देश में गैस की उपलब्धता यथावत, सीएनजी और पीएनजी की निर्बाध सप्लाई: केंद्र
सारांश
Key Takeaways
- देश में गैस की कोई कमी नहीं है।
- सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति निर्बाध जारी है।
- जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
- इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड द्वारा प्रोत्साहन योजनाएं चल रही हैं।
- उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को सीएनजी और पीएनजी की निर्बाध आपूर्ति जारी है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की विपणन एवं तेल शोधन विभाग की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सीएनजी की आपूर्ति करने वाले ईंधन पंप और घरेलू पीएनजी कनेक्शन सामान्य रूप से कार्यरत हैं।
उन्होंने आगे बताया, "सीएनजी उपयोगकर्ताओं और पीएनजी उपभोक्ताओं को पूरी तरह से आपूर्ति जारी है। अधिकारियों ने जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई भी शुरू कर दी है। कई राज्यों में ईंधन भंडारण और आपूर्ति की जांच के तहत छापे मारे गए हैं।"
वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि कच्चा तेल भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "सभी रिफाइनरियां अपनी पूर्ण क्षमता से काम कर रही हैं। हमारे पेट्रोल पंप सामान्य रूप से चल रहे हैं। अब तक किसी भी प्रकार की कमी की सूचना नहीं मिली है।"
गैस वितरण कंपनियों ने नए पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन योजनाएं भी आरंभ की हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने 31 मार्च से पहले पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराने वाले उपभोक्ताओं को 500 रुपए की मुफ्त गैस देने की घोषणा की है।
इस बीच, घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर उपभोक्ताओं के बीच व्याप्त भय कम होने से एलपीजी बुकिंग में गिरावट आई है, जबकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए विभिन्न राज्यों में छापे मारे जा रहे हैं।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने स्थिति पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं।
मंत्रालय ने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे घबराहट में बुकिंग न करें, डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और एलपीजी वितरकों के पास अनावश्यक रूप से जाने से बचें।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देती रहेगी और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति विशेष रूप से घरों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए सुनिश्चित करेगी।