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क्या पश्चिम बंगाल में गंगासागर मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ?

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क्या पश्चिम बंगाल में गंगासागर मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ?

सारांश

गंगासागर मेले का समापन 1 करोड़ 30 लाख श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ हुआ। मेले में सुरक्षा को लेकर कोई बड़ी घटना नहीं हुई, सिर्फ एक छोटी आग की सूचना है। जानिए इस धार्मिक आयोजन की खासियतें और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में।

मुख्य बातें

गंगासागर मेला में 1 करोड़ 30 लाख श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
पुलिस ने 15,000 कर्मियों के साथ सुरक्षा सुनिश्चित की।
मेले में केवल एक छोटी आग की घटना हुई, कोई बड़ा संकट नहीं।
गंगासागर मेला कुंभ के बाद दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक मेला है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मेले की व्यवस्थाओं की निगरानी की।

गंगासागर, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24-परगना जिले में आयोजित गंगासागर मेले का सफल समापन हो चुका है। इस मेले में 1 करोड़ 30 लाख श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक बयान में बताया कि एक छोटी सी आग लगने की घटना को छोड़कर गंगासागर मेला बिना किसी अप्रिय घटना के समाप्त हुआ है।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "कुछ स्थानों से गंगासागर मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने की कोशिशें की जा रही हैं, जो हाल ही में बिना किसी अप्रिय घटना के समाप्त हुआ है, सिवाय एक छोटी सी आग लगने की घटना के जिससे किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ।"

पश्चिम बंगाल पुलिस ने कहा, "देश भर से लाखों तीर्थयात्रियों के इस सालाना जमावड़े को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए 15,000 पुलिसकर्मियों की टीम ने सैकड़ों सीनियर अधिकारियों की देखरेख में काम किया। सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक तकनीक से और मजबूत किया गया था, जिसमें 1,300 से ज्यादा सीसीटीवी और थर्मल-इमेजिंग ड्रोन शामिल थे।"

पोस्ट में आगे लिखा गया कि पश्चिम बंगाल पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि राज्य में सभी त्योहार सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों।

गंगासागर मेले के बारे में राज्य के मंत्री अरूप बिस्वास ने कहा, "यह सब योजना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तैयार की थी। हम उनकी तरफ से काम करते रहे। गुरुवार तक 1 करोड़ 30 लाख लोग आए। मुख्यमंत्री ने हर समय निगरानी रखी।"

गौरतलब है कि गंगासागर मेला कुंभ मेले के बाद दूसरा सबसे बड़ा हिंदू धार्मिक मेला माना जाता है। देशभर से श्रद्धालु हर साल मकर संक्रांति पर पवित्र स्नान के लिए यहां आते हैं। पवित्र गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम को गंगासागर कहा जाता है, जो हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। यह धार्मिक मेला हर साल मकर संक्रांति के मौके पर पश्चिम बंगाल के गंगासागर में कपिल मुनि के आश्रम में लगता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कुंभ मेले के बाद दूसरा सबसे बड़ा हिंदू धार्मिक मेला है, ने फिर से यह साबित कर दिया कि भारतीय संस्कृति की गहराई और श्रद्धा में कोई कमी नहीं आई है। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से भी एक सफल उदाहरण प्रस्तुत करता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गंगासागर मेला कब आयोजित होता है?
गंगासागर मेला हर साल मकर संक्रांति के दिन आयोजित होता है।
इस बार गंगासागर मेले में कितने श्रद्धालु आए?
इस बार गंगासागर मेले में 1 करोड़ 30 लाख श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
गंगासागर मेले की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?
गंगासागर मेले में 15,000 पुलिसकर्मियों की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख की।
क्या गंगासागर मेले में कोई अप्रिय घटना हुई?
गंगासागर मेले में एक छोटी सी आग लगने की घटना को छोड़कर कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
गंगासागर का धार्मिक महत्व क्या है?
गंगासागर गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम को दर्शाता है, जो हिंदू धर्म के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल है।
राष्ट्र प्रेस
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