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गौरव गोगोई ही एपीसीसी के सही अध्यक्ष: वाजेद अली चौधरी ने अजमल के सुझाव को किया खारिज

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गौरव गोगोई ही एपीसीसी के सही अध्यक्ष: वाजेद अली चौधरी ने अजमल के सुझाव को किया खारिज

सारांश

असम विधानसभा में विपक्ष के नेता वाजेद अली चौधरी ने एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के उस सुझाव को खारिज किया जिसमें रकीबुल हुसैन को एपीसीसी अध्यक्ष बनाने की बात थी। चौधरी ने गौरव गोगोई को सक्षम और उचित नेता बताते हुए कहा कि प्रतिद्वंद्वी दल कांग्रेस के आंतरिक मामलों में दखल देने के अधिकारी नहीं हैं।

मुख्य बातें

वाजेद अली चौधरी ने 23 जून 2026 को गौरव गोगोई को एपीसीसी अध्यक्ष के रूप में उचित और सक्षम नेता बताया।
एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने सुझाया था कि रकीबुल हुसैन को एपीसीसी अध्यक्ष बनाया जाए।
चौधरी ने अजमल की टिप्पणी को कांग्रेस के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप करार दिया।
चौधरी ने दावा किया कि नगांव लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस जीत हासिल करेगी।
असम में कांग्रेस और एआईयूडीएफ दोनों BJP नीत गठबंधन के खिलाफ विपक्षी जगह मजबूत करने में जुटे हैं।

असम विधानसभा में विपक्ष के नेता वाजेद अली चौधरी ने मंगलवार, 23 जून 2026 को गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष गौरव गोगोई का खुलकर बचाव किया। उन्होंने ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के उस सुझाव को सिरे से नकार दिया, जिसमें अजमल ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता रकीबुल हुसैन को एपीसीसी अध्यक्ष बनाए जाने की वकालत की थी।

चौधरी का स्पष्ट रुख

चौधरी ने कहा, 'गौरव गोगोई एक सक्षम नेता हैं। गौरव गोगोई हैं और आगे भी बने रहेंगे। कांग्रेस कोई मुस्लिम लीग नहीं, बल्कि एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। बदरुद्दीन अजमल को गौरव गोगोई या कांग्रेस नेतृत्व से जुड़े मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।' उन्होंने अजमल की टिप्पणियों को कांग्रेस के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप करार दिया।

अजमल का सुझाव और उसकी पृष्ठभूमि

एक दिन पहले एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने सुझाव दिया था कि धुबरी से लोकसभा सांसद रकीबुल हुसैन को गौरव गोगोई की जगह एपीसीसी अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। अजमल का तर्क था कि हुसैन का लंबा राजनीतिक अनुभव, संगठनात्मक क्षमता और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ आगामी चुनावी चुनौतियों में कांग्रेस को अधिक मजबूत बना सकती है।

कांग्रेस संगठन पर चौधरी का दावा

चौधरी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस संगठन से जुड़े फैसले पार्टी नेतृत्व ही करेगा और प्रतिद्वंद्वी दलों के नेताओं की राय का कोई विशेष महत्व नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्यभर के कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूदा नेतृत्व के पीछे एकजुट हैं और संगठन को मजबूत बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

नगांव उपचुनाव पर कांग्रेस का दावा

चौधरी ने यह भी कहा कि जब भी नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव होगा, कांग्रेस वहाँ जीत हासिल करेगी। यह दावा ऐसे समय में आया है जब असम में कांग्रेस और एआईयूडीएफ दोनों ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत गठबंधन के खिलाफ विपक्षी राजनीति में अपनी-अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश में हैं।

असम की राजनीति में नई बहस

गौरतलब है कि चौधरी और अजमल के बीच हुई इस बयानबाजी ने असम की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। आलोचकों का कहना है कि यह विवाद विपक्षी एकता की कमज़ोरियों को उजागर करता है, जबकि BJP राज्य में अपनी पकड़ और मजबूत करने में लगी है। आने वाले समय में एपीसीसी नेतृत्व का प्रश्न असम की विपक्षी राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि असम के विपक्षी समीकरणों में एआईयूडीएफ की अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश भी है। कांग्रेस के लिए यह दोधारी तलवार है — अजमल के सुझाव को स्वीकार करना आंतरिक कमज़ोरी की स्वीकृति होती, और खारिज करना विपक्षी एकता की संभावनाओं को संकुचित करता है। असली सवाल यह है कि क्या एपीसीसी का मौजूदा नेतृत्व आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए पर्याप्त रूप से तैयार है — और इस पर चौधरी की बयानबाजी से अधिक ज़मीनी हकीकत बोलेगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाजेद अली चौधरी ने बदरुद्दीन अजमल के सुझाव को क्यों खारिज किया?
चौधरी ने कहा कि कांग्रेस के संगठनात्मक फैसले पार्टी नेतृत्व का विशेषाधिकार हैं और प्रतिद्वंद्वी दलों के नेताओं को इसमें दखल देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने अजमल की टिप्पणी को अनावश्यक हस्तक्षेप बताया।
बदरुद्दीन अजमल ने रकीबुल हुसैन को एपीसीसी अध्यक्ष बनाने का सुझाव क्यों दिया था?
अजमल का तर्क था कि धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन का लंबा राजनीतिक अनुभव, संगठनात्मक क्षमता और जमीनी पकड़ आगामी चुनावी चुनौतियों में कांग्रेस को मजबूत कर सकती है। उन्होंने यह सुझाव गौरव गोगोई के विकल्प के रूप में दिया था।
गौरव गोगोई वर्तमान में असम कांग्रेस में क्या भूमिका निभाते हैं?
गौरव गोगोई असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष हैं। वाजेद अली चौधरी ने उन्हें असम में कांग्रेस का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त और सक्षम नेता बताया है।
नगांव लोकसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस का क्या रुख है?
चौधरी ने दावा किया कि जब भी नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव होगा, कांग्रेस वहाँ जीत हासिल करेगी। हालांकि उपचुनाव की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
असम में कांग्रेस और एआईयूडीएफ के बीच संबंध कैसे हैं?
दोनों दल BJP नीत गठबंधन के खिलाफ विपक्षी राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन नेतृत्व को लेकर इस ताज़ा विवाद ने उनके बीच तनाव को उजागर किया है। आलोचकों का कहना है कि यह बयानबाजी विपक्षी एकता की कमज़ोरी दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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