नेताजी के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने TMC से इस्तीफा दिया, सिर्फ चार महीने में छोड़ी पार्टी
सारांश
मुख्य बातें
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने सोमवार, 3 अगस्त 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया — यह पार्टी उन्होंने महज चार महीने पहले जॉइन की थी। TMC प्रमुख ममता बनर्जी को लिखे अपने इस्तीफे के पत्र में उन्होंने 'निजी कारणों' का हवाला दिया।
इस्तीफे का ब्यौरा
अपने त्यागपत्र में चंद्र कुमार बोस ने लिखा, 'मैं व्यक्तिगत कारणों से तत्काल प्रभाव से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूँ। मैं आपको और एआईटीसी को भविष्य के सभी प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ देता हूँ।' उन्होंने किसी भी गुट का पक्ष लेने के बजाय पार्टी से पूरी तरह अलग होने का निर्णय लिया।
TMC में शामिल होने की पृष्ठभूमि
12 अप्रैल 2026 को तृणमूल भवन में राज्य विधानसभा चुनाव से पहले चंद्र कुमार बोस को आधिकारिक तौर पर TMC में शामिल किया गया था। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़कर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में आए थे और उन्होंने BJP में जाने के अपने पुराने फैसले को खुलेआम 'गलती' करार दिया था। इससे पहले, स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के तहत बुलाए जाने के बाद वे केंद्र में BJP से निराश हो गए थे और उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह सवाल उठाया था कि स्वतंत्रता सेनानी नेताजी के प्रपौत्र होने के बावजूद उनकी नागरिकता पर संदेह क्यों किया जा रहा है।
TMC में आंतरिक टकराव की भूमिका
गौरतलब है कि राज्य में सरकार बदलने के बाद तृणमूल कांग्रेस में बड़ी फूट पड़ गई है। पार्टी का बड़ा धड़ा राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी विधायकों के खेमे में शामिल हो गया है। इस परिस्थिति में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब TMC के मूल, लेकिन अल्पसंख्यक गुट का नेतृत्व कर रही हैं। विश्लेषकों के अनुसार, चंद्र कुमार बोस का यह निर्णय पार्टी की आंतरिक उथल-पुथल से भी जुड़ा हो सकता है, हालाँकि उन्होंने आधिकारिक रूप से केवल निजी कारणों का उल्लेख किया है।
राजनीतिक सफर: BJP से TMC और अब बाहर
चंद्र कुमार बोस 2016 में हावड़ा में एक रैली के दौरान वरिष्ठ नेता अमित शाह की उपस्थिति में BJP में शामिल हुए थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कोलकाता दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से BJP उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन TMC उम्मीदवार माला रॉय से पराजित हुए। चुनाव के बाद वे BJP से धीरे-धीरे दूर होते गए और 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सक्रिय राजनीति से लगभग अनुपस्थित रहे।
आगे की राह
चंद्र कुमार बोस ने अभी तक किसी नई पार्टी में शामिल होने या राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई संकेत नहीं दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC की आंतरिक दरारें गहरी होती जा रही हैं और विपक्षी खेमे में पुनर्गठन की कोशिशें तेज हैं।