3 अगस्त 2026
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नेताजी के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने TMC से इस्तीफा दिया, सिर्फ चार महीने में छोड़ी पार्टी

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नेताजी के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने TMC से इस्तीफा दिया, सिर्फ चार महीने में छोड़ी पार्टी

सारांश

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने TMC जॉइन करने के सिर्फ चार महीने बाद इस्तीफा दे दिया। BJP से TMC तक का उनका सफर अब फिर अधर में है — और यह TMC की बढ़ती आंतरिक दरारों के बीच एक और झटका है।

मुख्य बातें

चंद्र कुमार बोस ने 3 अगस्त 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया।
उन्होंने 12 अप्रैल 2026 को BJP छोड़कर TMC जॉइन की थी — महज चार महीने पहले।
इस्तीफे में 'निजी कारणों' का हवाला दिया; किसी गुट का साथ देने से इनकार किया।
TMC में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में बागी विधायकों की बड़ी फूट के बीच यह फैसला आया।
2019 लोकसभा चुनाव में वे कोलकाता दक्षिण से BJP उम्मीदवार के रूप में माला रॉय से हार गए थे।
अब तक किसी नई पार्टी में शामिल होने का कोई संकेत नहीं।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने सोमवार, 3 अगस्त 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया — यह पार्टी उन्होंने महज चार महीने पहले जॉइन की थी। TMC प्रमुख ममता बनर्जी को लिखे अपने इस्तीफे के पत्र में उन्होंने 'निजी कारणों' का हवाला दिया।

इस्तीफे का ब्यौरा

अपने त्यागपत्र में चंद्र कुमार बोस ने लिखा, 'मैं व्यक्तिगत कारणों से तत्काल प्रभाव से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूँ। मैं आपको और एआईटीसी को भविष्य के सभी प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ देता हूँ।' उन्होंने किसी भी गुट का पक्ष लेने के बजाय पार्टी से पूरी तरह अलग होने का निर्णय लिया।

TMC में शामिल होने की पृष्ठभूमि

12 अप्रैल 2026 को तृणमूल भवन में राज्य विधानसभा चुनाव से पहले चंद्र कुमार बोस को आधिकारिक तौर पर TMC में शामिल किया गया था। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़कर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में आए थे और उन्होंने BJP में जाने के अपने पुराने फैसले को खुलेआम 'गलती' करार दिया था। इससे पहले, स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के तहत बुलाए जाने के बाद वे केंद्र में BJP से निराश हो गए थे और उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह सवाल उठाया था कि स्वतंत्रता सेनानी नेताजी के प्रपौत्र होने के बावजूद उनकी नागरिकता पर संदेह क्यों किया जा रहा है।

TMC में आंतरिक टकराव की भूमिका

गौरतलब है कि राज्य में सरकार बदलने के बाद तृणमूल कांग्रेस में बड़ी फूट पड़ गई है। पार्टी का बड़ा धड़ा राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी विधायकों के खेमे में शामिल हो गया है। इस परिस्थिति में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब TMC के मूल, लेकिन अल्पसंख्यक गुट का नेतृत्व कर रही हैं। विश्लेषकों के अनुसार, चंद्र कुमार बोस का यह निर्णय पार्टी की आंतरिक उथल-पुथल से भी जुड़ा हो सकता है, हालाँकि उन्होंने आधिकारिक रूप से केवल निजी कारणों का उल्लेख किया है।

राजनीतिक सफर: BJP से TMC और अब बाहर

चंद्र कुमार बोस 2016 में हावड़ा में एक रैली के दौरान वरिष्ठ नेता अमित शाह की उपस्थिति में BJP में शामिल हुए थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कोलकाता दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से BJP उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन TMC उम्मीदवार माला रॉय से पराजित हुए। चुनाव के बाद वे BJP से धीरे-धीरे दूर होते गए और 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सक्रिय राजनीति से लगभग अनुपस्थित रहे।

आगे की राह

चंद्र कुमार बोस ने अभी तक किसी नई पार्टी में शामिल होने या राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई संकेत नहीं दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC की आंतरिक दरारें गहरी होती जा रही हैं और विपक्षी खेमे में पुनर्गठन की कोशिशें तेज हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि BJP और TMC दोनों ही उनके वंशज को थामे नहीं रख सके। बोस का 'निजी कारण' वाला बयान सुविधाजनक रूप से अस्पष्ट है — यह स्पष्ट नहीं करता कि क्या वे TMC की आंतरिक लड़ाई से दूर भाग रहे हैं या किसी नई राजनीतिक पारी की तैयारी कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में जहाँ विरासत की राजनीति अभी भी वोट खींचती है, वहाँ उनका अगला कदम दिलचस्प होगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्र कुमार बोस ने TMC से इस्तीफा क्यों दिया?
चंद्र कुमार बोस ने ममता बनर्जी को लिखे पत्र में 'निजी कारणों' का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से TMC की प्राथमिक सदस्यता छोड़ दी। उन्होंने TMC में चल रही आंतरिक फूट के किसी भी गुट का साथ देने से भी इनकार किया।
चंद्र कुमार बोस ने TMC कब जॉइन की थी?
उन्होंने 12 अप्रैल 2026 को तृणमूल भवन में आधिकारिक तौर पर TMC की सदस्यता ली थी — इस्तीफे से महज चार महीने पहले। वे BJP छोड़कर TMC में आए थे और BJP में जाने के फैसले को 'गलती' बता चुके थे।
चंद्र कुमार बोस का राजनीतिक इतिहास क्या है?
चंद्र कुमार बोस 2016 में हावड़ा रैली में अमित शाह की उपस्थिति में BJP में शामिल हुए थे। 2019 में कोलकाता दक्षिण से लोकसभा चुनाव लड़े लेकिन माला रॉय से हार गए। 2021 के बाद सक्रिय राजनीति से दूर रहे, फिर 2026 में TMC जॉइन की और अब वहाँ से भी इस्तीफा दे दिया।
TMC में आंतरिक फूट का क्या मामला है?
राज्य में सरकार बदलने के बाद TMC में बड़ी दरार आई है। पार्टी का अधिकांश धड़ा विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी विधायकों के खेमे में चला गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब TMC के मूल लेकिन अल्पसंख्यक गुट का नेतृत्व कर रही हैं।
चंद्र कुमार बोस नेताजी से किस प्रकार संबंधित हैं?
चंद्र कुमार बोस स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्रीय नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र हैं। इसी पारिवारिक विरासत के कारण उनकी राजनीतिक पहचान हमेशा चर्चा में रही है।
राष्ट्र प्रेस
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