30 अगस्त 2026
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प्रयागराज: गंगा के बढ़ते जलस्तर से बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह में पहुंचा पानी, हुआ प्राकृतिक जलाभिषेक

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प्रयागराज: गंगा के बढ़ते जलस्तर से बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह में पहुंचा पानी, हुआ प्राकृतिक जलाभिषेक

सारांश

प्रयागराज के संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह में गंगा का पानी पहुंच गया और लेटे हनुमान जी का प्राकृतिक जलाभिषेक हुआ। नेपाल और हिमालयी क्षेत्रों की भारी बारिश से उफनाई गंगा का असर यूपी-बिहार के कई शहरों में दिख रहा है।

मुख्य बातें

प्रयागराज के संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह में 30 अगस्त को गंगा का पानी प्रवेश कर गया।
लेटे हुए हनुमान जी का गंगाजल से प्राकृतिक जलाभिषेक हुआ; मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए।
नेपाल और हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
वाराणसी, बक्सर, पटना और मुंगेर सहित कई शहरों में गंगा सामान्य बहाव क्षेत्र से आगे बढ़ी।
मंदिर परिसर के बाहर छोटे हनुमान जी के मंदिर में दर्शन और पूजा जारी है।
प्रशासन ने निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

प्रयागराज के संगम क्षेत्र में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर 30 अगस्त को लगातार बढ़ने के कारण प्रसिद्ध बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह में गंगा का पानी प्रवेश कर गया, जिसके बाद लेटे हुए हनुमान जी का प्राकृतिक जलाभिषेक हुआ। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आस्था का विशेष क्षण बन गया।

मुख्य घटनाक्रम

गंगा का पानी मंदिर की सीढ़ियों से होते हुए गर्भगृह की ओर बढ़ता दिखाई दिया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। गर्भगृह में जल प्रवेश के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। जब तक गर्भगृह में गंगा का पानी मौजूद रहेगा, श्रद्धालु लेटे हुए हनुमान जी के प्रत्यक्ष दर्शन नहीं कर सकेंगे। हालांकि, मंदिर परिसर के बाहर स्थित छोटे हनुमान जी के मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना जारी है।

बाढ़ का व्यापक असर

बताया जा रहा है कि नेपाल में भारी बारिश और हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के चलते गंगा के जलस्तर में बीते कुछ दिनों से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसका असर उत्तर प्रदेश और बिहार के गंगा किनारे बसे शहरों में भी दिखाई दे रहा है। वाराणसी, प्रयागराज के अलावा बिहार के बक्सर, पटना और मुंगेर में भी गंगा का पानी नदी के सामान्य बहाव क्षेत्र से आगे बढ़ गया है।

श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया

दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस प्राकृतिक दृश्य को अद्भुत और आस्था से जुड़ा बताया। उनका कहना है कि हर साल जब गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो मां गंगा लेटे हुए हनुमान जी को स्नान कराती हैं। गंगा के जल से गर्भगृह में हुए इस प्राकृतिक अभिषेक को देखने के लिए संगम क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। मंदिर में पानी प्रवेश करने के बावजूद पंडितों ने पूजा-पाठ जारी रखा।

प्रशासन की तैयारी

प्रशासन की ओर से लगातार बढ़ते जलस्तर पर नज़र रखी जा रही है। गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि यह स्थिति हर मानसून सीज़न में संगम क्षेत्र के लिए एक परिचित परिदृश्य है, लेकिन इस बार बाढ़ का फैलाव व्यापक बताया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी इसे लेकर प्रशासनिक तैयारी का सवाल हर बार उठता है। नेपाल और हिमालयी क्षेत्रों से आने वाले अतिरिक्त जल के प्रबंधन के लिए अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय समन्वय की ज़रूरत है, जो अब तक अपर्याप्त रही है। संगम क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और बाढ़ प्रबंधन के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिए एक स्थायी चुनौती है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बड़े हनुमान मंदिर प्रयागराज में गंगा का पानी क्यों पहुंचा?
नेपाल और हिमालयी क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश के कारण गंगा और यमुना के जलस्तर में तेज़ बढ़ोतरी हुई, जिससे संगम क्षेत्र में स्थित बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक पानी पहुंच गया। यह स्थिति हर मानसून सीज़न में दोहराई जाती है।
क्या अभी बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन हो सकते हैं?
गर्भगृह में गंगा का पानी भरे रहने के कारण मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं और लेटे हुए हनुमान जी के प्रत्यक्ष दर्शन अस्थायी रूप से बाधित हैं। हालांकि मंदिर परिसर के बाहर स्थित छोटे हनुमान जी के मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना जारी है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर किन-किन शहरों पर पड़ा है?
उत्तर प्रदेश में प्रयागराज और वाराणसी के अलावा बिहार के बक्सर, पटना और मुंगेर में भी गंगा का पानी सामान्य बहाव क्षेत्र से आगे बढ़ गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्राकृतिक जलाभिषेक का क्या धार्मिक महत्व है?
श्रद्धालुओं के अनुसार हर साल मानसून में जब गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो मां गंगा स्वयं लेटे हुए हनुमान जी को स्नान कराती हैं, जिसे भक्त एक दिव्य और अद्भुत घटना मानते हैं। इस दृश्य को देखने के लिए संगम क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं।
क्या गंगा में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ सकती है?
प्रशासन लगातार जलस्तर पर नज़र रख रहा है। नेपाल और हिमालयी क्षेत्रों में जारी वर्षा को देखते हुए आने वाले दिनों में जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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