प्रयागराज: गंगा के बढ़ते जलस्तर से बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह में पहुंचा पानी, हुआ प्राकृतिक जलाभिषेक
सारांश
मुख्य बातें
प्रयागराज के संगम क्षेत्र में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर 30 अगस्त को लगातार बढ़ने के कारण प्रसिद्ध बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह में गंगा का पानी प्रवेश कर गया, जिसके बाद लेटे हुए हनुमान जी का प्राकृतिक जलाभिषेक हुआ। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आस्था का विशेष क्षण बन गया।
मुख्य घटनाक्रम
गंगा का पानी मंदिर की सीढ़ियों से होते हुए गर्भगृह की ओर बढ़ता दिखाई दिया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। गर्भगृह में जल प्रवेश के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। जब तक गर्भगृह में गंगा का पानी मौजूद रहेगा, श्रद्धालु लेटे हुए हनुमान जी के प्रत्यक्ष दर्शन नहीं कर सकेंगे। हालांकि, मंदिर परिसर के बाहर स्थित छोटे हनुमान जी के मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना जारी है।
बाढ़ का व्यापक असर
बताया जा रहा है कि नेपाल में भारी बारिश और हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के चलते गंगा के जलस्तर में बीते कुछ दिनों से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसका असर उत्तर प्रदेश और बिहार के गंगा किनारे बसे शहरों में भी दिखाई दे रहा है। वाराणसी, प्रयागराज के अलावा बिहार के बक्सर, पटना और मुंगेर में भी गंगा का पानी नदी के सामान्य बहाव क्षेत्र से आगे बढ़ गया है।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस प्राकृतिक दृश्य को अद्भुत और आस्था से जुड़ा बताया। उनका कहना है कि हर साल जब गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो मां गंगा लेटे हुए हनुमान जी को स्नान कराती हैं। गंगा के जल से गर्भगृह में हुए इस प्राकृतिक अभिषेक को देखने के लिए संगम क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। मंदिर में पानी प्रवेश करने के बावजूद पंडितों ने पूजा-पाठ जारी रखा।
प्रशासन की तैयारी
प्रशासन की ओर से लगातार बढ़ते जलस्तर पर नज़र रखी जा रही है। गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि यह स्थिति हर मानसून सीज़न में संगम क्षेत्र के लिए एक परिचित परिदृश्य है, लेकिन इस बार बाढ़ का फैलाव व्यापक बताया जा रहा है।