गढ़वा में हेडमास्टर तबादले पर छात्रों का बवाल: थाने पर पथराव, पुलिसकर्मी घायल
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गढ़वा जिले के कांडी स्थित प्लस टू हाई स्कूल में 13 अगस्त को उस समय तनाव फैल गया जब प्रभारी प्रधानाध्यापक मलय कुमार सिंह के तबादले के विरोध में छात्र-छात्राएं सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पहले स्कूल के पास चक्का जाम किया और फिर थाने पर पथराव कर दिया, जिसमें एक पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना है।
मुख्य घटनाक्रम
छात्रों के अनुसार, मलय कुमार सिंह करीब दो महीने पहले कांडी स्कूल में आए थे। उनके कार्यकाल में विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आया था। छात्रों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और उनका तबादला विद्यालय की व्यवस्था को प्रभावित करेगा।
छात्रों ने बताया कि विद्यालय में करीब 2,000 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि विभिन्न विषयों में 17 शिक्षकों की कमी है। ऐसे में एक कार्यकुशल प्रधानाध्यापक का तबादला विद्यार्थियों के भविष्य के लिए हानिकारक होगा।
प्रखंड प्रमुख पर आरोप और स्थिति का बिगड़ना
सड़क जाम की सूचना मिलते ही प्रखंड प्रमुख छात्रों को समझाने मौके पर पहुंचे। इसी दौरान कथित तौर पर उन्होंने एक छात्र को थप्पड़ मारा, जिसके बाद भीड़ का आक्रोश और भड़क गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रखंड प्रमुख की गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी।
स्थिति बिगड़ने पर छात्रों ने थाने पर पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। यह घटना उस समय हुई जब प्रशासन स्थिति को शांत करने का प्रयास कर रहा था।
पुलिस की कार्रवाई
बिगड़ते हालात को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल मौके पर तैनात किया और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी छात्रों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने में जुटे रहे।
छात्रों की मांगें
प्रदर्शनकारी छात्रों ने दो प्रमुख मांगें रखी हैं — पहली, मलय कुमार सिंह का तबादला रद्द कर उन्हें कांडी स्कूल में ही बनाए रखा जाए; दूसरी, कथित रूप से छात्र को थप्पड़ मारने वाले प्रखंड प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब झारखंड के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर छात्रों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रशासन का रुख और प्रधानाध्यापक के तबादले पर अंतिम निर्णय इस मामले की दिशा तय करेगा।