्यवस्था न होने को इसका कारण बताया है।
क्या गंगा एक्सप्रेसवे पर यात्रा अभी सुरक्षित है?
परियोजना प्रबंधन के अनुसार, उन्नाव के उक्त रैंप को छोड़कर पूरे गंगा एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य और सुरक्षित है। टीम लगातार निगरानी कर रही है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद है।
राष्ट्र प्रेस
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