8 अगस्त 2026
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तृणमूल अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रमुख मोसरफ हुसैन का इस्तीफा, BJP सरकार से नज़दीकी के संकेत

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तृणमूल अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रमुख मोसरफ हुसैन का इस्तीफा, BJP सरकार से नज़दीकी के संकेत

सारांश

तृणमूल के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रमुख मोसरफ हुसैन ने पद छोड़ा, BJP मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की तारीफ की और बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी से बातचीत स्वीकारी। उत्तर दिनाजपुर के पाँचों में से चार तृणमूल विधायक पहले ही बागी खेमे में जा चुके हैं — हुसैन का यह कदम दल-बदल की उस कड़ी की अगली कहानी है।

मुख्य बातें

मोसरफ हुसैन ने 21 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस के राज्य अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रमुख पद से इस्तीफा दिया।
हुसैन उत्तर दिनाजपुर के इटाहार विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल विधायक हैं।
उन्होंने BJP मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की प्रशंसा की और उनके नेतृत्व में काम करने की इच्छा जताई।
बागी तृणमूल नेता ऋतब्रत बनर्जी से बातचीत हो चुकी है, यह हुसैन ने स्वयं स्वीकार किया।
उत्तर दिनाजपुर के 5 में से 4 तृणमूल विधायक पहले ही बागी खेमे में शामिल हो चुके हैं।
हुसैन के सोमवार को राज्य विधानसभा में BJP सरकार के पहले बजट सत्र में उपस्थित रहने की संभावना है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक और राज्य अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रमुख मोसरफ हुसैन ने रविवार, 21 जून 2026 को पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया। उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार विधानसभा क्षेत्र से विधायक हुसैन ने यह घोषणा अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। यह कदम पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल के भीतर गहराती दरार का ताज़ा संकेत माना जा रहा है।

इस्तीफे की वजह

हुसैन ने आधिकारिक तौर पर अपनी माँ की बीमारी को इस्तीफे का कारण बताया। उन्होंने कहा, 'मेरी माँ कुछ दिन पहले बीमारी के कारण मक्का से घर लौटी हैं। इस हालत में मैं कुछ दिनों से विधानसभा नहीं जा पाया हूँ। इसलिए मैं तृणमूल कांग्रेस के अल्पसंख्यक दल के लिए काम नहीं करना चाहता।' हालाँकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 'राज्य सरकार में बदलाव के कारण मैं अब पहले की तरह काम नहीं कर पा रहा हूँ।'

बागी खेमे से संपर्क की स्वीकृति

हुसैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी माना कि विधानसभा में तृणमूल के बागी गुट से उनके संपर्क हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी से बातचीत हो चुकी है। गौरतलब है कि उत्तर दिनाजपुर जिले के पाँच तृणमूल विधायकों में से चार पहले ही ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी तृणमूल खेमे में शामिल हो चुके हैं — हुसैन का यह कदम उसी दिशा में पाँचवाँ संकेत है।

मुख्यमंत्री अधिकारी की प्रशंसा

हुसैन ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सराहना करते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री एक समय हमारी पार्टी के लिए इस जिले के पर्यवेक्षक थे। तब से हमारे उनके साथ अच्छे संबंध हैं। इस क्षेत्र का विकास करना महत्वपूर्ण है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भविष्य में अधिकारी के नेतृत्व में राज्य के विकास के लिए काम करना चाहते हैं — जो कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के साथ उनकी बढ़ती नज़दीकी का स्पष्ट संकेत है।

बजट सत्र और अनुपस्थिति

शुक्रवार को नई राज्य सरकार के पहले बजट सत्र की शुरुआत के दौरान हुसैन सदन से अनुपस्थित रहे थे, जिसने उनकी पार्टी-निष्ठा पर सवाल खड़े किए थे। अब सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई BJP सरकार का पहला बजट राज्य विधानसभा में पेश होना है। हुसैन ने संकेत दिया कि उस दिन उनके सदन में उपस्थित रहने की संभावना है — यह तथ्य उनके राजनीतिक रुख को और स्पष्ट करता है।

राजनीतिक असर

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता-परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर विखंडन तेज़ हो रहा है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले मूल तृणमूल गुट और ऋतब्रत बनर्जी के बागी धड़े के बीच की खाई अब उत्तर दिनाजपुर जैसे ज़िलों में भी साफ़ दिखने लगी है। हुसैन का यह इस्तीफा आने वाले दिनों में और विधायकों के दल-बदल की संभावना को बल देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह स्पष्ट है कि सत्ता-परिवर्तन के बाद पार्टी-निष्ठा की परीक्षा में तृणमूल इस ज़िले में लगभग शून्य हो चुकी है। ध्यान देने वाली बात यह है कि माँ की बीमारी और 'राज्य सरकार में बदलाव' — दोनों को एक साथ कारण बताना राजनीतिक पलायन को मानवीय आवरण देने की पुरानी रणनीति है, जो मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चुनौती नहीं देती।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोसरफ हुसैन ने तृणमूल का पद क्यों छोड़ा?
मोसरफ हुसैन ने आधिकारिक तौर पर अपनी माँ की बीमारी और राज्य सरकार में बदलाव को कारण बताया। हालाँकि उन्होंने BJP मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की प्रशंसा और बागी तृणमूल नेता ऋतब्रत बनर्जी से बातचीत भी स्वीकार की।
मोसरफ हुसैन कौन हैं और किस क्षेत्र से विधायक हैं?
मोसरफ हुसैन उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के विधायक हैं। वे पार्टी के राज्य अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रमुख भी थे, जिस पद से उन्होंने 21 जून 2026 को इस्तीफा दिया।
ऋतब्रत बनर्जी का बागी तृणमूल गुट क्या है?
ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं और तृणमूल कांग्रेस के उस बागी धड़े का नेतृत्व करते हैं जो ममता बनर्जी के मूल गुट से अलग हो गया है। उत्तर दिनाजपुर के पाँच में से चार तृणमूल विधायक पहले ही इस खेमे में शामिल हो चुके हैं।
पश्चिम बंगाल में अब किसकी सरकार है?
पश्चिम बंगाल में अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है और सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री हैं। नई सरकार का पहला बजट वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सोमवार को राज्य विधानसभा में पेश होना है।
क्या मोसरफ हुसैन तृणमूल विधायक पद से भी इस्तीफा देंगे?
अभी तक उन्होंने केवल पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रमुख के पद से इस्तीफा दिया है, विधायक पद से नहीं। हालाँकि BJP सरकार के बजट सत्र में उनकी उपस्थिति की संभावना और अधिकारी की प्रशंसा यह संकेत देती है कि उनका राजनीतिक रुख बदल रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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